"यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी का नहीं है, यह मुद्दा युवाओं छात्र और नौजवानों का है। क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? युवाओं के लिए सदन में क्यों नहीं बोल सकते हैं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी
"यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी का नहीं है, यह मुद्दा युवाओं छात्र और नौजवानों का है। क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? युवाओं के लिए सदन में क्यों नहीं बोल सकते हैं।"
श्री अखिलेश यादव जी @yadavakhilesh
दिल्ली में छात्रों का समर्थन कर रहें माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना अति निंदनीय है।मोदी ने भारत को तानाशाही के दलदल में धकेल दिया है।
लोकतंत्र की है हत्यारी
भाजपा सरकार अत्याचारी
दुनियां के 177 देशों की लिस्ट में प्रदूषण के मामले में भारत सबसे निचली पायदान से ठीक एक पायदान ऊपर क्यों है?
क्या दुनियां का हर अध्ययन भारत के खिलाफ षडयंत्र कर रहा है? या हम अपनी बरबादी क़बूल करने को किसी सूरत में तैयार नहीं हैं क्योंकि हम स्वयंभू विश्वगुरू हैं!
(वीडियो लिंक कमेंट्स में है)
अब तो बच्चे भी नाकाम भाजपा सरकार को, शासन-प्रशासन की ज़िम्मेदारीभरी भाषा-बोली और सबक सिखा रहे हैं। देश की जनता इतनी हताश-निराश तो आज़ादी के पहले भी न थी।
दिल्ली के जंतर मंतर पर भाजपा सरकार के आदेश पर युवाओं छात्रों नौजवानों पर लाठीचार्ज किया गया
युवा न्याय मांग रहे थे, भाजपा सरकार में न्याय नहीं लाठी मिलती है
युवाओं पर चली इस लाठी की गूंज दूर तक जाएगी और भाजपा सरकार के ताबूत की आखिरी कील बनेगी
“विदेशी लुटेरों ने मंदिर तोड़े थे, विश्वविद्यालय तोड़े थे, आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया था, आज वही भाजपा कर रही है। भाजपा में अहंकार है।“
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
धर्मेंद्र प्रधान पर कार्रवाई करने के बजाय जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक़ की आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करवाना प्रधानमंत्री मोदी की कायराना हरकत है, जो बेहद शर्मनाक है।
निराशा में आँख का पानी
जब समुंदर बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
कोई अपनी ताक़त पर
जब सर उठा इठलाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
हुक़ूमतों का घमंड-गुरूर
जब पर्वत सा बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
दौर जब नाइंसाफ़ी का
हद ही पार कर जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
जब-जब देश का भविष्य
पूरा दांव पर लग जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
प्रिय छात्रों और अभिभावकगण,
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।
बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के ख़िलाफ़, हमारे साथ हमारा छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े-से-बड़ा नेता और वो सब हज़ारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं जिनके सपने पर बुलडोज़र चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।
हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम ‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने के लिए देश भर से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं। विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुध्द हो गई है। भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है। अगर कहीं कुछ काग़ज़ी कमी है भी तो उसके काग़ज़ पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और स्टूडेंट्स के भविष्य को भी। यहाँ ग़रीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महँगे विश्वविद्यालय या विदेशों में पढ़ा सकें। जिनके न परिवार हैं न बच्चे,वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवार-परिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूँढती।
सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं , वो अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दक़ियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है। इसीलिए भाजपाई और उनके संगी-साथी, गाँव-गाँव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं। भाजपाई जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी-रोज़गार माँगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है। नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने ‘पीडीए पाठशाला’ खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगी-साथियों की एक बेहद घिनौनी साज़िश है। उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफ़ा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
अति निंदनीय!
आपका
अखिलेश
NEET है या CHEAT है?
NEET REEXAM में घपलों की ख़बरें बढ़ती जा रही हैं लेकिन भाजपा सरकार में न किसी की ज़िम्मेदारी तय की जाती है, न किसी की जवाबदेही। इस्तीफ़ा देना या दिलवाना तो असंभव बात है।
अभ्यर्थी कह रहे हैं कि कड़वा सच ये है कि भाजपा के संगठन में भी सबसे ऊपर बैठे तथाकथित नैतिक लोग अपने किसी संगी-साथी मंत्री पर दबाव बनाकर इस्तीफ़ा लेने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अपने को फँसता देख, वो मंत्री जी कहीं बाक़ी सारे भाजपाई हिस्सेदारों के घपलों का दबा-छुपा राज़ न खोल दें। यही हाल भाजपा सरकार के हर मंत्रालय का है, इसीलिए भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।
जनता पूछ रही है कि ‘मुख़बिरी और लीक में कोई ऐतिहासिक संबंध होता है क्या?’
छुपे बैठे भ्रष्टाचार की काली कोठरी में
भाजपाई साझेदार हैं लूट की पोटली में
#NTA
#NEET
#NEET_REEXAM
इस शासनादेश के आधार पर भाजपा सरकार चाहे तो बदले की भावना छोड़कर जौहर यूनिवर्सिटी का नक़्शा भी आसानी से एक दिन में पास करा सकती है। भाजपा अपने लोगों के लिए इस शासनादेश को मानती है लेकिन किसी और के लिए इसे इस्तेमाल न करके हर समाज के छात्रों और उनके परिवारवालों के ख़िलाफ़ नाइंसाफ़ी कर रही है। इस जीओ के आधार पर ही भाजपा सरकार ने हज़ारों भवनों को नियमित करके, उन्हें वैध स्वरूप प्रदान किया है।
भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए!
विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा!
‘पक्षपात’ अन्याय का सबसे प्रत्यक्ष रूप होता है।
जिस शख़्स ने भारतीय सेना के लिए ऐसा टेंट बनाया जिसमें -20 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी हमारा जवान आराम से रह सके,उस शख़्स को ख़ाली दिमाग़ भाजपाई “चीन का एजेंट” कह रहे हैं।