पांडवाज बैंड के गीत चला फुलारी जैसे अनेक लोकगीतों एवं उत्तराखंड की संस्कृति में विशिष्ट योगदान के बावजूद भी इस ग्रुप को अपने सांस्कृतिक महोत्सव काफल फेस्टिवल के आयोजन हेतु किसी भी सरकारी विभाग, सार्वजनिक संस्थान, व्यापारिक संस्थान आदि से सहयोग न मिलना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
गरीब बेरोजगार छात्र अपने हक के लिए अभी भी परेड ग्राउंड में मौजूद है बारिश हो रही है थोड़ाबहुत खाने का प्रबंध किया गया है लेकिन भविष्य की चिंता और पेपर लीक घटना ने छात्रों को अंदर से तोड़ दिया है यह तस्वीर सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले भविष्य के युवा के लिए भयावह संदेश देती है