Rssb मे कर्माचारियों की मीटिंग समाप्त।
आज मीटिंग मे 3rd Grade L-1 के परिणाम का अनुमोदन किया गया। ✅️
3rd Grade L-1 का परिणाम आज शाम चयन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड होगा।।
@shubhankrmishra श्री गणपतसिंह जी राजपुरोहित (सक्सेस प्वाइंट कोचिंग बाड़मेर)
संघर्ष से शिखर तक,जब कभी लोन चुकाने के पैसे नहीं थे वहीं से आज सब युवाओं के आदर्श बनने तक का सफर तय किया है!!@ganpatsingh1
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में OBC आरक्षण के साथ हो रहा निरंतर खिलवाड़ बेहद चिंताजनक है।
LDC भर्ती में 21% के बजाय मात्र 15% आरक्षण देना युवाओं के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। चतुर्थ श्रेणी, वनपाल और द्वितीय श्रेणी भर्तियों में भी इसी तरह नियमों की अनदेखी कर आरक्षित वर्गों के साथ सुनियोजित अन्याय किया गया है।
रोस्टर की आड़ में युवाओं के हक छीनना बंद करे भाजपा सरकार। मुख्यमंत्री जी तत्काल दखल देकर आरक्षण की इन विसंगतियों को दूर करें और युवाओं को न्याय दें।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी लिपिक ग्रेड-|| / कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी में भर्ती परीक्षा (LDC) की हाल ही जारी विज्ञप्ति में वर्गवार पदों का बँटवारा न्यायसंगत नहीं है।
इस भर्ती परीक्षा में OBC वर्ग को 21% की बजाय मात्र 15% आरक्षण दिया गया है जो संवैधानिक नहीं है, यह बेरोजगार युवाओं के साथ कुठाराघात है।
पूर्व में जारी चतुर्थ श्रेणी भर्ती और वन पाल भर्ती में भी OBC वर्ग को 21% आरक्षण नहीं दिया गया था।
इसी तरह RPSC 2nd ग्रेड शिक्षक भर्ती 2024 की जारी संशोधित विज्ञप्ति में गणित विषय में 538 पदों के बंटवारे में मात्र 9% आरक्षण मिला है।
रोस्टर के नाम पर आरक्षित वर्गों के साथ यह अन्याय कब तक चलेगा? युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक किया जाएगा?
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी से अनुरोध है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित हल निकलवाएँ तथा इस मामले की संपूर्ण जाँच करवाई जाए।
कड़वा सच:
राजस्थान के OBC वर्ग के साथ बार बार छलावा का मुख्य कारण खुद OBC वर्ग ही है।
OBC वर्ग का सामान्य से चयनित अभ्यर्थियों को आगे चलकर OBC में ही माना जाता है इसलिए रोस्टर में OBC के पद कम निकल रहे हैं।
RSSB अध्यक्ष साहब आप CET 2025 का आयोजन ना कर सकें यह बेरोजगारों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है कम से कम इन को सांत्वना और सच्चाई बताते की इस कारण हम CET का आयोजन नहीं कर सकें।
हालांकि आप एक कान से सुनकर दुसरे से निकाल रहें हैं यह बहुत निराशाजनक है।
आपकी हम बहुत रिस्पेक्ट करते हैं परंतु ऐसा नहीं करना चाहिए था। @alokrajRSSB
1.5 साल पहले जिस CET एग्जाम का आयोजन किया गया था उस परीक्षा में बहुत से बेरोजगार किसी वजह से परीक्षा से वंचित हो गए थे ।
जो CET परीक्षा 2025 में होनी थी उसे भाई रद्द कर दिया गया ।
अब जो LDC का एग्जाम होगा वो 2024 वाली CET के आधार पर होगा ।
जिन्होंने किसी कारणवश CET नहीं दिया उनको मौका नहीं दिया जायेगा।
इसलिए सरकार से निवेदन है कि बेरोजगार अभ्यर्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए कुछ ऐसा संशोधन किया जाए जिस से ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारों का भला हो सके।
@alokrajRSSB@Radhemahwa@saten_08@JaatMohit001
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष महोदय का यह कथन कि “भर्ती परीक्षाओं में क्वालिफाई होने के लिए मूल किताबें पढ़नी होंगी, शॉर्टकट से पेपर हल नहीं होगा” — सुनने में जितना आदर्श लगता है, ज़मीनी हकीकत में उतना ही उलझा हुआ है।
आयोग का मानना है कि अभ्यर्थी गाइड, शॉर्टकट और कोचिंग नोट्स के भरोसे परीक्षा पास करना चाहते हैं, जबकि प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय स्तर की मूल पुस्तकों से बनाए जा रहे हैं।
महोदय, नीयत पर सवाल नहीं है, व्यवस्था पर सवाल है।
“मूल किताबें” आखिर हैं कौन-सी?
क्या राजनीति विज्ञान की 10-15 किताबें?
या फिर दिल्ली, इलाहाबाद, हैदराबाद और जयपुर विश्वविद्यालयों की सभी संदर्भ पुस्तकें?
👉 अगर कोचिंग संस्थान शॉर्टकट बेच रहे हैं,
तो आयोग ने आज तक—
कोई official booklist क्यों जारी नहीं करते ?
कृपया syllabus के साथ यह भी स्पष्ट कर दीजिए कि—
✔️ किन 10-15 पुस्तकों से प्रश्न पूछे जाएंगे
क्योंकि 100 किताबें पढ़ना न तो संभव है और न ही वैज्ञानिक।
महोदय,अभ्यर्थी मेहनत से नहीं भाग रहा,
वह अस्पष्टता से डर रहा है।
जब रास्ता साफ होगा,
तो परिणाम अपने-आप सुधरेंगे।
कृपया मूल किताबों की सूची भी syllabus के साथ वेबसाइट पर डाल दीजिए—
ताकि परीक्षा तैयारी ज्ञान की हो, जुआ नहीं।
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