कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री आवास जैसे अतिसंवेदनशील स्थान को राजनीतिक प्रदर्शन का मंच बनाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध तथा अराजकता के बीच की मर्यादा का पालन भी उतना ही आवश्यक है।
आज भोपाल स्थित रेड क्रॉस हॉस्पिटल से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक विपक्ष की इस निंदनीय राजनीति के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुआ।
कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि देश की जनता हर विषय पर संवाद चाहती है, न कि संवैधानिक संस्थाओं तथा उच्च पदों की गरिमा को चुनौती देने वाले राजनीतिक प्रपंच। दुर्भाग्य से नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जो लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर कर अराजकता का वातावरण निर्मित करने का प्रयास प्रतीत होते हैं।
एक परिवार के चंगुल में फँसकर कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को पूरी तरह तार-तार कर रही है। यदि कांग्रेस अपने इस रवैये में सुधार नहीं करती, तो भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए वैचारिक स्तर पर तथा जनसंघर्ष के माध्यम से उसका मजबूती से प्रतिकार करने के लिए सदैव तैयार है।
इतिहास याद रखेगा कि जब आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा था, तब कांग्रेस का ध्यान जनहित के प्रश्नों के समाधान की बजाय टकराव, भ्रम फैलाने और नकारात्मक राजनीति पर केंद्रित था।
निश्चित ही देश की जागरूक और समझदार जनता लोकतंत्र की मर्यादाओं को भंग करने वालों तथा अराजक राजनीति को बढ़ावा देने वालों को उनकी ओछी राजनीति का करारा जवाब देगी।
#अराजक_काँग्रेस
@narendramodi 🔨 भगवान विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं 🔨
सृजन और कलात्मक रचनाओं के अद्भुत शिल्पकार,
सृष्टि के प्रथम इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा जी
की जयंती पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
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श्री रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए सत्ता का त्याग करने वाले लोकप्रिय जननेता, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल, 'पद्म विभूषण' श्रद्धेय कल्याण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन।
श्रद्धेय कल्याण सिंह जी ने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और हमारे विरासतों की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जीवन दर्शन हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।
@Hkhandelwal1964@narendramodi माननीय जी डिंडोरी जिला में बीईओ एवं कलेक्टर के सांठ गांठ से शिक्षा विभाग ट्रांसफर निति में बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, इनकी जांच हो और जितने भी अधिकारी इसमें लिप्त हो कारवाही होनी चाहिए। @dindoridm
“यह शांति नहीं, यह एक सौदा है”
मेरे लिए मेरे धर्म और मेरे देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है — न मेरा परिवार, न कोई रिश्ता, न कोई पद, और न कोई भय।
मैं किसी राजनीतिक दल का अंधभक्त नहीं हूं, न ही किसी सत्ता की चाटुकारिता करता हूं। मेरे विचार स्वतंत्र हैं, और वही मेरी आत्मा की आवाज़ हैं।
कल जो हुआ, वह मेरे जैसे करोड़ों भारतीयों के लिए आत्मा को झकझोर देने वाला है।
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मालिक ने खेतों में जाकर देखा तो उसे हर तरफ कुत्तों के पैरों के निशान मिले, वह कुत्तों के उपर बहुत प्रसन्न हुआ और कुत्तों के साथ घर लौटा तो देखा कि बैल घर के बाहर बैठे हुए आराम कर रहे थे।
किसान बैलों के उपर बहुत क्रोधित हुआ और बैलों को रस्सी से बांध कर उनकी पिटाई कर दिया और कुत्तों को खाने के लिए दूध रोटी और मांस के टुकड़े दिए और बैलों को खाने के लिए सुखा हुआ भूसा दिया।
पंडित जी कहते थे कि-
यह जो महात्मा गांधी रोड, नेहरू युनिवर्सिटी इंदिरा एयरपोर्ट और ऐसे अनेकों जगह नेहरू और गांधी का नाम देखते हो ये कुछ वैसे ही कुत्तों के पैरों के निशान हैं।
और वे आजादी के बाद से ही दूध मलाई खा रहे हैं।
थोड़ी देर में किसान वापस गांव आया और सीधा खेतों पर पहुंचा तो देखा दोनों कुत्ते मेंड़ पर बैठे हैं और खेतों की जुताई हो गई है, परंतु बैल कहीं नजर नहीं आ रहे थे।
किसान ने कुत्तों से पूछा कि बैल कहां हैं ?
कुत्तों ने कहा- मालिक आप जबसे गए थे तभी से हम लोग खेत जोत रहे हैं और अभी काम पूरा करके मेंड़ पर बैठकर आपका इंतजार कर रहे हैं,
जबकि बैल घर से बाहर निकलकर खेतों की ओर झांकने भी नहीं आए, वह घर पर ही आराम से सो रहे हैं।
जब कुत्तों ने देखा कि खेतों की जुताई हो गई है और मालिक के लौटने का समय हो गया है।
तब कुत्तों ने बैलों से कहा कि तुम दोनों इतने दिनों से खेत जोत रहे हो और काफी थक गए हो इसलिए घर जाकर आराम करो और हम लोग खेतों की रखवाली करेंगे।
कुत्तों की बात मानकर दोनों बैल घर चले गए और खा पीकर आराम करने लगे।
इधर कुत्तों ने सारे खेतों में दौड़-भाग करके अपने पैरों के निशान बना दिए, और खेत की मेंड़ पर बैठकर किसान का इंतजार करने लगे।