@INCindia National Coordinator, Incharge Spokespersons(AICC SC Deptt),
B. Tech (IIT Roorkee), Ambedkarite Believe in Freedom,Equality, Fraternity and Justi
बहुजन वैचारिकी के प्रखर वक्ताओ में से एक राजकुमार भाटी जी पिछले कई वर्षों से सामाजिक चेतना लाने का कार्य कर रहे हैं।
इसके चलते वे निश्चित रूप से वे एक वर्ग विशेष के निशाने पर भी रहे है, हाल ही में उनके एक वक्तव्य के छोटे से हिस्से को काटकर वायरल किया जा रहा है, जिसमे उन्हें ब्राह्मण समाज को अपमानित करने वाला बताया जा रहा है।
जबकि पूरा वक्तव्य सुनकर स्पष्ट है कि उनका मंतव्य यह बताना था कि हमारे समाज में बहुजन समाज की हर जाति को शास्त्रों, मुहावरे, कीवदन्तियों आदि के माध्यम से किसी ना किसी रूप में अपमानित करने का कार्य होता रहा है, जो आज भी जारी है।
लेकिन कुछ लोगों ने इस महत्वपूर्ण विषय से सबक लेने की जगह उसे और उलझा दिया, बात ब्राह्मणो के अपमानित करने की है ही नहीं, असल सवाल ये बताना ��ा कुछ लोगों को शास्त्रों के माध्यम से कैसे अपमानित किया गया।
इस बात पर आम सहमति बनाने का प्रयास करने की जरूरत थी कि किसी भी जाति वर्ग को शास्त्रों, मुहावरों, किवदन्तियो के माध्यम से अपमानित ना किया जाए, लेकिन बेदिमाग़ संघी ट्रोल गैंग ने इतने महत्वपूर्ण प्रश्न को उलझा कर रख दिया। इस मौके का प्रयोग समाज में कटुता फैलाने और अपनी राजनीति चमकाने में ज्याद�� किया जा रहा है।
जबकि महत्वपूर्ण यह भी है कि राजकुमार भाटी जी ने अपने शब्दों से किसी की भावना आहत हुई हो तो उसके लिए माफी भी माँग ली है।
अब इस विषय को शांत होना चाहिए और समाज में भाईचारे व संवाद और सहमति को बढ़ावा देना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण विषय को, सही मंशा से जनता के समक्ष लाने के लिए हम राजकुमार भाटी जी के साथ है।
#IStandwithRajkumarBhati
देश के जातिवादी सिस्टम के सामने दलित आदिवासी समाज के गरीब अशिक्षित लोगों की कोई कीमत नहीं।
रात दिन आरक्षण के खिलाफ और जाति व्यवस्था के समर्थन में तर्क गढ़ने वाले जातिवादी लोगों की सोच में परिवर्तन लाये बगैर, , क्या कभी हम इस देश के सिस्टम को इन कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बना सकते हैँ!!
-धर्मेंद्र कु जाटव
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (अनुसूचित जाति विभाग ) के राष्ट्रीय चेयरमेन, पूर्व केबिनेट मंत्री (दिल्ली सरका���), अम्बेडकरी मूवमेंट के सच्चे सिपाही और हम सभी के मार्गदर्शक आदरणीय राजेंद्र पाल गौतम जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी बधाइयां एवं मंगलकामनाएं।
@AdvRajendraPal
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संघ भाजपा विरोधी पार्टियों में हुई टूटन, सवर्ण वर्ग के नेताओं के नेतृत्व में ही हुई है, इसलिए विपक्ष की पार्टियों को इस तथ्य को मद्देनजर रखते हुए ही क्षेत्रीय नेतृत्व तय करने का निर्णय करना चाहिए।
क्योंकि जातिय समाज का वर्गीय चरित्र, राजनीतिक निर्णयों को गहरे से प्रभावित करते है।
कोविड में हमें दवाईयों वालों ने लूटा, हॉस्पिटल वालों ने लूटा, बीड़ी सिगरेट वालों ने लूटा, सब्जी भाजी फलों वालों ने लूटा, ��रचूनी वालों ने लूटा। जमाखोरो ने हर चीज में लूटा।
आपदा को अवसर बना समझने वालों क़े लिए हमारे देश में, मोदी किसी भगवान से काम नहीं। मोदी जी क़े प्रताप से उन लोगों कि फिर से एक बार छप्पर फाड़ कमाई होंगी, लक्ष��मी मेहरबान होंगी, लाखों का चढ़ावा चढ़ाने का रिटर्न मिलने वाला है, हम लोग ठहरे पूर्व जन्म क़े पापी, फिर से तरसेंगे।
PM मनमोहन सिंह क़े नेतृत्व की सरकार क़े दौरान ( 2004- 2014) प्रतिवर्ष लगातार औसतन 8 से 10 हज़ार बांगलदेशी घुसपैठिये वापस बांग्लादेश भेजे गए,
वहीं PM मोदी क़े नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ( 2014 से लेकर 2025 तक), जिसने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मसले को अपना चुनावी अजेंडा तक घोषित किया था, इनके कार्यकाल क़े दौरान कुछ सैकड़ो में ही बांगलादेशी घुसपैठियों को वापस भेज पाए।
भाजपा जिन मुद्दों को लेकर सत्ता मे आई उनमे बुरी तरह से असफल रही है, विदेशो मे जमा काला धन, देश में वापस लाकर गरीबों में बांटना, पेट्रोल डीजल क़े दामों में कमी लाना इनका एक अन्य मुद्दे थे।
@AdvRajendraPal@INCIndia
संघ भाजपा जैसी पूंजीवादी,जातिवादी और सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए, एक साथ मिलकर लड़ने की जरूरत को समझते हुए, वोट कटवा राजनीति में तब्दील हो चुकी एकला चलो के नीति को छोड़क��� फिलहाल में तेजी से कांग्रेस से जुड़ रहे आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं/ चिंतकों की कांग्रेस में उनके बढ़ते सम्मान और दखल का ही नतीजा है कि आज कांग्रेस में वो सब हो रहा है जो पहले कभी ��हीं हुआ।
हमारे सभी बहुजन महापुरुषों और उनके विचारों को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया जा रहा है। और जो इक्का दुक्का लोग नाक भौंह चढ़ा भी रहे होंगे, ऐसे लोगों को खुद राहुल गांधी जी स्लीपर सेल बोल चुके है।
इन सब परिवर्तनों का दिल से स्वागत होना चाहिए, क्योंकि ये सब बहुत अच्छी भावनाओं के साथ हो रहा है।
इसके लिए @RahulGandhi जी जैसे नेक दिल, बेबाक नेता तो धन्यवाद के पात्र तो है ही, लेकिन ये सब @AdvRajendraPal सर जैसे बाबा साहब के निर्भीक सिपाही की उनको सलाह और सुझावों के बगैर नहीं हो सकता था।
वैसे भी संघ भाजपा को सत्ता से बाहर करने में सबसे बड़ी जिम्मेदारी तो अंबेडकरवादियों की है, इसलिए उसके रास्ते तो निकालने ही होंगे। जो रास्ते निकाल रहे है, उन्हें धन्यवाद दीजिए उनका साथ दीजिए।
Indian National Congress
जो इंडक्शन चूल्हे 10 दिन पहले 50-60 % डिस्काउंट पर ऑनलाइन उपलब्ध थे। अब डिस्काउंट तो गायब है ही, अधिकतर ई कॉमर्स वेबसाइट्स पर स्टॉक (currently unavailable) में ही नहीं है बता रहे है। (फोटो: अमेजन ई कॉमर्स वेबसाइट का है)
डोमेस्टिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बुरी तरह बाधित होने के चलते, शहरी क्षेत्र के लोग इंडक्शन चूल्हों पर शिफ्ट करने पर मजबूर हो गए है।
शाम होने तक एक डोमेस्टिक सिलेंडर, ब्लैक में 2500 रुपए तक में बिक चुका है। और इसे शुरुवात ही समझा जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये कुछ बड़े खिलाड़ियों (अधिकतर एप्स्टीन फाइल्स में शामिल) की कोरोना से बड़ी प्लानिंग है। निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले फिर से लूटे जाएंगे।
@AdvRajendraPal@INCIndia
कांग्रेस के पूर्व सांसद उम्मीदवार (धौलपुर - करौली) लक्खी राम बैरवा जी पर जानलेवा हमले की घटना बेहद चिंताजनक है। @BJP4Rajasthan के राज में ��ुंडे खुले आम अपराधों को अंजाम दे रहे है। गौरतलब यह भी है कि इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा पूर्व में ही, जान से मारने की धमकी मिलने और किसी अनहोनी होने के संभावना की लिखित सूचना पुलिस विभाग को दे दी गई थी, उसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार की पुलिस कमजोर वर्ग की सुरक्षा को लेकर कतई भी चिंतित नहीं है।
आज राजस्थान हॉस्पिटल जाकर लक्खी राम ��ी से मुलाकात कर, उनकी न्याय की लड़ाई लड़ने का हौंसला बढ़ाया, अपराधियों को सबक सिखाए बगैर चुप नहीं बैठेंगे।
@AdvRajendraPal
करणी सेना के कार्यकर्ता ने दी विपक्ष ��े नेता राहुल गांधी जी की हत्या करने की धमकी।
पूर्व में सांसद चंद्र शेखर आजाद जी पर गोली चला कर प्राणघातक हमला करने वालों का संबंध भी करणी सेना से निकला था।
देश का बहुत तेजी से तालिबानीकरण हो रहा है।
चिंताजनक।
वीडियो में दावा कि किया गया है कि ओम बिरला जी पर सांसदों द्वारा हमला किया गया, जो एक झूठ है, अगर ऐसा हुआ होता तो निश्चित ही उसके खिलाफ पुलिस कार्यवाही की जा चुकी होती। इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष की शक्ति, लोकसभा सदस्यों की सदस्यता बर्खास्त करने तक की होती है, ऐसा हुआ होता तो ओम बिरला जी एक्शन लेने के लिए स्वतंत्र थे )
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