हकार हकार हकार।
महानुभाव लोकैन अप्पन मातृभाषा मैथिलीक लीपि मिथिलाक्षर लिपी के संरक्षण आ संवर्धन हेतू काल्हि शुक्कर दिन 9 अक्टूबर मिथिलाक्षर दिवस पर मेगा ट्विटर ट्रेंड अवश्य अपन भागीदारी सुनिश्चित करी।
#MithilaksharDiwas@MithilaksharS_A
आहा के याद हमेशा हमरा सभक जीवन में सदैव रहत आहा हमर सभक बेनीपट्टी के रत्न छलहू मुदा विधि के विधान के आगु हम सब केवल मौन नोर नयन स श्रद्धांजलि अर्पित 😭🙏 पूरा वीडियो अहि लिंक पर देख सकब https://t.co/nAcHohXNyz
हर हर महादेव 🙏😍
मिथिला में महादेव 😍
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्र��ंड अंतर्गत बलवाहाट में मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम मंदिर में एक ऐसा अद्भुत शिवलिंग है जो स्वयं अंकुरित हुआ है. काले पत्थर का यह चमत्कारी शिवलिंग पाताल से निकला प्रतीत होता है. बाबा मटेश्वर के संबंध में कई रोचक घटनाओं की चर्चा एवं जनश्रुतियां इस भूभाग में सुनाई जाती है. इस शिवलिंग के पास सावन और भादो छोड़कर सालों भर जल भरा रहता है. जिसे आज तक बड़े से बड़ा इंजीनियर और पुरातत्व विभाग पता लगाने में असफल रहा है. इस शिवलिंग का पृथ्वी से कोई स्पर्श नही होकर काले पत्थर का बना चबूतरा एवं शिवलिंग के चारो ओर से गोलाई में डेढ़ इंच का शून्य स्थान है जिसमे हमेशा जल भरा रहता है जिसकी गहराई का वर्णन अवर्णनीय है.
मैथिलि मिथिला को अब कोई टारगेट करेगा तो पक्का संविधानिक तरीके से तगड़ा मुहतोड़ जवाब मिलेगा। बहुत सह लिए मिथिला मैथिलि की बात करने वालो का ट्रोलिंग। अब बर्दास्त नहीं किया जायेगा भले ही क���नो पार्टी का स��दार या छूटभैया नेता ही क्यों न हो ||
#Maithili #Mithila
मैथिली हटाने की राजनीति — जातिवाद की पराकाष्ठा!
क्या आप जानते हैं?
1992 में लालू यादव ने यह कहकर मैथिली भाषा को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से हटा दिया कि यह “ब्राह्मणों की भाषा” है।
मतलब — एक पूरी भाषा को सिर्फ जाति के आधार पर अपमानित कर दिया गया। #मिथिला_राज्य h
बज्जिका मैथिली की उपबोली है, स्वतंत्र भाषा नहीं। व्याकरण, वाक्य रचना, लिपि—सब समान। कोई स्वतंत्र साहित्य या लिपिक परंपरा नहीं। इसे अलग भाषा बताना राजनीतिक चाल है, जिससे मिथिला की भाषिक एकता को तोड़ा जा सके।