लखनऊ के इको गार्डन में प्रदेश भर से आई महिला पंचायत सहायक भी पिछले 9 दिन से धरने पर डटी हुई हैं,
महिला पंचायत सहायकों का कहना है कि
6 हज़ार में घर नहीं चलता है,
और जब तक सैलरी नहीं बढ़ जाती,
कोई भी घर नहीं जाएगा, सरकार को हमारी बात सुननी ही होगी,
लखनऊ
➡️पंचायत सहायकों को सीएम योगी की सौगात
➡️अब हर महीने 9 हजार रुपए मानदेय मिलेगा
➡️CM ने मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की
➡️57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को लाभ
➡️DBT से सीधे खाते में आएगा मानदेय
➡️कैबिनेट से ली जाएगी स्वीकृति
➡️पंचायत सहायकों को नहीं हटा सकेंगे प्रधान, सचिव
➡️डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ही करेगी फैसला
➡️आंदोलन के दौरान हुए केस वापस लिए जाएंगे
➡️हटाए गए पंचायत सहायकों की होगी बहाली
➡️महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस सुविधा
#Lucknow #PanchayatSahayak #YogiAdityanath #UttarPradesh
पंचायत सहायकों का धरना आज आठवें दिन भी कवर करने गया तो अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे युवाओं का अपार स्नेह मिला,
मेरे रिपोर्ट करने से सरकार इनकी मांग तुरंत मान लेगी ऐसा नहीं है,
लेकिन उसके बाद भी इन युवाओं का स्नेह इसलिए है
क्योंकि आप अपना काम मेहनत और ईमानदारी से करिए,
तो देश और समाज अपने प्यार के रूप में उस काम का हज़ार गुणा आपको लौटाता है,
लेकिन ईमानदारी में घालमेल नहीं चलेगा,
क्योंकि ये पब्लिक है बाबू,
ये सब जानती है,
कि कौन ईमानदारी से उनकी बात उठाने आया है
और कौन मूर्ख बनाने,
गाँव में सबका आयुष्मान कार्ड बनाए पंचायत सहायक,
लेकिन उसका खुद का आयुष्मान कार्ड नहीं बन सकता,
एक पंचायत सहायक का दर्द नहीं है ये,
ये 58 हज़ार पंचायत सहायकों की संयुक्त पीड़ा है,
उत्तर प्रदेश के 58,000 पंचायत सहायकों के हक़ की लड़ाई में हम पूरी तरह उनके साथ हैं!
मात्र ₹6,000 का मानदेय सरासर अन्याय है, हमारी मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए।
जिस दिन ये सभी सहायक और इनके परिवार वाले एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे, उस दिन सरकार को झुकना ही पड़ेगा।
संसद में आपकी आवाज़ पूरी मजबूती से उठाई जाएगी!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
ये सब पागल है जब सरकार ने पहले ही बोल दिया था कि 6000 rs milenge service 2 साल रहेगी फिर इनलोगों ने फॉर्म क्यों इनको क्या नहीं पता था चलो ठीक है पैसा बढ़ना चाहिए लेकिन 6000 से 30000 जो एक सरकारी कर्मचारी नहीं पात वो चाहिए इनको ओर हर सरकारी काम के एवज में ये गांव की भोली भाली जनता को लूटते है वो अलग
महीने के सिर्फ़ 6 हज़ार रुपये, वो भी 5–7 महीने की देरी से! सरकार बताए, पंचायत सहायक घर कैसे चलाएँ - राशन उधार लें, बच्चों की फीस रोकें या इलाज छोड़ दें?
पिछले कई दिनों से पंचायत सहायक लखनऊ के इको गार्डन में धरना दे रहे हैं। उनकी माँग है कि मानदेय 30 हज़ार रुपये किया जाए और हर साल कॉन्ट्रैक्ट बनवाने की मजबूरी खत्म हो।
काम चाहिए पूरा, लेकिन मेहनत का सम्मान देने पर सरकार चुप! क्या पंचायत सहायकों का परिवार नहीं है? उनकी ज़रूरतें नहीं हैं?
जितने भी बीजेपी के नेता, विधायक और मंत्री हैं उनको चैलेंज है- वो अपने बच्चों को 6000 रुपए में पंचायत सहायक बनाकर गांव में नौकरी कराके दिखाओ... सभी पंचायत सहायक अपनी नौकरी छोड़ देंगे!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
UP के 57 हज़ार पंचायत सहायकों के संघर्ष को समर्थन देने अपना दल की नेता पल्ल्वी पटेल भी संघर्षरत पंचायत सहायकों के बीच पहुँचीं,
और सरकार से इनकी सैलरी 6 हज़ार से बढ़ाका
तीस हज़ार करने की मांग की,
उत्तर प्रदेश में एक मंत्री जी हैं जिनको पंचायत विभाग मिला है पर इनको अपने विभाग से कोई मतलब ही नहीं है,
उनके विभाग के ही कर्मचारी पिछले लगभग दो हफ्तों से धरना दे रहे हैं पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं,
उनसे सिर्फ ₹6000 में बधुआ मजदूर की तरह पूरे महीने भर काम कराया जाता है,
आखिरकार ₹200 दिन में कौन काम करता है,
उनकी मांग है कि उनकी सैलरी बढ़ाई जानी चाहिए जो की जायज है।
#पंचायत सहायक संघर्ष ।।
#पंचायत सहायक संघर्ष ।।
#पंचायत सहायक संघर्ष।।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन जिंदाबाद जिंदाबाद
पंचायत सहायक एकता जिंदाबाद जिंदाबाद ✊✊
पंचायत सहायक 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने हैं और आज धरने का आठवां दिन है हमारी सरकार असंवेदनशील है अभी तक किस पर कोई औपचारिक मुलाकात नहीं हुई है सिर्फ और सिर्फ़ आश्वासन दिया जा रहा है
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
13:09:2026
विगत दिनों से ईको गार्डन में पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन तथा 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 से जुड़े PDA अभ्यर्थियों द्वारा 5 प्रतिशत छूट, आरक्षण एवं आरक्षण प्रक्रिया में नियमों का अनुपालन न किए जाने के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर पीड़ित अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
PDA वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। आश्वासन दिया कि समाजवादी सरकार बनने पर उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा और पात्र अभ्यर्थियों को पक्की नौकरी दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
2027 में समाजवादी सरकार बनाने में सभी सहयोग करें।