राजस्थान पुलिस की न्यायोचित मांगें—
✅ कांस्टेबल भर्ती: योग्यता ग्रेजुएशन + कम्प्यूटर सर्टिफिकेट अनिवार्य💫💫
✅ प्रथम ACP: GP 3600 (पटवारी/ग्राम सेवक की तर्ज पर)
✅ DPC से टाइम-स्केल पदोन्नति
✅ आर्म्ड पुलिस कोर एवं अन्य राज्यों की तर्ज पर ASI पद का विलोप
#राजस्थान_पुलिस_डिमांड
जिनका हुवा नहीं तो कहाँ जाये वो पोस्ट के निचे आते है चपरासी लगा है झाड़ू निकालनी पड़ेगी सुनो चमन चुतियो किसान का बेटा हु खेती भी करू भैंस का गोबर भी डालता हु तुम से तो ये भी ना निकली फट के हाथ मे आ गयी कुछ आते है हम्म ldc बन जायँगे यहां बोकते रहे तो बन गए तुम वहा भी हम्म मिलेंगे
SOG का दिल से आभार ..... #RSSB बोर्ड के अंदर जमा #काले_कीड़ों की करामात सबके सामने लाने के लिए ।
👉 #SOG से आग्रह करूंगा .... JEN, जूनियर अकाउंटेंट, पशु परिचर, LDC की पोत सबके सामने लाई जाए ।
👉 ईमानदारी का ऐसा झूठा आवरण जैसे इनसे ईमानदार तो भगवान भी नहीं होगा ..... दो मिनट लेट होने पर परीक्षा सेंटर से भगा देना, परीक्षा हॉल में जनेऊ, मंगलसूत्र, कपड़े, जूते उतरवा लेना ।
👉 कई बच्चों को सेंटर के आगे रोते देखा है, जी बहुत जलता था लेकिन कुछ कर नहीं पाते थे,
👉 कई बार मैंने आवाज उठाई लेकिन ..... नि:शब्द!
जब भी RSSB कोई परीक्षा आयोजित करता है, तब चाहे सीटें कम हों या अधिक, मेरिट लगभग 90% तक पहुँचने की संभावना रहती है। जब 54,000 पदों की 4th grade परीक्षा हुई, तब भी मेरिट लगभग 90% के आसपास रहने की उम्मीद है।
अगर हम पुरानी परीक्षाओं और 4th grade के परिणामों की तुलना करें, तो यह स्पष्ट होता है कि जिन अभ्यर्थियों की VDO, LDC, पटवारी, पुलिस जैसी परीक्षाओं में मेरिट अच्छी थी, उनकी 4th grade में मेरिट और भी बढ़ गई। उदाहरण के लिए, कुछ अभ्यर्थी जिनकी VDO में 4,000 रैंक थी, वे 4th grade में लाख के पार चले गए।
ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ CET के अंतर्गत करवाई जाने वाली परीक्षाओं में मेरिट अच्छी थी, लेकिन 4th grade में वह और भी बढ़ गई। यह दिखाता है कि लगभग 30 से 40% अभ्यर्थी फर्जी रूप से मेरिट में ऊपर लाए गए हैं।
आलोक राज जी, जो RSSB के चेयरमैन हैं, वे कोचिंग वालों से बात करके उन्हें यह कहते हैं कि कुछ भी गड़बड़ी नहीं है, और कोचिंग वाले भी उनकी बातों में आकर मेरिट को जस्टिफाई करने की कोशिश करते हैं। लेकिन वे तथ्यों को नज़रअंदाज़ करते हैं। कोचिंग वाले इतने सालों से पढ़ा रहे हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि मेरिट चाहे कम सीटें हों या अधिक सीटें, पेपर कठिन हो या आसान, फिर भी मेरिट इतनी ऊँची कैसे जा रही है। इससे साफ़ होता है कि कोचिंग वाले भी उनके साथ मिलकर इस गड़बड़ी में शामिल हैं।
और अंत में, मैं तैयारी करने वाले बच्चों से यह भी पूछना चाहता हूँ कि आगे भी परीक्षाएँ होंगी। क्या आप हर बार 90% ला पाएँगे? क्योंकि अब तक हमने देखा है कि चाहे पेपर आसान हो या कठिन, चाहे पोस्ट कम हों या अधिक, मेरिट 90% तक ही पहुँचती है। तो क्या आप भी ऐसा कर पाएँगे? यह सवाल आप सभी से है, और इसके लिए आप सबको साथ मिलकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मज़बूत लड़ाई लड़नी होगी।@BhajanlalBjp@RajCMO@hanumanbeniwal@alokrajRSSB
राजस्थान पुलिस टेलीकॉम मे अंतिम चयन के बाद आज चतुर्थ श्रेणी मे भी चयन हो गया है |
मेहनत ना पहले कम थी ना आज कम है, बस सिस्टम की खामियों के शिकार हुए थे |
खैर, मे पुलिस विभाग ही ज्वाइन करूंगा, आप सभी को शुभकामनाये |❤️
@rohitjat1113@vkjaat139398@kambesh78@SARITA_BISHNOI2