पेट्रोल-गैस → एथेनॉल → चंदा चोरी → प्याज़ चीनी → चाय-कप → मनुस्मृति → BRICS वेज-नॉनवेज → UPI...
चमचों के अब्बू को कुछ नहीं मिला तो फिर वही पुराना सिलेबस -“वोट चोरी
मेरी सरकार से एक अपील है-
Exam में ChatGPT को compulsory कर दिया जाएः
SC/ST - 30 मिनट
OBC - 15 मिनट
General - पढ़ाई में मेहनत करो!
और अगर कोई नकल करते हुए पकड़ा जाए, तो-
SC/ST - कोई सज़ा नहीं, उल्टा ₹2 लाख का मुआवज़ा
OBC - चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए
General - उम्रकैद !
UGC / SC-ST का विरोध सिर्फ बामन-ठाकुर कर रहे थे... बर्निये नहीं कर रहे थे !
क्यों ?
क्योंकि बनिये के बच्चों को धंधा-बिजनेस करना है,
फिर मोदी जी ने सोचा..
अरे! हमारा प्यारा व्यक्सायी समाज तो हमारी योजनाओं से अछूता रह गया !
फिर हुआ गहन विचार-विमर्श..
और अंत में.
UPI पर टैक्स...
सवर्ण नाराज थे, इसलिए दीया नहीं जलाया, वजह समझ आती है।
पर दलित भाइयों ने दीया क्यों नहीं जलाया ?
अब तो मुआवजा भी ₹12 लाख तक पहुंच गया है!
फिर दीये कम क्यों पड़ गए ?
अगर मैं आरक्षण खत्म करने की ! बात करता हूं! तो कुछ नकली अंबेडकरवादी जाहिल लोग EWS पे ज्ञान देने लगते हैं! अब मैं कैसे उन अनपढ़ों को बताऊ की ! EWS सिर्फ गरीबों को मिलता है! और आरक्षण IAS-IPS की औलादों को भी मिलता
बाग्लादेश में हिंदुआ का हालत।
मरती हुई माँ की आखिरी इच्छा बस यही थी कि वह एक बार अपने बेटे को देख ले।
चिनमय कृष्ण दास को यह मौका भी नहीं मिला; माँ की मौत के बाद उन्हें अंतिम संस्कार करने के लिए सिर्फ़ पाँच घंटे की पैरोल दी गई।
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