Teachers Federation of India के बैनर तले देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लाखों शिक्षकों ने रामलीला मैदान दिल्ली पहुँच कर बता दिया कि शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जायेगा ।रैली में उपस्थित सभी शिक्षकों ने साफ़ कहा कि भर्ती के समय सरकार द्वारा जो भी नियम और योग्यता निर्धारित की उसे अर्जित करने के बाद ही सभी शिक्षक नियुक्ति पाये है ।सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपा जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई इसलिए उसकी सेवा शर्तों की सुरक्षा का दायित्व भी सरकार का है ।फेडरेशन ने माँग की कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के retrospective effect को समाप्त करने के लिये क़ानून बनाए ।
रैली के मुख्य अतिथि मा सांसद श्री जगदंबिका पाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा हम देश के शिक्षकों की आबाज को देश यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाएँगे और शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जायेगा ।
हम देश भर से आये सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं ।
#NoTetBeforeRteAct
@narendramodi@jagdambikapalmp@dpradhanbjp@AmitShah@PMOIndia
#JusticeForTeachers जब हम सेवा में आए थे तो उस समय की सेवा सम्बन्धी सभी अहर्ताएं पूरी की थी । 2010 में सभी शिक्षकों को टेट क्वालिफाई करने का नियम लाया गया , 45 से 56 वर्ष की उम्र में शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए टेट परीक्षा उत्तीर्ण करने का आदेश अमानवीय है ।