वीडियो बनाओगे,नंगा करूंगा..
यूपी पुलिस के दरोग़ा,जमीन विवाद की जांच करने पहुंचे. पीड़ित ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया. दरोगा बोले वीडियो बनाओगे तो नंगा कर दूंगा! दरोगा जी यूपी के कौशांबी में डायल 112 पर तैनात बताई जा रहे हैं?
राजस्थान से शुरू हुआ सवर्णो का आंदोलन अब दिल्ली की और तेजी से आगे बढ़ेगा
मोदी तुम युद्ध की तैयारी करो, हम युद्ध लङ़ने आ रहें है
नोट;
कांग्रेस कभी अपने कोर वोटर मुस्लिम समुदाय को परेशान या उसके बारे में एक शब्द नही बोलती क्यों कि कांग्रेस को हमेशा ङर रहता है, जो हम विपक्ष में बैठने लायक है तो भी इन्ही वोट बैंक से है विपक्ष में रहते हुए भी अपने कोर वोटर का सम्मान करती है इज्जत करे तो कांग्रेस जैसी पार्टी करे अपने कोर वोटर की
भाजपा का कोर वोटर की इज्जत 😫 रोने जैसी है
भाजपा को जिताए कोर वोटर और बात करें भाजपा उसकी जो उसे वोट ही नही देता 😁
क्योकि भाजपा में ङर नही है क्योकि सवर्ण गुलाम है उसको पता है इसलिए नही ङरती पार्टी
पार्टी की गुलामी मत करो ङराकर रखो जैसे मुस्लिम रखते है कांग्रेस को तब आपकी जीत होगी सवर्णो, चाटुकारिता करना बंद करो
क्या गज़ब हराम... मौजहबी गंदगी है 🚨
उत्तराखण्ड में. मोहम्मद नसीम इन बाइक्स और स्कूटी के सीट कवर्स को ब्लेड से काट रहा है....
पता है क्यों... क्यों कि सामने उसकी पंचर और सीट कवर की दुकान है ✍️
ये शैतानों से भी बदतर हैं.. और कुछ लोग इन्हे इंसान समझने की भूल करते हैं 🚨
ये ममता तिवारी जी हैं जो कि, बिहार में कहीं की रहने वालीं है तथा mamta_tivari8020 नाम से इंस्टाग्राम चलाती हैं। ये तमिल नाडु में कार्य करती हैं जो कि इनके वायरल रील से प्रतीत होता है संग ऐसा लग रहा है ये किसी मुसीबत में हैं अतः @TVKVijayHQ जी से अनुरोध है कृपया संज्ञान लें।
5100 रुपये भेजे और वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देख लिया💔
ये घटना सुन के इंसान की आत्मा रो पड़ेगी😢
मुंबई के बड़े कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता, 74 साल,पिछले 3 साल से सोनीपत के वृद्धाश्रम में थे।
2 साल पहले उनकी पत्नी का भी यहीं निधन हुआ था।
मंगलवार को जब आश्रम ने मौत की सूचना दी,तो उनकी तीनों बेटियों ने जवाब भेजा:"5100 रुपये ऑनलाइन भेज रहे हैं।अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करवा दीजिए।
मुखाग्नि के समय वीडियो कॉल कर दीजिए, हम देख लेंगे।
आश्रम संचालक आनंद कुमार के अनुसार: जिन हाथों ने पाला-पोसा, पढ़ा-लिखाकर टीचर बनाया...आज वो हाथ पिता को कंधा देने नहीं आए।वाह रे मेरे देश के लोगों की सोच 😢
ये तरक्की है?
ऐसे संस्कार किसी बाप ने नहीं दिए होगे?
The rally had permission and was completely peaceful.
Police put up barricades at four points, used water cannons on women, and then lathi-charged women, children, and young men.
Women’s clothes were torn and boys suffered head injuries.
This brutality must be investigated, including the alleged role of three-star officer B.L. Meena.
रात के 3 बजे... गोद में 3 महीने का मासूम बच्चा और पुलिस गाड़ी जब्त कर पति-पत्नी को सड़क पर ही छोड़कर चली गई।
राजस्थान के बारां में मनीष सुमन अपनी पत्नी और 3 महीने के मासूम बच्चे को देवी दर्शन कराने ले जा रहे थे। रात के 3 बजे पुलिस ने उनकी कार रोक ली। कार नई थी। कागज़ घर पर रह गए थे, लेकिन पुलिस ने चोरी का आरोप लगाकर गाड़ी जब्त कर ली।
मनीष ने विनती की – “गाड़ी ले लो, हमें घर तक छोड़ दो।” लेकिन पुलिस ने पति-पत्नी और नन्हे बच्चे को सुनसान सड़क पर ही अकेला छोड़ दिया।
वीडियो बनाने की कोशिश पर धमकाया भी।
कौन कहता है कि मोदी सरकार नहीं झुकती बस झुकाने वाला होना चाहिए...🔥🔥
#Jaipur :- श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महिपाल सिंह मकराना जी के द्वारा सामान्य वर्ग विरोधी #UGCRegulation2026 के विरोध में 800 किलोमीटर लंबी सवर्ण न्याय पदयात्रा निकाला गया जिसको कुचलने के लिए मोदी सरकार के द्वारा सामान्य वर्ग के सदस्यों पर पुलिसिया लाठी चार्ज व वाटर कैनन का प्रयोग किया गया...वाटर कैनन के प्रयोग के चलते पदयात्रा कर रहे देवराज सिंह जी घायल हो गए जिनकी मौत इलाज के दौरान हो गई।
महिपाल सिंह मकराना जी के द्वारा तीन मांगें रखी गई थी शासन के समक्ष...
1.देवराज सिंह जी के हत्यारों पर कार्यवाही
2.पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी जाए
और 3. पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी।
शासन ने महिपाल सिंह मकराना जी के मांगों को मान लिया है... अब मान लीजिए आगे इसी प्रकार से #UGC_RollBack भी होकर ही रहेगा।
#JusticeForDevrajSingh #Rajasthan
देश के साथ इतनी बड़ी गद्दारी फिर भी आंबेडकरवादी मीडिया से यह मुद्दा गायब है,अगर आरोपियों का सरनेम जाटव की जगह शर्मा होता तो आंबेडकरवादी अभी तक आग लगा चुके ।
आरोपियों के नाम इस प्रकार है।
👉उमेश जाटव
👉संजय जाटव
👉धारा जाटव
👉आकाश जाटव
इन चार गद्दारो को अभी हाल में ही राजस्थान के अलवर में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप ने पुलिस ने पकड़ा है।
क्या किसी आंबेडकरवादी मीडिया ने ये खबर अपने पोर्टल या SM हैडल दिखाई ?
झारखंड की खबर आपको मीडिया में नहीं दिखेगी।
भारी बारिश के बीच झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों ने निकाला तिरंगा यात्रा।
कई दिनों से आंधी तूफान बारिश के बीच भी रांची में आंदोलन कर रहे हैं छात्र।
JPSC और JSSC परीक्षा में धांधली के कारण झारखंड के छात्र कर रहे आंदोलन।
आपको शायद पता न हो कि 'Lord Baba Sahab' इतने गरीब थे कि जिस समय भारत की 90% जनता को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती थी, उस समय उनकी तस्वीरें खींचने के लिए फोटोग्राफर विदेश से आते थे।
सूट-बूट, टाई... और वह भी 1896 में..
क्या आपके पास आपके परदादा के पिता की ऐसी कोई फोटो है ?
If the government can provide free coaching to SC/ST/OBC students, why can't it add just 50 more chairs for poor GC students?
Why this blatant discrimination?
ये झारखंड के गरीब छात्र अपने लिए वाटरप्रूफ टेंट का पैसा भी नहीं जुटा पा रहे हैं…न्याय क्या ख़ाक लेंगे!!
करते रहो ऐसे भीगा आंदोलन ,
कोई नहीं सुनेगा तुम्हारी !!
राजपूत बहुत संयमित होकर बोल रहें हैं... क्योंकि CM साहब स्वयं ब्राह्मण समुदाय से आते हैं।
ऐसे में... ब्राह्मणों की जिम्मेदारी बनती है कि अपने समुदाय के CM से सवाल करे...
कल की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए दोषी अधिकारियों पर न्यायोचित कार्रवाई का कहें।🙏
#JusticeForDevrajSingh
पता नहीं सरकारें, चाहे भाजपा की हों, कांग्रेस की हों, या किसी भी दल की, आख़िर कब तक ऐसे मामलों में संवेदनहीन बनी रहेंगी? सत्ता बदलती रहती है, लेकिन आम नागरिक के हिस्से में अक्सर वही पीड़ा, वही अन्याय और वही दमन आता है।
सोशल मीडिया पर हम सभी करणी सेना के प्रदर्शन के कई वीडियो देख ही रहे हैं। देखिए, दिल्ली में भी पुलिस भाजपा की नहीं थी। वहाँ जहाँ पुलिस की कार्रवाई उचित लगी, हमने उसे स्वीकार किया; और जहाँ उसने मर्यादा लांघी, वहाँ उसकी आलोचना भी की। हमने कभी एकतरफ़ा बात नहीं की।
लेकिन करणी सेना के प्रदर्शन में हमें एक भी ऐसा दृश्य नहीं मिला, जहाँ प्रदर्शनकारी किसी व्यक्ति पर हिंसक हमला कर रहे हों। उन्होंने बैरिकेड्स ज़रूर तोड़े, लेकिन केवल बैरिकेड तोड़ देना अपने आप में हिंसा नहीं है। हिंसा तब होती है, जब किसी की जान पर हमला हो, किसी पुलिसकर्मी को पीटा जाए या आगज़नी और तोड़फोड़ से लोगों को नुकसान पहुँचाया जाए।
बैरिकेड्स तब तोड़े गए, जब प्रदर्शनकारियों को लगा कि प्रशासन अपने ही वादे से मुकर गया है। पहले कहा गया था कि आप कलेक्टर कार्यालय तक मार्च करेंगे, ज्ञापन देंगे और शांतिपूर्वक लौट जाएंगे। रास्ते पहले से तय थे। लेकिन उसी तय रास्ते पर अचानक बैरिकेड्स खड़े कर दिए गए। ऐसे में लोगों के भीतर यह भावना आना स्वाभाविक था कि उनके साथ छल हुआ है।
कितनी ही वीडियोज़ में हमने साफ़ देखा कि वहाँ खड़े लोग पुलिस पर हमला नहीं कर रहे थे। वे पुलिस के लिए तत्काल कोई ख़तरा नहीं थे। फिर भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जिस तरह का बल प्रयोग किया गया, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
संलग्न वीडियो में प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक झंडे लेकर आगे बढ़ते दिखते हैं, बिना किसी पत्थरबाज़ी, आगज़नी या पुलिस पर हमले के। इसके बावजूद हुए बल प्रयोग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वॉटर कैनन का अत्यधिक प्रेशर के साथ उपयोग किया गया।
और हमारे बीच… देवराज सिंह पलाड़ा नहीं रहे।
देवराज सिंह, जो ओबीसी समाज से आते थे, उनकी मृत्यु की ख़बर केवल एक समाचार नहीं है। यह एक परिवार का उजड़ जाना है। यह उन सपनों का टूट जाना है, जो शायद उन्होंने अपने घरवालों के साथ मिलकर देखे होंगे। यह उस पीड़ा का नाम है, जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं।
अब सवाल केवल एक व्यक्ति की मृत्यु का नहीं है। सवाल यह है कि क्या इस मौत से कोई सबक लिया जाएगा? क्या इसकी निष्पक्ष जाँच होगी? क्या जवाबदेही तय होगी?
या फिर यह घटना भी कुछ दिनों की सुर्खियाँ बनकर इतिहास के किसी कोने में दबा दी जाएगी? इस पर हमें गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सोचना होगा।
‼️ये नाली साफ करने वाला रोहन पाठक ब्राह्मण है
पर इसी की फोटो दिखाकर
@ambedkariteIND
सहित सारे अंबेडकरवादी लोग
अहीर कुर्मी मुसलमान और टीना डाबी के बच्चों के लिए आरक्षण माग रहे है‼️