#मुहर्रमपर_अल्लाहकबीर_कासंदेश
Baakhabar Sant Rampal Ji
🌙सूरः अश शूरा.42 आयत नं. 1.2 में (कोड वर्ड) सांकेतिक शब्द हैं। उनका ज्ञान किसी मुसलमान को नहीं है जो अहम हैं। आयत नं. 1. :— ''हा. मीम्, अैन. सीन. काफ.
'' ये अक्षर लिखे हैं जो जाप करने का नाम है।
#मुहर्रमपर_अल्लाहकबीर_कासंदेश
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🌙 अल्लाह का आदेश मांस खाने का नहीं है ,कुरआन मजीद में माँस खाने की आज्ञा है, परंतु सृष्टि की उत्पत्ति करने वाले कादर अल्लाह ने बाईबल ग्रंथ में उत्पत्ति विषय के अध्याय में मनुष्यों के खाने के लिए बीज वाले छोटे—छोटे पेड़
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🌙 अल्लाह का आदेश मांस खाने का नहीं है ,कुरआन मजीद में माँस खाने की आज्ञा है, परंतु सृष्टि की उत्पत्ति करने वाले कादर अल्लाह ने बाईबल ग्रंथ में उत्पत्ति विषय के अध्याय में मनुष्यों के खाने के लिए बीज
#मुहर्रमपर_अल्लाहकबीर_कासंदेश
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🌙पवित्र कुरआन मजीद का अमृत ज्ञान पाक आत्मा हजरत मुहम्मद जी को मिला। हजरत मुहम्मद जी थे तो कुरआन का ज्ञान हमारे बीच में है। इसलिए नबी मुहम्मद जी का अनुभव कुरआन मजीद से कम महत्व नहीं रखता।
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🌙पवित्र कुरान में पुनर्जन्म संबंधित प्रकरण
सूरः अल बकरा-2 की आयत नं. 243:-
तुमने उन लोगों के हाल पर भी कुछ विचार किया जो मौत के डर से अपने घर-बार छोड़कर निकले थे और हजारों की तादाद में थे। अल्लाह ने उनसे कहा मर जाओ।
#मुहर्रमपर_अल्लाहकबीर_कासंदेश
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🌙पवित्र कुरान में पुनर्जन्म संबंधित प्रकरण
सूरत-अर रूम-30 की आयत नं. 11:-
अल्लाह पहली बार सृष्टि (खिलकित) को उत्पन्न करता है। फिर उसे दोहराएगा। (पुनरावृत्ति करेगा।)
#अध्यात्म_में_गुरु_का_महत्व
9Days Left Kabir Prakat Diwas
कबीर साहेब लीला
स्वामी रामानंद जी श्री विष्णु जी की मानसिक पूजा करते थे। उस दौरान मूर्ति में माला अटक गई जिसका समाधान भी कबीर परमेश्वर ने स्वामी रामानंद जी को बताया और अपनी समर्थता का परिचय दिया।
भव बंधन से लेऊँ छुड़ाई, निर्मल करूं शरीरा।
सुर नर मुनि कोई भेद न पावै, पावै संत गंभीरा।। बेद-कतेब में भेद ना पूरा, काल जाल जंजाला।
कह कबीर सुनो गुरू रामानन्द, अमर ज्ञान उजाला।।
#अध्यात्म_में_गुरु_का_महत्व
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कबीर परमेश्वर ने स्वामी रामानंद जी को गुरु धारण कर सत्यज्ञान से परिचित कराया जिससे स्वामी रामानंद जी का उद्धार हुआ।
प्रमाण कबीर सागर, अगम निगम बोध पृष्ठ 38,
मेरा नाम कबीरा हूँ जगत गुरू जाहिरा।
तीन लोक में यश है मेरा त्रिकुटी है अस्थाना।
पाँच-तीन हम ही ने किन्हें जातें रचा जिहाना।।
गगन मण्डल में बासा मेरा नौवें कमल प्रमाना।
ब्रह्म बीज हम ही से आया, बनी जो मूर्ति नाना।। संखो लहर मेहर की उपजें, बाजे अनहद बाजा।
गुप्त भेद वाही को देंगे, शरण हमरी आजा।।
#अध्यात्म_में_गुरु_का_महत्व
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स्वामी रामानंद जी को कबीर परमेश्वर ने किस तरह गुरु बनाया उसका वर्णन करते हुए संत गरीबदास जी कहते हैं कि परमेश्वर कबीर जी ने रामानंद के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि रामानंद अधिकार सुनि, जुलहा अक जगदीश|