सौ बातों की एक बात यह है कि समाज की जाजम कमजोर पड़ चुकी है और सामाजिक भय पूरी तरह खत्म होता जा रहा है.! तब ही तो कहीं खुलेआम गोली मारी जाती है, कहीं मॉब लिंचिंग की जाती है और कहीं हमारी बहन-बेटियों की हत्या कर दी जाती है.! जब समाज अन्याय पर एकजुट होकर खड़ा होना छोड़ देता है, तब अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं.! अगर अब भी हम नहीं चेते, तो यह पतन हमें और गहरे गर्त की ओर ले जाएगा.!
मंत्री जी ! सिपाही था तो कर दिया,बड़ा आदमी होता तो आपकी हैसियत नहीं होती इस बदतमीजी की। गर्मी में सिपाही ने AC चला लिया तो गुनाह हो गया? कैमरे पर उसकी नुमाइश चल रही है।
CM @BhajanlalBjp जी! अपने मंत्री का तरीक़ा तो देख लिया होगा, सिपाही के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं तो जनता ?
राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल से लेकर SHO सभी को कुछ मंत्री कमजोर समझकर गलती कर रहे हैं।
आज राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल हो या SHO इन मंत्रियों की गाली सुन रहा है इसके पीछे पुलिस विभाग के बड़े बड़े अधिकारी की कमजोरी है।
राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल हैंड कांस्टेबल SHO को ऐसे मंत्री गाली देते हैं अब आम जनता इन मंत्रियों का ईलाज करेगी।
सभी लिखें ✌️✌️🤟
#stand_with_rajasthan_police
नयागांव धूनी, वजीरपुर (गंगापुर सिटी) में 24 मई को पाँचना बाँध के पानी को नहरों के माध्यम से कमांड एरिया के गाँवों तक पहुँचाने हेतु राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए शासन-प्रशासन को चेतावनी स्वरूप महापंचायत आयोजित की जा रही है.! इस महापंचायत में शिरकत करके इसे सफल बनायें.! इंकलाब जिंदाबाद.!
राजनीतिक पार्टियों को नेता नहीं गुलाम चाहिए।
राजस्थान विश्वविद्यालय से पहले दलित अध्यक्ष भाई विनोद जाखड़ को NSUI प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है।
विनोद जाखड़ राजनीति के साथ-साथ समाज के मुद्दों पर प्रमुखता से लड़ता है।
@VinodJakharIN
अमायरा के परिवार को सरकार की तरफ़ से नीरजा मोदी स्कूल पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
लेकिन अमायरा के पिता विजय मीणा जी का स्पष्ट कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
हमारी ओर से फिलहाल 2 दिसंबर को प्रस्तावित धरना स्थगित किया गया है।
मैं पूरी मजबूती के साथ परिवार के साथ खड़ा हूँ—अगर अमायरा को जल्द न्याय नहीं मिला, तो जिस दिन अमायरा का परिवार संकेत देगा, उसी दिन नीरजा मोदी स्कूल को बंद कर दिया जाएगा।
हम सरकार को कुछ समय और दे रहे हैं,
लेकिन अगर नीरजा मोदी स्कूल पर जल्द और सख़्त कार्रवाई नहीं हुई,
तो यह लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़ी जाएगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO@madandilawar
मैं राजस्थान विश्वविद्यालय से दलित समाज का पहला निर्दलीय अध्यक्ष बना और इसमें सबसे बड़ा योगदान हमारे बड़े भाई #नरेश_मीणा का रहा है!
नरेश भाई को जहाँ भी ज़रूरत पड़ेगी, वहाँ उसका छोटा भाई विनोद झाखड़ उसके साथ मज़बूती से खड़ा मिलेगा।
:- विनोद जाखड़
@VinodJakharIN
हिमांशु धाकड़ की हत्या — न्याय कहाँ है राजस्थान सरकार?
मंत्री हीरालाल नागर के एस्कॉर्ट वाहन से गरीब किसान परिवार के इकलौते बेटे हिमांशु धाकड़ की मौत हो गई। परिवार दो बार SDM को ज्ञापन दे चुका है, लेकिन सरकार अब तक मौन है।
क्या यही आपकी संवेदनशीलता है?
परिवार जनों की माँगें है..
— परिवार को ₹50 लाख मुआवज़ा
— परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो हम सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे — और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी।
अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो मैं स्वयं पीड़ित परिवार से मिलकर इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ूँगा।
इंक़लाब ज़िंदाबाद! @BhajanlalBjp@RajCMO@hanumanbeniwal
राजस्थान सरकार के मंत्री हीरालाल नागर के एस्कॉर्ट में चल रहे वाहन से देवली के पास गोपीपुरा निवासी हिमांशु धाकड़ पुत्र श्री शिशुपाल धाकड़ की मृत्यु हो गई थी जो की गरीब किसान परिवार है, हिमांशु 5 बहनो में सबसे छोटा इकलौता भाई था,
1 महिने में 2 बार SDM देवली को ज्ञापन देने के बाद भी इस मामले पर सरकार असंवेदनशील है, सरकार से 50 लाख रुपये व सरकारी नौकरी की मांग है, जल्द से जल्द सरकार परिवार की मांग पूरी करे अन्यथा उग्र आंदोलन किया जायेगा जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार होगी!
@BhajanlalBjp@RajCMO
अगर @NareshMeena__ भाई और युवा साथी मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने पर विचार कर रहे हैं तो हमारे मीणा समाज को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए.! हमें अपने संगठन को मज़बूत बनाना है चाहे उससे कांग्रेस कमज़ोर हो या बीजेपी; हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए.! जैसे जाट समाज (RLP), दलित समाज (ASP) और दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी समुदाय (BAP) ने अपना मज़बूत राजनीतिक विकल्प खड़ा किया है; वैसे ही हमें भी तीसरे मोर्चे का स्वागत करना चाहिए, ना कि उससे डरना चाहिए.!
साथ में एक बात स्पष्ट तौर पर समझनी होगी कि जो भी तीसरा मोर्चा बने, उस पर संगठनात्मक और वैचारिक स्तर पर वास्तविक काम हो, सिर्फ़ राजपा की तरह खानापूर्ति ना हो.! अगर वास्तव में राजपा ने ईमानदारी से संगठन बनाया होता, तो राजस्थान की जनता आज राजपा रूपी एक मज़बूत तीसरे विकल्प के साथ खड़ी होती.!
जोहार.! जय भीम.! इंकलाब ज़िंदाबाद.!