रुतबा मेरे सर को तेरे संविधान से मिला है। ये सम्मान भी मुझे तेरे संविधान से मिला है।औरों को जो मिला है मुकद्दर से मिला है।हमें तो मुकद्दर भी तेरे संविधान सेमिला
आप इस पर जरूर ध्यान दे ???
सैल्यूट इस मीडिया वाले को जिसने भारत की शान तिरंगा
नीचे से उठाया
पुलिस वाले इसी तिरंगे से अपना मुंह पूछा ओर उसको सड़क पर फेंक दिया
जब तक इस पुलिस वाले इस कृत्य की सजा मिलनी चाहिए
इसको दिल्ली पुलिस तक पहुंचाओ ओर इस फर्जी पुलिसवाले पर कारवाही होनी चाहिए
पुलिस जंतर मंतर ही नहीं, यहां भी भेजी गई है
केन-बेतवा लिंक जैसे प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ छतरपुर ज़िले के कुपी गांव के पास बरना नदी के किनारे मुख्य रूप से आदिवासी महिलाओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को बल प्रयोग कर रोका गया है।
Video by @PTI_News
यूपी के मऊ निवासी युवक की जेल में संदिग्ध मौत के बाद हंगामा..परिजनों का पुलिस पर पीट पीट कर Hatya करने का आरोप..!
मृतक के भाई आकाश ने बताया पिछले रविवार आजमगढ़ की पुलिस विक्रम को चोरी के मामले में घर से गिरफ्तार करके ले गई थी..!
बीती रात परिजनों को विक्रम की जेल में मृत्यु होने की सूचना दी गई...परिजनों ने पुलिस पर पीट पीट कर Hatya किए जाने का आरोप लगाया है..!
घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मृतक की भाभी पुलिस कर्मी को दौड़ती दिखाई
दे रही है...!
पुलिस की गुंडई!
वाराणसी में एक महिला अपनी ज़मीन पर कब्ज़े की शिकायत करने गई, तो चौबेपुर थाने की दरोगा रोशनी सिंह ने उसे 8 सेकेंड में 5 थप्पड़ मारे। खाकी वर्दी की इतनी हनक? वाह!
दरोगा रोशनी सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सिर्फ सस्पेंशन ही क्यों? मुकदमा और गिरफ़्तारी क्यों नहीं? सोचिए, अगर कोई आम आदमी किसी पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारता, तो क्या उसे ऐसे ही छोड़ दिया जाता? सारे पुलिसकर्मी मिलकर पहले उसे पीटते, फिर उस पर मुकदमा दर्ज करके जेल भेज देते। लेकिन जब पुलिसकर्मी आम जनता के साथ ऐसी मारपीट करते हैं, तो उन पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
अमूमन देश के सभी थानों का यही हाल है। पुलिस की गुंडागर्दी एक्सपोज़ न हो, इसीलिए वे लोग थाने में कोई वीडियो रिकॉर्ड नहीं करने देते। इस मामले में फरियादी महिला गीता देवी को पीटते हुए दरोगा ने कहा; "तुम्हारी रोज़-रोज़ की शिकायत से तंग आ चुकी हूँ। आज तेरा इलाज करती हूँ..."
राष्ट्रीय शर्म का विषय। 💔🚨
यूपी के नोएडा में सफाई के लिए सीवर में उतरे वाल्मीकि दलित समुदाय के एक कर्मचारी की दम घुटने से मौत हो गई।
चाँद और मंगल पर पहुंच जाने वाला देश 10 फीट अंदर सीवर में जाने के लिए मशीन नहीं बना पा रहा है? लानत है।
यह मौत नहीं, हत्या है। इस घटना में शामिल ललित त्यागी, प्रवीण त्यागी, JE, SM, ठेकेदार और सभी जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग को अपराध घोषित किया है और संसद ने इस पर कानून भी बनाया है, लेकिन नगर निगम, ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार तंत्र इस कानून का तनिक भी पालन नहीं करते हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें पता है कि मरने वाले सफाईकर्मी कोई सवर्ण या Dominant जातियों के नहीं हैं। दलित समुदाय के लोगों की जान की भला इनके लिए क्या ही कीमत है! बस इसीलिए ये लोग उन्हें बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के सफाई के काम पर लगा देते हैं, और बिना किसी सुरक्षा के सीवर में उतार देते हैं।
सरकार, न्यायपालिका एवं मीडिया.. सबको हकीकत पता है, लेकिन कोई भी इन मौतों को गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि मरने वाले लोग दलित समाज से हैं। ऐसे में चाँद और मंगल ग्रह पर पहुँचने का दुनिया के सामने ढिंढोरा पीटने का क्या ही फायदा, जब यह देश 10 फीट गहरे सीवर की सफाई के लिए न तो मशीनें बना पा रहा है और न ही सरकारें उन्हें उपलब्ध करा पा रही हैं। पूरी दुनिया के सामने भारत के लिए यह बेहद शर्मनाक बात है कि इस देश में हर साल सैकड़ों सफाईकर्मी सीवर की सफाई करते हुए अपनी जान गंवा देते हैं।
तालिबानी आतंक! 💔
MP के रायसेन में जितेंद्र ठाकुर और उसके गुर्गों ने चोरी के शक में OBC समुदाय के हेमराज बैरागी एवं धनराज बैरागी को खंभे से बांधकर बिजली का करंट लगाकर प्रताड़ित किया।
BJP सरकार का कानून देखिए। हमलावरों के दबाव में पुलिस ने पीड़ितों को ही जेल भेज दिया। शर्मनाक!
जब सवर्ण प्रोटेस्ट करता है तो प्रशासन दांत निपोरते हुए उनके साथ हाहाहा करते हैं, पर जब दलित न्याय मांगता है तो यही पुलिसवाले उन्हें गाली देते हैं, थप्पड़ मारते हैं।
जाति और सत्ता का फर्क है बाबू। वर्ना अविनाश पांडेय की क्या औकात कि वह दलितों को बहन की गाली दे देता।
मैं इसीलिए कहता हूँ कि दलित समुदाय के लोग अपने घर में आग लगाकर पड़ोसी के महल में बैठकर खुश होने वाली सोच का दंश झेल रहे हैं। अगर समाज ने आज बसपा को कमजोर न किया होता, तो क्या एक IPS अफसर की इतनी औकात होती कि वह "पूरी रोड गंदी कर दी सालों ने, इनके पिता जी की रोड नहीं है" जैसी गालियां देता? क्या वह आंदोलन में खड़े युवाओं को थप्पड़ मारता और बंदी वाहन में घुसकर समाज के युवाओं पर अपना जातीय रौब दिखाता? चूंकि वह मुख्यमंत्री योगी और गृहमंत्री अमित शाह का खास अफसर है, जाति से ब्राह्मण है, इसलिए सरकार उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
दलितों को हिंदू कहकर हिंदू एकता का नारा देने वाले लोगों का दोहरा चरित्र देखिए। आज वे खुलकर गालीबाज SSP अविनाश पांडेय के समर्थन में हैशटैग चला रहे हैं। इससे साफ सिद्ध होता है कि सवर्णों की हिंदू एकता का मतलब सिर्फ सवर्ण हितों को सुनिश्चित करना है। वरना जो द्विज हिंदू कल तक बिहार के कुख्यात अपराधी भरत तिवारी के लिए विलाप कर रहे थे, आज वे अविनाश पांडेय की गालीबाजी और गुंडागर्दी का समर्थन क्यों कर रहे हैं? सवर्ण प्रभुत्व ही इनकी हिंदू एकता का सार है; भाजपा सरकार और उसके अफसर इसी हित को बचाने के लिए काम कर रहे हैं।
जान लेनी है तो ले लो, लेकिन इतनी बेरहमी से मत मारो। ज़ुल्म की भी एक हद होती है ? 🥲
पुलिस वालों ने व्यक्ति में इतने डंडे मारे है, गिनना मुश्किल हैं.पुलिस वाले मारते हुए कह रहे है पुलिस की कंप्लेंट करेगा ?
क्या इन पुलिस वालों की मानवता मर गईं हैं .
इन पुलिस वालों क़ो जरा भी रहम नहीं आया ?
दलितों के लिए कब्रगाह बना उत्तर प्रदेश! 🚨💔
SSP अविनाश पांडेय ने सरेआम दलितों को अपमानित करते हुए उन्हें थप्पड़ मारा और अपनी गुंडागर्दी दिखाई।
इस घटना पर CM योगी आदित्यनाथ ने एक शब्द नहीं बोला है और न ही अभी तक SSP पर कोई कार्रवाई की गई।
आप इसी से समझ लीजिए कि BJP कितनी दलित हितैषी पार्टी है। एक तरफ समाज की लड़की ललिता गौतम की जघन्य हत्या कर दी जाती है और समाज के लोग जब पीड़ित परिवार को संबल देने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग करते हैं, तो उन्हें सुरक्षा देने की बजाय मेरठ पुलिस उन पर हाथ, पाँव और लाठियां चलाती है। समाज को समझना होगा कि खाकी वर्दी में बैठे हुए सवर्ण किस तरह जाति देखकर दलितों का दमन करते हैं और सरकार ख़ामोशी से तमाशा देखती है। क्या बिना शासन की सहमति एवं संरक्षण के इन SSP अविनाश पांडेय जैसे प्रशासनिक अधिकारियों की मजाल है कि वे शोषित-वंचित समाज को इस तरह अपमानित कर सकें? नहीं, हरगिज़ नहीं।
योगी सरकार को इस जातिवादी मानसिकता के क्रूर अफसर SSP अविनाश पांडेय को तत्काल बर्खास्त करके उस पर कानूनी कार्रवाई करनी होगी। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो दलित समुदाय के लोग इस अपमान का बदला अपने वोट से लेंगे। भाजपा सरकार में दलित घूँट-घूँटकर जी रहे हैं।
महोदय @myogiadityanath जी !!
इनको कौन सा कानून बताया गया है कि तुम खुलेआम किसी को थप्पड़ मार सकते हो ?
यह इतने ही ज्ञानवान होते तो दरिंदा बलात्कारी जिंदा क्यों है बाहर क्यों घूम रहा उस दरिंदे को कितने थप्पड़ मारे है SSP ने जिसने एक बाप की बेटी का बलात्कार किया है ?
ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त करो जो आरोपियों को ही संरक्षण देते हो !!
@ramjigautambsp@SurajKrBauddh
"तेरे मुँह में मूत दूंगा..."
मेरठ में तैनात गजेंद्र शर्मा नामक इस सिपाही की वर्दी की हनक देखिए, जो जनता के मुँह में मूतने की धमकी दे रहा है।
इन मेरिटधारियों की मानसिकता केवल "मूत्र" पर ही आकर क्यों अटक जाती है? थाने में गरीबों, दलितों व आदिवासियों को जो थर्ड डिग्री दी जाती है, उसके पीछे इसी तरह की कुंठित मानसिकता के पुलिसकर्मी होते हैं। प्रशासन से हमारी मांग है कि वायरल वीडियो पर संज्ञान ले और इस गजेंद्र शर्मा को तत्काल बर्खास्त करके इस पर आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करे। ऐसे लोग पुलिस की छवि को और खराब करते हैं।
"मैं मरूंगा... मेरे साथ बदतमीजी हुई है, कप्तान साहब... मैं वकील हूं!"
उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड मामले में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए एडवोकेट रवि गौतम ने पुलिस वैन के अंदर फांसी लगाने की कोशिश की। एसएसपी अविनाश पांडेय ने एडवोकेट रवि गौतम की पिटाई भी की। जिसका वीडियो भी सामने आया है।
दलित विरोधी BJP सरकार!
मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के न्याय की मांग कर रहे दलितों पर पुलिसिया दमन शर्मनाक है। SSP अविनाश पांडेय ने बंदी वाहन में घुसकर रवि गौतम को थप्पड़ मारा।
तो क्या अब BJP के राज में पुलिस दलितों पर लात और लाठीचार्ज चलाएगी? ये है तुम्हारा इंसाफ? लानत है।