सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
बेगूसराय से एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए पटना में साथ लाया,रात को ठहरने के लिए एक होटल में कमरा बुक किया,जब रात को कमरे में बेटी सो रही थी और पिता भी तो एक अंजान शख्स कमरे में घुसकर बेटी को उठाकर ले जाने की कोशिश करता है,उसी बीच पिता उठा और हल्ला किया तो वो शख्स भाग निकला...लेकिन सोचिए पटना में होटल में रात में रूकना कितना भयावह है,अब उस बच्ची और पिता का क्या होगा ? ये भी हो सकता है कि पटना पुलिस इस मामले पर पर्दा डालकर कोई दूसरी कहानी न बना दे,अगर पुलिस-प्रशासन राजधानी पटना को भयमुक्त बनाना चाहती है तो तुरंत इस होटल पर बुलडोजर चलाकर इसे मिट्टी में मिला देना चाहिए!
@bihar_police@PatnaPolice24x7
सर @samrat4bjp, आपसे विनती है की ऐसे अपराधी को ऐसी सजा दीजिए की दुबारा कोई सपने में भी ना सोचे ।
इस से शर्मनाक कुछ हो ही नहीं सकता हमारे प्रदेश के लिए।
ये डराने वाली खबर है … जिसने भी ये हिमाक़त किया है उसका HALF नहीं FULL एनकाउंटर होना चाहिए ..!
होटल के कमरे से बाप के सामने बेटी को अगवा करने की कोशिश ..वो भी राजधानी पटना में @bihar_police
जब पानी से सिर से ऊपर बहेगा तो सेना उतरेगी ही…
ITBP जवान विकास सिंह की माँ को साँस की दिक्कत थी लेकिन कानपुर के कृष्णा अस्पताल वालो ने हाथ काट दिया…
बेचारा जवान तीन दिन तक FIR लिखाने के लिए भटकता रहा…
वीडियो में देखिए एक निर्लज्ज पुलिस अफसर कटा हाथ देखने के बाद भी कुछ नहीं करता तो आज ITBP वालों को पुलिस कमिश्नर ऑफिस को मजबूरन घेरना पड़ा…
यूपी के इतिहास में ये शायद पहली ऐसी घटना है !!
सच में हमारा देश बदल रहा है आज के पुलिस वाले मां बहन के ऊपर भी हाथ उठा रहे हैं ।
यह सिर्फ नेताओं का कहना मानते हैं
पुलिस वालों की वर्दी का नशा सर चढ़कर बोल रहा है।
यह अंधा कानून है......
He should be barred from service for misusing his position
Corruption remains one of the biggest problems in the Indian police system. In many cases, money, political influence, and personal connections can determine how quickly and fairly a case is handled. Ordinary citizens often face delays, while powerful individuals may receive preferential treatment. This weakens public trust and undermines the principle of equal justice for all.
Zero debates on unemployment.
Zero debates on paper leaks.
Zero debates on inflation.
Zero debates on food safety.
Zero debates on the rising fuel crisis.
Zero debates on capital expenditure.
Zero debates on economic development.
Zero debates on R&D, science, and innovation.
Zero debates on education.
Zero debates on women safety
Zero debates on start up culture,
Zero debates on healthcare infrastructure.
And then look at these paid actors busy running government propaganda.
गजब का सिस्टम है भाई.. 🤗🤗
जब टारगेट पूरा करना हो, तो EV क्या... साइकिल का भी PUC कट सकता है..!!
विज्ञान अपनी जगह, पर चालान अपनी जगह.!!🙌
सिस्टम को सलाम.!!! 🫡
असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
और इस बलिदान के बदले मिला क्या?
15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।
खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।
हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
No liquor ban for Babus of Bihar !
Officials of the Patna District Health Committee flout the liquor ban law as if none ever existed..
This is happening at a hotel at RPS More in Patna.
हैलो @AshwiniVaishnaw जी...
"ये देखिए कैसे स्टेशन पर लोगों की नेचुरल मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है"..!
मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर शौचालय जाने के लिए..20,30,40 रूपये तक वसूले जा रहे है..!
रील बनाने के बहाने ही कभी यहां आकर निरीक्षण कर लीजिए...!
CHINA IS MORE DEMOCRATIC THAN INDIA
51% of all the expenditures by the governments in China is spent by the local governments at the local level
Whereas in India, only 3% is spent by the local governments. The lowest in the world. THE LOWEST IN THE WORLD.