@नबाब सिंह धनौता 15
जुल्मी जब जब जुल्म करेगा शासन के गलियारों से
चप्पा चप्पा गूंज उठेगा जय रेस्ला के नारों से
जय_रेसला
जय_रेसला
जय_रेसला
जय_रेसला
जय_रेसला
@ashokgahlot 51
@govinddotasara@MohanSihag24
@sumerkhatana8
नित जीवन के संघर्षों से
जब टूट चुका हो अन्तर्मन
तब सुख के मिले समन्दर का
रह जाता कोई अर्थ नहीं!
उम्मीद करते हैं कि इस बार न्यायशील सरकार 54000 व्याख्याताओ के अंतर्मन व भावना का सम्मान करते हुए शीघ्र ही सही फैसला करेगी। #जय_रेसला@ashokgehlot51@GovindDotasra@SitaramGodara88 r