अमृत सरोवरों का निर्माण जल संरक्षण, भूजल स्तर सुधार और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन चुका है। जल स्रोतों के पुनर्जीवन से खेती, पर्यावरण को लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी समान महत्व दे रहा है।
#UPPrakritiSePragati 💧
जब विकास और पर्यावरण साथ चलते हैं, तभी स्थायी प्रगति संभव होती है। उत्तर प्रदेश ने 35 करोड़ पौधरोपण, स्वच्छ ऊर्जा के और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर यही उदाहरण प्रस्तुत किया है यह अभियान हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।
#UPKaGreenSignature
उत्तर प्रदेश का बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, ज़मीनी स्तर पर दिखता है। निवेश, रोजगार, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और स्टार्टअप संस्कृति ने प्रदेश को देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया है। #BIMARUSeBulandUP
टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र।
@myogiadityanath जी की सरकारी एजेंसियों का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है और इन दोषियों को अदालत के माध्यम से कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश में अब किसी भी स्तर पर लुटखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि जनभावनाओं और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों का अंजाम बेहद बुरा होगा। एसआईटी की निष्पक्ष जांच ने भ्रष्टाचारियों को उनके सही ठिकाने पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
आस्था से जुड़ा हर फैसला करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा होता है।
इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पर कार्रवाई जरूरी है।
यही न्याय का मूल सिद्धांत है।
राम मंदिर चंदा घोटाले में SIT का सख्त रुख काम कर रहा है। छोटी मछलियों की गिरफ्तारी के बाद बड़ी मछलियों का इस्तीफा, चंपत राय ने महासचिव पद और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। अब इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होने वाला है।
SIT की जाँच के बाद कई लोगों पर कार्रवाई हुई और अब रिपोर्ट के बाद चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे भी चर्चा का विषय बने हैं। यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि जाँच पूरी होने के बाद जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अरविंद केजरीवाल जी लगातार पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को अपनी बड़ी उपलब्धि बताने का प्रयास करते हैं, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में बदलाव किसी एक व्यक्ति या एक जनता अब केवल दावों को नहीं सुनती, बल्कि यह भी देखती है कि किसी उपलब्धि की वास्तविक नींव कब और किसके प्रयासों से रखी गई थी।
दिल्ली के समग्र शिक्षा अभियान और वोकेशनल शिक्षकों के लिए भाजपा सरकार का फैसला शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षकों के जीवन स्तर को उठाना भाजपा सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए दिल्ली के समस्त शिक्षक वर्ग भाजपा सरकार का अभिनंदन करते हैं।
“हर घर रोशन” मिशन के तहत प्रदेश में 165 लाख नए बिजली कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे लाखों परिवारों के जीवन में बदलाव आया है। “झटपट पोर्टल” के माध्यम से कनेक्शन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाकर बिजली को हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य साकार किया गया है।
विधानसभा की पवित्रता को भंग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान नशे में डूबे हुए सदन पहुंचे। यह दृश्य देखकर हर पंजाबी का सिर शर्म से झुक गया है। जो व्यक्ति नशे में लिप्त हो, वह पंजाब को नशा मुक्त कैसे कर सकता है? केजरीवाल की राजनीति ने पंजाब को तबाही की कगार पर ला खड़ा किया है। नशाखोरी और भ्रष्टाचार इस सरकार के मूल मंत्र बन गए हैं। पंजाब के भविष्य के लिए अब संघर्ष जरूरी है।
भगवंत मान का बार-बार नशे में सार्वजनिक रूप से विधानसभा जैसे गरिमामयी स्थान पर शराब के नशे में आना लोकतंत्र का अपमान है। केजरीवाल ने पंजाब को नशे की राजधानी बनाने की जो ठानी है,2027 के चुनाव में इन भ्रष्टाचार के सौदागरों को अपनी करनी का फल भुगतना पड़ेगा। पंजाब अब बदलाव चाहता है।
दिल्ली में पारा चढ़ने के साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी की 'जलदूत' योजना ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। बसों में मुफ्त पानी वितरण का यह कार्य भाजपा सरकार की जन-केंद्रित राजनीति का हिस्सा है। ठोस काम करके आम जनता के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
जो लोग कल तक दूसरों के इस्तीफे मांगते थे, आज वे खुद आरोपों के घेरे में होने के बावजूद कुर्सी से चिपके हैं। स्वराज की बातों से लेकर शराब घोटाले के आरोपों तक, यह सफर अब जब कानून का शिकंजा कस रहा है, तो सत्याग्रह का सहारा लेना केवल एक राजनीतिक ढोंग के अलावा कुछ भी नहीं है।
दिल्ली में बढ़ते तापमान के बीच मुख्यमंत्री रेखा जी का 'जलदूत' अभियान एक ठंडी फुहार जैसा है। बसों में यात्रियों को मुफ्त पानी पिलाना सरकार की संवेदनशीलता का परिचायक है। जनता की सुख-सुविधा उनकी पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री जी का यह कदम सचमुच दिल्लीवासियों के लिए गर्व का विषय है।
'जलदूत' सेवा दिल्ली के यात्रियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने भीषण गर्मी को देखते हुए DTC बसों में मुफ्त पानी का जो प्रबंध किया है, वह काबिले तारीफ है। यह भाजपा सरकार की संवेदनशील और जनहितकारी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है। सरकार की यह तत्परता बताती है कि उनके लिए आम जन की सुविधा और स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।