🚨 पूर्व गृह मंत्रालय के अवर सचिव आर.वी.एस. मणि का बड़ा दावा—
• “26/11 कांग्रेस और ISI के बीच फिक्स मैच था।”
• “अगर कसाब ज़िंदा नहीं पकड़ा जाता, तो 26/11 को ‘हिंदू आतंक’ बताया जाता।”
• “इशरत जहां मामले में नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी निशाने पर थे।”
यह वही प्रोफेसर नंदिता नारायण है जो आजकल कॉकरोच आंदोलन में रोज हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगल रही है
इसका असली नाम नंदिता नारायण अंसारी है इसके पति का नाम रशीद अंसारी है इसकी बेटी का नाम निदा अंसारी है
इसका परिवार कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा के तथा सिम्मी आतंकवादियों को सपोर्ट करने वाले भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का रिश्तेदार है
This beast must not be spared..🔥
Repost until arrest, Hindus.... 🚨
In Kurukshetra, Haryana, dargah mullah Gaffar Ali broke the temple priest’s legs, put a noose around his neck, and dragged him like an animal… just because the temple was stopping crowds from visiting his dargah..😡
Hindus wake up...
This monster deserves the gallows...
कॉर्पोरेट जिहाद: #TCS कार्यालय से परे भी...
नासिक कांड के सामने आने के बाद से, भारत भर की बड़ी-बड़ी कंपनियों से जुड़े ऐसे ही मामले सोशल मीडिया पर छा गए हैं। मैंने इन्हें यहाँ संकलित किया है। आरोपों में शामिल हैं:
1. हैदराबाद की वीएक्सआई नामक कंपनी में मानव संसाधन विभाग केवल मुस्लिम कर्मचारियों को ही नियुक्त करता है।
2. इसी कंपनी का दावा है कि उसकी टैक्सी सेवा में केवल मुस्लिम ड्राइवर ही काम करते हैं।
3. इसी कंपनी में कई अंतरधार्मिक जोड़े हैं, जिनमें लगभग हर मुस्लिम की प्रेमिका हिंदू है।
4. एक अज्ञात व्यक्ति ने भाविका नामक लड़की के बारे में जानकारी साझा की, जिसे कार्यालय में मिले एक इस्लामिस्ट ने बहला-फुसलाकर अदालती शादी करवा दी।
5. रमज़ान के दौरान, मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ धोने के लिए बने वॉशबेसिन में पैर धोते हैं और कार्यालय में कहीं भी बैठकर नमाज़ अदा करते हैं।
6. विप्रो कार्यालय से एक पोस्ट में आरोप लगाया गया कि रमज़ान के दौरान, हिंदुओं को रोज़ा रखने के लिए कहा गया क्योंकि यह उनके लिए अच्छा है और नमाज़ अदा करने के लिए भी कहा गया।
7. पुणे स्थित बार्कलेज की एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया है कि कार्यालय की पूरी मॉर्गेज टीम में केवल एक ही समुदाय के लोग हैं।
8. मुंबई के एक वित्त कर्मचारी ने दावा किया कि शीर्ष प्रबंधक मुस्लिम समुदाय से हैं और वे रमज़ान के दौरान जल्दी छुट्टी लेते हैं, लेकिन अगर कोई हिंदू कर्मचारी नवरात्रि में जल्दी छुट्टी मांगता है, तो उसे अनुमति नहीं दी जाती।
9. प्रबंधक और मानव संसाधन दोनों मुस्लिम हैं, इसलिए वे केवल मुसलमानों को ही नियुक्त और पदोन्नत करते हैं। यह व्यक्ति सात वर्षों से इसी पद पर कार्यरत है।
10. टेक महिंद्रा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 60% से अधिक कर्मचारी मुस्लिम हैं और उनकी गर्लफ्रेंड हिंदू हैं।
11. मानव संसाधन का नाम गुलाम गौस है और वह केवल मुसलमानों को ही नियुक्त करता है। उस व्यक्ति ने कहा कि उसे ऐसा लगता है जैसे वह मिनी पाकिस्तान में काम कर रहा हो।
12. पुणे स्थित कॉग्निजेंट की एक पोस्ट में दावा किया गया है कि प्रबंधक मुस्लिम है और मुस्लिम कर्मचारियों को घर से काम करने का विकल्प और आसानी से पदोन्नति मिल जाती है।
13. एल एंड टी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुसलमानों को शुक्रवार को चार घंटे का नमाज़ का अवकाश दिया जाता है।
14. ठाणे की एक टेलीपरफॉर्मेंस कंपनी में, भर्ती प्रबंधक मुस्लिम है और हिंदुओं को लगातार अस्वीकार करता रहता है।
15. टीसीआई में, एक मुस्लिम व्यक्ति को, जिसे बहुत कम ज्ञान था, इसलिए नौकरी पर रख लिया गया क्योंकि साक्षात्कार लेने वाला अधिकारी इस्लामी था।
16. मुंबई में टेक महिंद्रा की भी यही स्थिति है।
17. फ्लिपकार्ट मुंबई भी यही कर रहा है।
18. टीवीएस हैदराबाद के बारे में भी यही शिकायतें हैं।
19. कार्यालय में अभिवादन की शुरुआत "अस्सलाम वालेकुम" से होती है और बातचीत में अल्लाह का जिक्र होता है।
छात्रवृत्ति और आरक्षण का इस्तेमाल करने वाले ये लोग जिहाद करने के लिए ही ऐसी जगहों पर पहुँच रहे हैं!
सोशल मीडिया पर उपलब्ध अंग्रेजी की पोस्ट से अनुवादित...
Cavalcade of Central Forces are patrolling west bengal. Their presence is giving locals a new sight of confidence.
ECI is not taking it lightly this time!!
यह नजारा चीन के चेंगदू शहर के बाहर पेट्रोल पंप का है जहां कई किलोमीटर से ज्यादा लंबी लाइन लगी है
ऐसा ही दृश्य चीन में सभी जगह पर है ना सिर्फ चीन बल्कि पाकिस्तान जैसे देश ने तो अपने हालत डाउन लगा दिया है
चीन में पिछले दो हफ्तों में भारतीय रुपए में पेट्रोल और डीजल की ₹30 वृद्धि की गई है और गैस की भारी किल्लत हो गई है
दुनिया के लगभग हर देश में पेट्रोल संकट है गैस संकट है
लेकिन किसी भी देश का विपक्ष लहंगा और घाघरा उठाकर नहीं डांस कर रहा क्योंकि हर भी देश का विपक्ष समझदार होता है उसे पता है कि इस संकट के लिए उसकी सरकार जिम्मेदार नहीं है
यह युद्ध चल रहा है इस वजह से यह संकट है युद्ध खत्म होगा तो संकट खत्म हो जाएगा
लेकिन एकमात्र भारत का विपक्ष ऐसा नीच विपक्ष है जो किसी भी संकट में सरकार का साथ न देकर तुरंत किसी हिजड़े की तरह लहंगा और घाघरा उठाकर ताली बजाते हुए डांस करने लगता है
किधर है मेरा जूता
एक तरुण खटीक की ह@त्या ने अब #दिल्ली के पूरे "उत्तम नगर" को शुद्ध करने का मौका दे दिया है #भाजपा सरकार और #MCD को
हुआ ये है कि उत्तम नगर में जितने भी मुस्लिम घर पाए गए है सब #अवैध निकले बिना किसी कागजी रेजिस्ट्रेशन के वो पूरी की पूरी सरकारी जमीन निकली
तो MCD ने तत्काल सभी मु@स्लिम घरों पर कल रात में नोटिस चिपका दिए है और निशान लगा दिए है 15 दिन में घर खाली करने का😃
दूसरे के हंसते खेलते जिगर के टुकड़े को खा कर इन्हें अपने बच्चों के करियर और पढ़ाई की फिक्र हो रही है..!!
आक थू 🤬
#JusticeForTarun
काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है।
यह सभी को नहीं मालूम है। खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं। बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं जानते।
जीवन के शतपथ होते हैं। 100 शुभ कर्मों को करने वाला व्यक्ति मरने के बाद उसी के आधार पर अगला जीवन शुभ या अशुभ प्राप्त करता है। 94 कर्म मनुष्य के अधीन हैं। वह इन्हें करने में समर्थ है पर 6 कर्म का परिणाम ब्रह्मा जी के अधीन होता है।हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश- अपयश ये 6 कर्म विधि के नियंत्रण में होते हैं।
अतः आज चिता के साथ ही तुम्हारे 94 कर्म भस्म हो गये। आगे के 6 कर्म अब तुम्हारे लिए नया जीवन सृजित करेंगे।
अतः 100 - 6 = 94 लिखा जाता है।
गीता में भी प्रतिपादित है कि मृत्यु के बाद मन अपने साथ 5 ज्ञानेन्द्रियों को लेकर जाता है। यह संख्या 6 होती है। मन और पांच ज्ञान इन्द्रियाँ।
अगला जन्म किस देश में कहाँ और किन लोगों के बीच होगा यह प्रकृति के अतिरिक्त किसी को ज्ञात नहीं होता है। अतः 94 कर्म भस्म हुए 6 साथ जा रहे हैं।
विदा यात्री। तुम्हारे 6 कर्म तुम्हारे साथ हैं।
आपके लिए इन 100 शुभ कर्मों का विस्तृत विवरण दिया जा रहा है जो जीवन को धर्म और सत्कर्म की ओर ले जाते हैं एवं यह सूची आपके जीवन को सत्कर्म करने की प्रेरणा देगी......
100 शुभ कर्मों की गणना धर्म और नैतिकता के कर्म-
1.सत्य बोलना
2.अहिंसा का पालन
3.चोरी न करना
4.लोभ से बचना
5.क्रोध पर नियंत्रण
6.क्षमा करना
7.दया भाव रखना
8.दूसरों की सहायता करना
9.दान देना (अन्न, वस्त्र, धन)
10.गुरु की सेवा
11.माता-पिता का सम्मान
12.अतिथि सत्कार
13.धर्मग्रंथों का अध्ययन
14.वेदों और शास्त्रों का पाठ
15.तीर्थ यात्रा करना
16.यज्ञ और हवन करना
17.मंदिर में पूजा-अर्चना
18.पवित्र नदियों में स्नान
19.संयम और ब्रह्मचर्य का पालन
20.नियमित ध्यान और योग सामाजिक और पारिवारिक कर्म
21.परिवार का पालन-पोषण
22.बच्चों को अच्छी शिक्षा देना
23.गरीबों को भोजन देना
24.रोगियों की सेवा
25.अनाथों की सहायता
26.वृद्धों का सम्मान
27.समाज में शांति स्थापना
28.झूठे वाद-विवाद से बचना
29.दूसरों की निंदा न करना
30.सत्य और न्याय का समर्थन
31.परोपकार करना
32.सामाजिक कार्यों में भाग लेना
33.पर्यावरण की रक्षा
34.वृक्षारोपण करना
35.जल संरक्षण
36.पशु-पक्षियों की रक्षा
37.सामाजिक एकता को बढ़ावा देना
38.दूसरों को प्रेरित करना
39.समाज में कमजोर वर्गों का उत्थान
40.धर्म के प्रचार में सहयोग आध्यात्मिक और व्यक्तिगत कर्म
41.नियमित जप करना
42.भगवान का स्मरण
43.प्राणायाम करना
44.आत्मचिंतन
45.मन की शुद्धि
46.इंद्रियों पर नियंत्रण
47.लालच से मुक्ति
48.मोह-माया से दूरी
49.सादा जीवन जीना
50.स्वाध्याय (आत्म-अध्ययन)
51.संतों का सान्निध्य
52.सत्संग में भाग लेना
53.भक्ति में लीन होना
54.कर्मफल भगवान को समर्पित करना
55.तृष्णा का त्याग
56.ईर्ष्या से बचना
57.शांति का प्रसार
58.आत्मविश्वास बनाए रखना
59.दूसरों के प्रति उदारता
60.सकारात्मक सोच रखना सेवा और दान के कर्म
61.भूखों को भोजन देना
62.नग्न को वस्त्र देना
63.बेघर को आश्रय देना
64.शिक्षा के लिए दान
65.चिकित्सा के लिए सहायता
66.धार्मिक स्थानों का निर्माण
67.गौ सेवा
68.पशुओं को चारा देना
69.जलाशयों की सफाई
70.रास्तों का निर्माण
71.यात्री निवास बनवाना
72.स्कूलों को सहायता
73.पुस्तकालय स्थापना
74.धार्मिक उत्सवों में सहयोग
75.गरीबों के लिए निःशुल्क भोजन
76.वस्त्र दान
77.औषधि दान
78.विद्या दान
79.कन्या दान
80.भूमि दान, नैतिक और मानवीय कर्म
81.विश्वासघात न करना
82.वचन का पालन
83.कर्तव्यनिष्ठा
84.समय की प्रतिबद्धता
85.धैर्य रखना
86.दूसरों की भावनाओं का सम्मान
87.सत्य के लिए संघर्ष
88.अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना
89.दुखियों के आँसू पोंछना
90.बच्चों को नैतिक शिक्षा
91.प्रकृति के प्रति कृतज्ञता
92.दूसरों को प्रोत्साहन
93.मन, वचन, कर्म से शुद्धता
94.जीवन में संतुलन बनाए रखना
विधि के अधीन 6 कर्म
95.हानि
96.लाभ
97.जीवन
98.मरण
99.यश
100.अपयश
इजरायल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद ने साम पित्रोदा के कंप्यूटर को हैक कर लिया। तब पता चला कि सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस और इकोसिस्टम विदेश में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रचते हैंI
A must watch video.
मोरबी, गुजरात का एक छोटा-सा शहर,
भारत के भूभाग का 1% से भी कम है,
लेकिन यह बनाता है:
भारत के 90% से अधिक वॉल और फ्लोर टाइल्स
भारत की 80% घड़ियाँ।
देश में बिकने वाले 70% खिलौने और कैलकुलेटर।
एक छोटा भारतीय शहर वैश्विक दिग्गजों को मात दे रहा है।
और यह सब शुरू हुआ… एक टूटी हुई पाइप से!
1980 के दशक में, स्थानीय कुम्हारों ने बाथरूम फिटिंग जैसी सिरेमिक चीज़ें बनाना शुरू किया।
फिर आईं टाइल्स।
फिर घड़ियाँ।
2005 तक, मोरबी चुपचाप भारत की सिरेमिक राजधानी बन चुका था।
• न कोई सरकारी ग्रांट
• न कोई विदेशी निवेशक
• सिर्फ़ गुजराती जुगाड़
बिज़नेस मॉडल ज़बरदस्त है –
• कोई तामझाम नहीं
• स्थानीय पारिवारिक इकाइयाँ
• न कोई MBA, सिर्फ़ मुनाफ़ा
• डिज़ाइन 24 घंटे में कॉपी हो जाते हैं
• फैक्ट्रियाँ 24x7, साल भर चलती हैं
मोरबी ब्रांडिंग की चिंता नहीं करता।
वो सिर्फ़ तेजी से बनाता है, सस्ता बेचता है और हर जगह भेजता है।
मोरबी की ताक़त देखिए:
• भारत हर साल ₹15,000 करोड़ से अधिक की टाइल्स निर्यात करता है।
• 125 से अधिक देश मोरबी से आयात करते हैं।।
• यहाँ तक कि इटालियन और स्पेनिश ब्रांड्स भी अपनी टाइल्स मोरबी की फैक्ट्रियों से बनवाते हैं
हाँ, वो विश्वप्रसिद्ध इटालियन टाइल्स…
अक्सर गुजरात में बनती हैं।
और चौंकाने वाली बात ये है:
मोरबी की टाइल फैक्ट्रियाँ इतनी घनी हैं कि आप 30 मिनट में 200 फैक्ट्रियों से होकर निकल सकते हैं।
ये किसी खुले औद्योगिक कॉम्प्लेक्स की तरह है, न कोई गेट, न सूट-बूट, सिर्फ़ धधकती भट्टियाँ और सिरेमिक की धूल।
राज़ क्या है?
मोरबी ने तीन चीज़ों में महारत हासिल की:
1. क्लस्टर एडवांटेज– सभी सप्लायर, मज़दूर और ट्रांसपोर्ट 20 किमी के अंदर
2. स्पीड– डिज़ाइन से डिस्पैच तक, सिर्फ़ 72 घंटे
3. कॉस्ट कंट्रोल– साझा इंफ्रास्ट्रक्चर, जिससे कीमतें चीन से भी कम
नतीजा?
शोर किए बिना वैश्विक प्रभुत्व।
खिलौनों की क्रांति भी एक संयोग से शुरू हुई।
छोटे पैमाने के निर्माता चीनी कैलकुलेटर और खिलौनों की नकल करने लगे।
जल्द ही वे सिर्फ़ नकल नहीं, बल्कि नवाचार करने लगे।
आज मोरबी ₹1,500 करोड़ मूल्य के खिलौने और लर्निंग डिवाइसेज़ हर साल निर्यात करता है।
लेकिन सब कुछ आसान नहीं है:
• बिजली की किल्लत
• प्रदूषण
• नियमों का दबाव
फिर भी यहाँ के व्यापारी हर बार खुद को ढाल लेते हैं:
• गैस आधारित भट्टियाँ
• सोलर पैनल
• ऑटोमेशन में निवेश
क्योंकि मोरबी का इंजन कभी नहीं रुकता।
सीख क्या है?
आपको साम्राज्य बनाने के लिए सिलिकॉन वैली की ज़रूरत नहीं।
आपको चाहिए:
• एक स्थानीय क्लस्टर
• पागलपन जैसी महत्त्वाकांक्षा
• निर्दयी निष्पादन
मोरबी साबित करता है कि भारत के छोटे शहर भी चुपचाप वैश्विक व्यापार का चेहरा बदल सकते हैं।
अगर मोरबी एक लिस्टेड कंपनी होता, तो इसका वार्षिक उत्पादन मूल्य होता ₹50,000 करोड़ से अधिक।
यह भारत की अधिकांश मिड-कैप कंपनियों से अधिक है।
और भारत के अधिकांश लोग इसके बारे में जानते तक नहीं।
मोरबी सिर्फ़ एक शहर नहीं,
ये एक केस स्टडी है कि भारत के टियर-2 शहर क्या बन सकते हैं।
🚨 लद्दाख में बीजेपी ऑफिस पर पत्थर फेंकने की बात करता कांग्रेसी
वीडियो में देखिए कांग्रेस किस प्रकार देश में अस्थिरता लाना चाहती है सुनिए ✍️
लद्दाख के कांग्रेसी का बयान भी है ✍️
🚨 इन्फ्लूएंसर का मतलब 🚩
एक पुराने मंदिर को साफ कर उसे पूजा योग्य बना दिया
ये कार्य एक इन्फ्लूएंसर ने किया देश के जितने भी सोशल मीडिया इन्फ्लूलेंसर है अगर इस प्रकार से कार्य करे तो देश
की स्थिति बदल जाए ✍️
नेपाल के जागरूक युवाओं ने जान पर खेल कर एक स्वराज आंदोलन क्या किया वामपंथी सरकार का तख्तापलट हो गया |
जिस दिन भारत का हिंदू युवा इस स्तिथि में खड़ा हो जाएगा कसम भवानी की बंगाल और असम घुसपैठियों से खाली हो जाएगा |
हर हर महादेव |
कौम जानते हो क्या है ?..... निशानियां, आइडेंटिटीस.... जो पैदा होते ही लग जाती हैं जिनके अंदर,
इसके खून में इसकी कौम सनी हुई है, इसकी वफादारी सिर्फ इसके खून के प्रति है।
और बदकिस्मती से इनकी कॉम में सिर्फ जहर भरा है.... जहर