राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था गंभीर प्रशासनिक लापरवाही व निष्क्रियता के कारण गर्त में जा रही है। भाजपा सरकार के पास न तो कोई ठोस योजना है, और न ही शिक्षा सुधार की स्पष्ट मंशा।
शिक्षा विभाग 3801 उपप्रधानाचार्यों के पदोन्नति पदस्थापन के लिए अब तक पांच-पांच बार काउंसलिंग स्थगित कर चुका है, जबकि नया सत्र शुरू होने वाला है। हैरानी की बात ये है कि सितंबर 2025 में 11,822 व्याख्याताओं को उपप्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने के बावजूद सरकार आज तक उनका पदस्थापन नहीं कर पाई। नतीजा ये हुआ कि कहीं एक ही स्कूल में 3 से 4 उपप्रधानाचार्य बैठे हैं, तो कहीं कोर्ट स्टे एवं अव्यवस्थित ट्रांसफर के कारण 2-2 प्रधानाचार्य एक ही संस्था में जमे हुए हैं, जबकि प्रदेश के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है।
इतना ही नहीं स्थिति इतनी खराब है कि विभाग में वर्षों से डीपीसी लंबित पड़ी हैं। तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक की 5 डीपीसी, वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की 3 डीपीसी, व्याख्याताओं की अगली पदोन्नति (सत्र 2025-26 से) बकाया है, उपप्रधानाचार्य से प्राचार्य की डीपीसी लंबित है, और साथ ही शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष व प्रबोधकों की कुल 4 डीपीसी अटकी हुई हैं। समसा में इंटरव्यू आधारित पदस्थापन भी अधर में लटका हुआ है।
दूसरी ओर, स्कूलों में हुए हादसों व कोर्ट की फटकार के बाजवूद भाजपा सरकार 3700 जर्जर स्कूल भवनों और 83 हजार कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए कोई ठोस रोडमैप तक पेश नहीं बना पाई है, और न ही आवश्यकतानुसार बजट जारी कर पा रही है।
विडंबना ये है कि जहां स्कूलों में नामांकन बढ़ाने की जरूरत है, वहां भाजपा की #पर्ची_सरकार स्कूलों को मर्ज या बंद करने की दिशा में कदम उठा रही है। सत्र के बीच भ्रष्टाचार और राजनीतिक दुर्भावना से बड़े पैमाने पर ट्रांसफर करने वाले शिक्षा मंत्री जी के पास शिक्षा सुधार के लिए समय तक नहीं है। शिक्षा विभाग की न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
भर्तियों को लेकर भाजपा सरकार 2 साल से युवाओं छलने और जनता को बरगलाने का काम कर रही हैं।
भाजपा की #पर्ची_सरकार 1,01,240 नियुक्तियों का ढोल पीट रही है, जबकि सच्चाई यह है कि इनमें से लगभग 70–75 हज़ार भर्तियां पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की हैं। जिनकी विज्ञप्तियां तक कांग्रेस सरकार में निकली उन पर नया लेबल लगाकर श्रेय लेने का काम कर रही है।ब
इनका दोगलापन देखिए... कांग्रेस के समय भाजपा वाले संविदा का विरोध करते थे, तो हमने उनको नियमित करने के नियम प्रावधान बनाएं, ठेके की नौकरियां बंद की। लेकिन आज भाजपा सरकार स्थायी और नियमित नौकरी देने के बजाय अधिकांश भर्तियों में युवाओं को संविदा नियुक्ति का झुनझुना पकड़ा रही है।
मुख्यमंत्री जी, युवाओं को झूठे वादों और आंकड़ों की बाज़ीगरी नहीं, स्थायी नियुक्तियों की गारंटी चाहिए।
#RajasthanAssembly
@alokrajRSSB महाराज, घोड़े -गधे एक कर दिए हैं.. पेपर का स्तर ऊपर उठाओ ..
2× की कटऑफ 83% गई हे जनरल पटवारी में 1/3 नेगेटिव मार्किंग होने के बाद ....
चिंतनीय बात हे l
बोर्ड की कॉमेंट के पास प्रश्नों की कमी हे क्या ..?
सब रिपीट हो रहे
गुरु शिखर वाले प्रश्न को तो आपके बोर्ड ने गोद ले रखा हैं
@alokrajRSSB महाराज, घोड़े -गधे एक कर दिए हैं.. पेपर का स्तर ऊपर उठाओ ..
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बोर्ड की कॉमेंट के पास प्रश्नों की कमी हे क्या ..?
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