Strongly Sanatani Hindu .जब क्रूर और अनैतिक शक्तियाँ सत्य एवं धर्म का समूल नाश करने के लिए आक्रमण कर रही हों,तो नैतिकता अर्थहीन हो जाती है Jai Shri Ram.
काँग्रेसी बहरूपिये
कांग्रेस के मनीष तिवारी जी का गज़ब परिचय:
नाम - मनीष तिवारी (धर्म कैथोलिक क्रिश्चियन)
पत्नी का नाम - नाज़मीन शफ़ा ( मुसलमान )
पिता का नाम - डॉ. वी एन तिवारी ( हिन्दू )
माता का नाम - डॉ. अमृत कौर ( पंजाबी )
दादा का नाम - सरदार तीरथ सिंह ( पंजाबी )
अब आपको इनका नकली गांधी परिवार से मेल मिलाप का राज समझ में आ गया होगा
😡 😡
जब इसका दादा पंजाबी है तो बाप तिवारी कैसे हो गया*???
भाई कुछ तो गड़बड़ है।
इतना मिक्स्चर तो हल्दीराम की नमकीन में भी नहीं देखने को मिलता
😂
आज तक हाजी अली, अजमेर शरीफ, निज़ामुद्दीन, जामा मस्जिद सहित सभी मस्जिदों और चर्चों का ऑडिट क्यों नहीं हुआ? वहाँ आने वाले चढ़ावे का हिसाब कौन देगा?
जब देश में बहुसंख्यक समाज के मंदिरों और उनके चढ़ावे पर सरकारों का नियंत्रण हो सकता है, तो फिर अन्य धार्मिक स्थलों को इस पारदर्शिता से बाहर क्यों रखा गया है? कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। अगर एक जगह ऑडिट होता है, तो हर इबादतगाह और चर्च के खजाने का भी पूरा ऑडिट होना चाहिए और वह पैसा भी राष्ट्र निर्माण में लगना चाहिए। 🇮🇳🚩👇
#EqualLaws #FreeTemples #AuditAllReligiousPlaces #StopSpiritualBias #SanatanDharma
सोचिए, जिनके वजह से सच में भारत को आज़ादी मिली.. उनके पास विमान से ब्रिटेन से 555 सिगरेट मंगवाने का पैसा था लेकिन इनके लिए इलाज का पैसा नहीं था.. सम्मान तो बहुत दूर की बात है..
क्या आपने ध्यान दिया है ?
अचानक मार्केट में एक नया Toolkit सक्रिय हो गया हैं, इनके निशाने पर साधु-संत हैं।
कभी तमिलनाडु में सनातन धर्म के संत जगद्गुरु के आश्रम पर छापा लगाना, कभी गरीबों के लिए कैंसर अस्पताल बनाने वाले बाबा बागेश्वर पर मनगढ़ंत आरोप लगाना! और अब वे प्रेमानंद महाराज पर गंदे और अपमानजनक आरोप लगाना।
ये कोई संयोग नहीं है हैं बल्कि एक संगठित एजेंडा हैं‼️
आज हम आपको तीन नई वजह बताएंगे कि यह टूलकिट ऐसा कर क्यों रही है।
ये हिंदू संत और कथावाचक वही काम कर रहे हैं जो टूलकिट गिरोह को सबसे ज़्यादा खामोश रखता आया है। #धर्मांतरण के रूप में सोशल मीडिया पर इनकी लोकप्रियता इतनी तेज़ी से बढ़ी है कि ये डरे हुए हैं। डर के मारे नफ़रत और झूठ फैलाना इनका हथियार बन गया है।
सनातन के ये प्रहरी संत भारत की सभ्यता, संस्कृति और आस्था को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। ये पश्चिम की चकाचौंध में खोए युवाओं को उनकी सनातन जड़ों से जोड़ते हैं और उन्हें योग, त्योहारों और परंपराओं के फ़ायदे बताते हैं। यही बात इन तथाकथित धर्मनिरपेक्ष गिरोहों को आहत करती है,
जो "भगवा आतंकवाद" का एक नया रूप शुरू करना चाहते हैं।
ये संत बेखौफ होकर "हिंदू हितों" और "राष्ट्रवाद" की बात करते हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो या मंदिरों को बचाने की लड़ाई, ये खुलकर बोलते हैं।
उनके लिए देश धर्म से ऊपर है। उन्हें बदनाम करने की तीसरी और सबसे बड़ी वजह उनका हिंदू होना है,
क्योंकि टूलकिट गैंग का एजेंडा साफ़ है।
टोपी वालों के कुकर्मों पर चुप रहना और बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराध के झूठे आरोप लगाकर साधुओं को बदनाम करना।
कई बार आपने देखा होगा कि अखबार निकलते हैं और सुर्खियाँ छपती हैं।
इन दिनों छागुर बाबा का मामला भी कुछ ऐसा ही है...✍️
‼️असल में एक गैर-हिंदू, लेकिन नाम देखकर पता नहीं चल रहा था कि किस पर 100 करोड़ से ज़्यादा की फंडिंग लेने और हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है‼️
उदारवादी इकोसिस्टम में उस पर सन्नाटा है, कोई कुछ नहीं कह रहा।
लेकिन प्रेमानंद महाराज को बेवजह घसीटा जा रहा है।
उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर, संपादित करके युवाओं के बीच परोसा जा रहा है। ताकि वे अपने साधु-संतों से नफ़रत करने लगें।
वैसे भी, कांग्रेस की मंशा इससे अलग नहीं है। उसका पिछला रिकॉर्ड भी यही बताता है।
नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था।
कांग्रेस के शासनकाल में इंदिरा गांधी ने गौरक्षकों पर गोलियां चलवाईं और धार्मिक संगठनों के प्रमुखों को गिरफ़्तार किया गया।
हर बार हिंदू अस्मिता को निशाना बनाया गया है। समझ लीजिए कि अगर अभी उनकी चाल को नहीं पहचाना गया, तो नफ़रत का यह ज़हर और गहरा होता जाएगा।
#सगंठित_हिन्दू_मजबूत_भारत
देश को बांटने वाले
ईसाई शासकों के तलवे चाटने वाले
सत्ता की मलाई काटने वाले
संघ को नहीं समझ सकते!!
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक वह मूर्धन्य कार्यकर्ता हैं
जो
देश के लिए अनंत सुखों की इच्छा लिए तन मन धन अर्पित कर देते हैं
संघ को समझना है
तो
शाखा आओ!!!
भारत माता की जय!
🙏
युगांडा और नाइजीरिया जैसे असंख्य देशों में सर्वाधिक ईसाईयत मानने वाले क्रिश्चियन लोग हैं जो सैकड़ों वर्षों से आज भी भूखे मर रहे हैं...
इनके सिस्टर मदर और फादर वहां चावल कि बोरियां देने नहीं जाते...
वहां न स्कूल हैं..
ना अस्पताल है...
इनके सिस्टर मदर और फादर वहां स्कूल और अस्पताल नहीं खोलते...
इन धूर्त मिशनरियों को केवल भारत में ही सेवा देनी है...
क्यूं... समझ जाईये और इनसे दूर रहिये
इस ढाबा साहेब लांफेटकर के संविधान से किसी को कोई सजा मिलता नहीं उल्टा केस कई कई सालों तक चलता रहता है,अपराधी जेल में बिरयानी खाते मस्त एंजॉय करते रहता है..👆👺
"अपने बच्ची के, बचाव के लिए हम गुंडे है💪😡,जो भी हमारी बच्ची को गलत नजर से देखेगा, उसका धड़ सर से अलग कर देंगे उसकी हम आँखे नोच लेंगे😡💪
न्याय का इंतजार नही करेंगे, संविधान की बेटी नही है हमारी बेटी है💪
क्या बात कही
दिल जीत लिया भाई तूने👌👌💞💞🙏🙏