@samvidamp@ChouhanShivraj@CMMadhyaPradesh@AmitShah@PMOIndia@aajtak@abpnewshindi संविदा व्यवस्था को अन्याय पूर्ण कहने वाले सी एम ने नई संविदा नीति बनाकर, संविदा कर्मियों के शोषण की खुली छूट दी, मध्यप्रदेश के अधिकारियों को संविदा रूपी कोल्हू का बैल मिला है जिसे वो आगे नही बढ़ने देना चाहते।
सी एम साहब भी अधिकारियों के आगे नतमस्तक है।
मप्र की जनता ने-
भाजपा पर 2003 में भरोसा किया,
-बदले में मिला कुपोषण
भाजपा पर 2008 में भरोसा किया,
-बदले में मिला व्यापम
भाजपा पर 2013 में भरोसा किया,
-बदले में मिली किसान हत्या
अब फिर भाजपा..?
कभी नहीं,
हरगिज नहीं,
जनता अब समझदार है, गुमराह नहीं होगी।
#MPWithCongress
शिवराज और उनकी सरकार ने मध्यप्रदेश की जनता को केवल ठगने और बहलाने का काम किया है।
आज भी मध्यप्रदेश कु जनता रोटी,कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए तरस रही है।
अबकी बार अंधेरा भगाने और कांग्रेस लेन के लिए मतदान होगा ..
#MPWithCongress
@CMMadhyaPradesh मामा जी आप कह रहे कि शिक्षक राज्य कर्मचारी होने से पहले बहुत ही कस्ट में थे जबकि शिक्षक को 10 महीने काम करने पर 25हजार 12 माह तक दिए जाते हैं और स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभाग के संविदा कर्मचारी बारह महीने कार्य करते हैं और मिलता है 8000 या 10000 मात्र तब मामा जी सोचिए हमारी हाल
@OfficeOfKNath मामा जी कह रहे कि शिक्षक राज्य कर्मचारी होने से पहले बहुत ही कस्ट में थे जबकि शिक्षक को 10 महीने काम करने पर 25000 रुपये 12 माह तक दिए जाते हैं और स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभाग के संविदा कर्मचारी बारह महीने कार्य करते हैं और मिलता है 8या 10 हजार मात्र तब मामा जी सोचिए हम कितने
पिछले कई समय से आश्वासन के चलते नियमितीकरण की राह देख रहे ,प्रदेश के 2.5 लाख के करीब संविदाकर्मियों की नियमितीकरण की माँग को नहीं मंज़ूर कर , शिवराज सरकार ने उनके साथ धोखा किया है...
@CMMadhyaPradesh महोदय आज संविदा कर्मचारियों की गई घोषणा का अंतिम दिन ह कृपया समय निकालकर हमारे ओर भी ध्यान देने का कष्ट करें हम सदैव आपके आभारी रहेंगे
60 से 62 वर्ष में सेवानिवृत्ति के निर्णय से युवाओं के अवसर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जितने पद की ज़रूरत होगी, उन पर अलग से नियुक्ति की जायेगी। कार्यरत कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ने से न युवाओं का हक मारा जायेगा और न युवाओं की भर्ती से कर्मचारियों पर प्रभाव पड़े��ा: सीएम
#BarbadSamvida
संविदा की कहानी
😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢
उसे भी आदत थी मेरी रोटी छीन लेने की।
मुझे भी आदत थी आधे पेट सो जाने की।
ये हड़ताल क��ई मेरा शौक न था 😢😢 ।
मजबूरी थी भूखे परिवार के पेट भरने की।
#BarbadSamvida
संविदा की कहानी
😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢
उसे भी आदत थी मेरी रोटी छीन लेने की।
मुझे भी आदत थी आधे पेट सो जाने की।
ये हड़ताल कोई मेरा शौक न था 😢😢 ।
मजबूरी थी भूखे परिवार के पेट भरने की।
मामा जी आपसे बहुत आस है निराशा न करें