वामपंथ और हिंदू विरोधी विचारधारा ने ये अवधारणा बनाया कि प्राचीन समय में महिलाओं को पढ़ने का अधिकार था ही नहीं।
जबकि मैत्रेयी, गार्गी समेत ऐसी कई महिलाएं तो जो महिला सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण रहीं।
@dr_santwana जी ने प्राचीन भारत में भारतीय नारी की स्थिति और गति पर किताब लिखी। अब इस किताब को सम्मान मिला है। 🎉 बधाई
बड़कू ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दिया, मेरे वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, मुझे ब्लैकमेल करता। मेरे माँ-बाप कहीं मुंह दिखाने लायक़ नहीं बचे…..इसलिए मैं आत्महत्या कर रही हूं
ये वीडियो बनाकर BSC टॉपर सृष्टि मिश्रा ने अपनी जान दे दी। MP के पन्ना की इस दर्दनाक घटना पर चारों तरफ़ शांति है….
खैर, आप 370 की बिरयानी पर पोस्ट करते हैं। इंगेजमेंट मिलेगा। किसी परिवार के न्याय से क्या मतलब?
सवर्णों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों को एक बार मायावती जी का यह बयान ज़रूर पढ़ना चाहिए। यही कारण है कि मैं मायावती जी का सम्मान करता हूँ। वे अपने समाज के लोगों के लिए लड़ाई लड़ते समय किसी भी सीमा तक जाती हैं, लेकिन साथ ही समाज में ज़हर घोलने की कोशिश नहीं करतीं।
@Mayawati
इस बुढ़ऊ जिहादी की करतूत देखिए।
एक छोटी लड़की उसकी दुकान पर पान लेने जाती है। बुढ़ऊ पान देने की बजाय उसको गोद में बैठाकर चूमा चाटी करने लगा।
कितने जाहिल लोग है ये
#HitTheCockroach
दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी, ये कतई स्वीकार्य नहीं होगा!
अगर कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, तो समझो कि वो गलती कर रहा है:- CM योगी आदित्यनाथ
ये बहुत हार्ड मैसेज है।
ये कृत्य देश के किसी प्रधानमंत्री ने लोकसभा में नहीं किया होगा जो मोदी कुछ वर्ष पहले लोकसभा में मां की जाति बताकर किया था।
वोट के लिए इस जातिवादी प्रधानमंत्री ने मां को दलित मां, पिछड़ी मा, अगाड़ी मा बना दिया हद है।
कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता के दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल पता है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली बात है ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया है, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई अपवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
ठीक एक घंटे बाद बड़ा खुलासा करूंगा:-
अंजना ओम कश्यप VS यूट्यूब के शिक्षक….कहाँ से शुरू हुई बहस?
कई लोगों को लग रहा होगा पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने शुरुआत की। लेकिन शुरुआत एक शिक्षक ने आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ की।……. इंतज़ार करिए