क्या आप @DelhiPolice बता सकते हैं के सफेद शर्ट में लाठियां चलाने वाला दिल्ली पुलिस से जुड़ा हुआ है? या बीजेपी ने अब पुलिस में भी lateral entry शुरू कर दी?
जब तक युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद नहीं होगा और परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा!
शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और छात्रों के साथ न्याय करें। हम युवाओं और छात्रों की आवाज़ को दबने नहीं देंगे।
- राज्यसभा सांसद श्री पवन खेड़ा (@Pawankhera) जी
"हमारे MP थाने में बिठाए हुए हैं और बाहर बच्चों की पिटाई की जा रही है"
◆ सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने कहा
#AkhileshYadav | Akhilesh Yadav | #संसद_मार्च | #CJPProtest | संसद भवन | Parliament | धर्मेंद्र प्रधान | दिल्ली पुलिस
This is heartbreaking 💔
This young guy lost consciousness after police brutality during protest
He is not responding, not even moving. Hope he is still breathing
His crime? — Only that he chose to protest for his motherland
What the hell is this @X@XCorpIndia
How is this video of LoP @RahulGandhi trigger a graphic content warning
Have you lost it??????
Shameless - it is our democratic right to denounce violence against students - and you have the audacity to label it with a warning?
आदरणीय Dimple Yadav जी सिर्फ एक नेत्री ही नहीं, बल्कि एक पत्नी, मां और बहु भी हैं।
एक प्रदर्शनकारी को देखकर वो खुद अपने आप को उनकी मदद करने से रोक नहीं पाईं,आँखो में आंसू है, साथ ही अपनापन और लगाव भी है...।
@yadavakhilesh@dimpleyadav
आर्या सिंह ने NEET का एग्जाम दिया
• OMR शीट के अनुसार 609 नंबर आने चाहिए
• रिजल्ट आने पर सिर्फ 540 नंबर आए
परिवार को भरोसा नहीं हो रहा था, वो बार-बार वेबसाइट चेक करे थे. इसी बीच रात 2 बजे अचानक से नंबर घटकर 167 हो गया.
जी हां, 540 नंबर, अपने आप 167 हो गया.
सुनिए 👇
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा -
"संसद चल रही है और आप बच्चों पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या इस तरह सरकार चलती है? सदन के अंदर हमारा व्हाट्सएप जाम कर दिया, गेट बंद कर दिए। ये कैसी सरकार है? संसद बच्चों की भी है, यह उनका संवैधानिक अधिकार है।"
निराशा में आँख का पानी
जब समुंदर बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
कोई अपनी ताक़त पर
जब सर उठा इठलाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
हुक़ूमतों का घमंड-गुरूर
जब पर्वत सा बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
दौर जब नाइंसाफ़ी का
हद ही पार कर जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
जब-जब देश का भविष्य
पूरा दांव पर लग जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
UP में 'हिरासत' या 'हत्या'? मऊ के युवक की जेल में संदिग्ध मौत पर बवाल!
मऊ के रहने वाले विक्रम को पिछले रविवार आजमगढ़ पुलिस चोरी के आरोप में उठा ले गई थी। बीती रात खबर आती है कि उसकी जेल में मौत हो गई।
परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि पुलिस ने पीट-पीटकर विक्रम की हत्या की है। सोशल मीडिया पर एक दर्दनाक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें न्याय के लिए मृतक की भाभी बेबस होकर पुलिसकर्मी के पीछे दौड़ती दिख रही है।
क्या यही है यूपी का 'अपराध-मुक्त' और 'सुरक्षित' राज्य, जहाँ थाने और जेल ही जान लेने के अड्डे बनते जा रहे हैं? इस 'कस्टोडियल डेथ' का जिम्मेदार कौन?
इस का पालन सभी को करना है,
पंचशील/ पाँच प्रतिज्ञा
1. मार्च में सिर्फ़ एक झंडा — तिरंगा। किसी पार्टी, किसी संगठन का और कोई झंडा नहीं होगा ।
2. हाथ में या तो संविधान या फिर गांधी, आंबेडकर या भगत सिंह की तस्वीर रहेगी।
3. जुबान पर कोई नेगेटिव नारा नहीं — बस “जय हिन्द”, “भारत माता की जय”, “इंकलाब जिंदाबाद” और “जय भीम” जैसे नारों की गूंज होगी।
4. आचार व्यवहार में अनुशासन — मंच या वालंटियर जो भी निर्देश देंगे उसका पालन करेंगे और करवायेंगे
5. और मन में एक संकल्प — किसी तरह को कोई हिंसा बिल्कुल भी नहीं। हमला चाहे जैसा भी हो, हाथ हमारा नहीं उठेगा।
: @_YogendraYadav
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाने के लिए पुलिस सादे कपड़ों में आई थी और सफेद चादर से कवर करके कार्रवाई कर रही थी, ताकि कोई विजुअल सामने न आ पाए।
CJP की तरफ से कहा गया है कि पुलिस की ओर से हाथापाई भी हुई है।
अच्छा होता कि इस नौबत नहीं आती। शांतिपूर्ण प्रदर्शन सबका संवैधानिक अधिकार है।सरकार की तरफ से पहले बातचीत या समझने की कोशिश होनी चाहिए थी।