आत्महत्या सभ्यता की हार है। -राही मासूम रज़ा|
किताबों ने कहा हमें पढ़ो ताकि तुम्हारे भीतर ची़जों को बदलने की बेचैनी पैदा हो सके -मंगलेश डबराल |मानवता परमो धर्म|
गोदी मीडिया आपको ये ख़बर नहीं दिखाएगा लेकिन ये ख़बर बेहद जरूरी है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में बुंदेलखंड के लोग पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है.
"स्त्री पृथ्वी की भाँति धैर्यवान् है, शांति-संपन्न है, सहिष्णु है। पुरुष में नारी के गुण आ जाते हैं, तो वह महात्मा बन जाता है। नारी में पुरुष के गुण आ जाते हैं तो वह कुलटा हो जाती है।"
गोदान — मुंशी प्रेमचंद 🍁
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भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि, जिनकी दूर की सोच वाली लीडरशिप और समाज सुधार के लिए ज़िंदगी भर का समर्पण पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। 🙏💐
कथा सम्राट जन्मदिन विशेष। 🙏💐
"जब इंसान की जात उसके जीवन से बड़ी हो जाए, तो धर्म नहीं, पाखंड जन्म लेता है। सच्ची 'सद्गति' तभी होगी, जब हर इंसान को बराबरी का हक़ मिले।" — मुंशी प्रेमचन्द
महाकवि दुष्यंत ने अपने दोस्त कमलेश्वर जी से कहा था..."ये दो कौड़ी के नौकरी-परस्त लोग, दोस्त चिंता मत कर हम भूखे मर जाएंगे पर लोग हमें याद करेंगें, इन्हें नही। क्या है इनके पास, हमारे पास कविता भी है और कहानी भी, हमारी मुक्ति लेखन में ही है।"
दुष्यंत कुमार
एक बढ़ई के बेटे का
दुनिया कुछ नहीं बिगाड़ सकती
वह चाहे तो बना सकता है
इस दुनिया से एक मेज़
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उसने नहीं बनाई कोई किताब
लेकिन किताब को गिरने से बचाया है!
- कृष्ण कल्पित