“स्वरलोक” की माँ “सुरलोक” की महायात्रा के लिए प्रस्थान कर गईं।हमारी मंगल-ध्वनियों,हमारी भाव-गंगोत्री को गीत करने वाला कंठ,परम विश्रांति की गोद में सो गया।सरस्वती माँ की आवाज़ अपनी पुण्य-काया को त्यागकर,परमसत्ता के धाम चली गई।स्वरों की ममतामयी माँ तुम हमारे लोककंठ में थीं,हो रहोगी
💐RIP 🙏 legendary #choreographer#SarojKhan ji. She made dance look easy almost like anybody can dance, a huge loss for the industry. May her soul rest in peace 🙏🏻