तोही मोही मोही तोही अंतरु कैसा ॥
कनक कटिक जल तरंग जैसा ॥
अर्थ: (हे परमात्मा!) तेरी मुझसे, मेरी तूझसे (असल) दूरी कैसी है? (वैसी ही है) जैसी सोने और सोने के कड़े की, या पानी ओर पानी की लहरों की है।
संत रविदास जी
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"भोजशाला,मूलतः सरस्वती मंदिर है।धारा नगरी को महलों, मंदिरों, महाविद्यालयों, रंगशालाओं तथा उद्यानों की नगरी और 84 भवन समूहों का अलंकार कहा जाता है।"
परमार राजगुरु एवं कवि श्री मदन
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"हेडगेवार ने अपने सात्विक चरित्र प्रतिबद्धता और साधारण संगठन कौशल से नौजवान क्रांतिकारियों का दिल जीत लिया था और उनके प्रति भक्ति भाव रखने वाले देशभक्तों की एक बड़ी जमात थी।"-क्रांतिकारी हरदास
#युगपुरुष_हेडगेवारजी#VarshaPratipada#vskmalwa
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उपरोक्त हैशटैग पर जाकर सभी पोस्ट करें इस मूवी में chak de india...
बिल्ला no.786
पुराना अब्दुल चाचा जाग गया हैं इसको हमेशा के लिए सुलाना हैं ।
"भोजशाला प्रतिबंधों से मुक्त होनी
चाहिये। वह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।
किसी भी राष्ट्र की जीवंतता उसकी
धरोहरों से होती है और भोजशाला भारत
की उसी गौरवमयी मेधा का ��्रतीक है।"
मुनि तरुणसागर जी महाराज
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देशहित पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। यह हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है और संघ ऐसे कार्य करने वाले सभी लोगों के साथ खड़ा है।
- पूजनीय सरसंघचालक जी
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भोजशाला मूलतः सरस्वती मंदिर है।धारा नगरी को महलों,मंदिरों,महाविद्यालयों, रंगशा���ाओं तथा उद्यानों की नगरी और 84 भवन समूहों का अलंकार कहा जाता है।
- परमार राजवंश शिक्षक श्री मदन की नाट्य रचना से
#भोजशाला
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मैं भविष्यद्रष्टा नहीं हूँ; न मैं उसके लिए चिन्तित हूँ। किन्तु, एक दृश्य मेरे सामने बिल्कुल स्पष्ट है कि हमारी प्राचीन मातृभूमि एक बार पुनः जाग उठी है। वह नवयौवन प्राप्त कर पहले से कहीं अधिक भव्य दीप्ति के साथ अपने सिंहासन पर बैठी हुई है। - स्वामी विवेकानंद
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मनुष्यों के पंथ, पहनावे और भाषा आदि में चाहे जो भी अंतर हो किन्तु वे सभी एक ही तरह की सृष्टि के अंग हैं, इसलिए उनके एक साथ खाने या एक-दूसरे के साथ वैवाहिक संबंध रखने में कोई बुराई नह��ं है।
श्री नारायण गुरु •
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(सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के १००० वर्ष)
"सोमनाथ मंदिर बार-बार नष्ट किया गया और हर बार अपने ही खंडहरों से फिर खड़ा हुआ। पहले की तरह सशक्त-जीवंत। यही राष्ट्रीय मन है, यही राष्ट्रीय जीवन धारा है।"
स्वामी विवेकानंद
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