Seeds are more than an agricultural input. They are the foundation of India's food sovereignty.
As the Draft Seeds Bill redraws the rules of seed governance - the questions of farmer autonomy, corporate concentration, and food sovereignty, deserve far greater attention.
I write ✍️ @DeccanHerald
The battle over India's future won't begin in Parliament. It will begin with a seed.
As the Draft Seeds Bill reshapes India's seed governance - the fight over farmer autonomy, corporate concentration and food sovereignty becomes impossible to ignore.
I write ✍️
https://t.co/uptbpEqdr2
@Jairam_Ramesh@visually_kei@shemin_joy
Three hours. That's all it takes to choke your voice under the new IT (Amendment) Rules, 2026. As citizen-privacy and free-expression grapple for breath, dangers of excessive State-oversight loom larger than ever.
I write ✍️ in @IndianExpress
खाने में क्या है?
@kunalvijayakar के साथ एक छोटा सा प्रयास अपनी संस्कृति, अपने स्वाद और अपनी जड़ों को दुनिया के साथ साझा करने का।
यह मुलाकात सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रही, यह उन परंपराओं, उन यादों और उस मिट्टी से जुड़ने का एहसास थी, जो हमें आज भी अपनी पहचान से जोड़े रखती हैं।
ओसियां की कचौरी से लेकर बाजरे के सोगरे तक हर निवाला एक कहानी, हर स्वाद एक विरासत।
शुद्ध शाकाहारी देसी मारवाड़ी थाली, आत्मीयता से भरी मनवार और बातचीत। यही तो है हमारी असली पहचान।
लोकसभा में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी ने मोदी सरकार से किसानों से जुड़े कुछ गंभीर सवाल पूछे।
उन्होंने पूछा कि 2021 में किसानों से किया गया C2+50% के आधार पर कानूनी MSP का वादा अब तक लागू क्यों नहीं हुआ? लेकिन सरकार ने सीधे जवाब देने के बजाय अपनी पुरानी MSP नीति दोहरा दी। इतना ही नहीं, सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि उसने राज्यों पर MSP बोनस खत्म करने का दबाव डाला, जिसे बिना किसी ठोस तर्क के “राष्ट्रीय प्राथमिकताओं” के नाम पर सही ठहराया गया।
राहुल गांधी जी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि “non-trade barriers” कम करने का मतलब क्या MSP और सरकारी खरीद को कमजोर करना है? लेकिन इस सवाल से भी सरकार बचती नजर आई।
स्पष्ट है कि मोदी सरकार किसानों से किया गया वादा निभाने से बच रही है और अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को खतरे में डाल रही है।
किसानों के हक और MSP की रक्षा के लिए हमारी यह लड़ाई संसद से सड़क तक जारी रहेगी।
“मैं समय हूँ” - समय किसी के पक्ष में नहीं होता, वह किसी से घृणा नहीं करता; वह केवल मानव कर्मों का मौन साक्षी होता है।
‘समय’ को सूत्रधार बनाकर राही मासूम रज़ा ने पूरी कथा को एक तटस्थ, दार्शनिक और सर्वव्यापी दृष्टिकोण प्रदान किया।
उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करते हुए उनकी लेखनी और वैचारिक दृष्टि पर @DainikBhaskar में आज प्रकाशित मेरा लेख। ✍️📖
@pantlp@mukesh1275@arvindchotia@saurabhtop@TheTribhuvan
गत रात्रि ओसियां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डांवरा में नव निर्माणाधीन सोलर प्लांट की आड़ में 100 से अधिक खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई किया जाना अत्यंत निंदनीय है। यह केवल पेड़ों की कटाई नहीं, बल्कि मरुधरा की जीवनरेखा पर सीधा हमला है।
एक तरफ़ बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण को लेकर पर्यावरण प्रेमी आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ओसियां विधानसभा क्षेत्र के डांवरा में सोलर प्लांट की आड़ में अंधाधुंध खेजड़ी की कटाई की जा रही है। यह दोहरा मापदंड और प्रशासनिक उदासीनता अत्यंत चिंताजनक है।
चिंताजनक तथ्य यह है कि इससे पूर्व ओसियां विधानसभा के ग्राम खारी में भी सोलर प्लांट के नाम पर खेजड़ी वृक्षों का विनाश किया गया। जब ग्रामीणों ने इस पर्यावरणीय अपराध के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया, तो दोषी कंपनियों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने ग्रामीणों को ही पाबंद किया।
यह रवैया न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह खतरनाक संदेश भी देता है कि कानून आम जनता के लिए सख़्त और पर्यावरण विनाश करने वालों के लिए नरम है।
वर्तमान में डांवरा में ग्रामीणजन खेजड़ी कटाई के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
मैं प्रशासन से स्पष्ट मांग करती हूँ कि ग्रामीणों की सभी जायज़ मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाए, दोषी कंपनियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।
#खेजड़ी_बचाओ
@BhajanlalBjp@RajCMO@JodhpurDm@JdprRuralPolice
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी बोले ; "जिंदा रहूंगा तो देखकर जाऊंगा वरना, जनता देखेगी। लेकिन, मरते दम तक धरना जारी रहेगा।"
गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बालोतरा ने शामिल किए जाने को लेकर 75 वर्षीय पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी धरने पर बैठ गए है। उन्होंने कहा है कि "बढ़िया किया है, बढ़िया किया है, कहते जाओ - ये तो बढ़िया है कि नहीं है, ये तो समय बताएगा ?"
हेमाराम चौधरी ने कहा कि "जिंदा रहे तो देख कर जायेंगे और गए तो लोग इसको देखेंगे।" चौधरी ने कहा कि "मेरे में जब तक सांस है, तब तक धरना जारी रहेगी, उसके बाद का कुछ कह नहीं सकता।"
मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि "हेमाराम तो अपनी सरकार के खिलाफ भी डटकर खड़ा रहा है और इनकी बीजेपी सरकार के खिलाफ भी लड़ने में मुझे किसी प्रकार की कोई हिचक नहीं है। मजबूती के साथ इनके खिलाफ लड़ाई लडूंगा। जनता के साथ खड़ा रहूंगा।"
मनरेगा के खिलाफ बिल लाकर मोदी सरकार करोड़ों मजदूरों से रोजगार का कानूनी अधिकार छीनना चाहती है। यह योजना देश के सबसे गरीब लोगों का सहारा है, जिसे वे खत्म करने जा रहे हैं।
यह बिल श्रमिकों के खिलाफ़ है , मजदूरों के खिलाफ़ है, गरीबों के खिलाफ़ है और इसका हम सख्त से सख्त विरोध करेंगे।
:- कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
“मेरे सच से इनको सदमे रहते हैं,
यूँ ही थोड़े हमपे मुक़दमे रहते हैं”
मेरी आदर्श श्रीमती सोनिया गांधी जी हैं। मुझे लगता है कि जिस तरह सोनिया जी ने भारतीयता को आत्मसात किया और यूपीए के कार्यकाल में उनके नेतृत्व में सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा का अधिकार और शिक्षा का अधिकार जैसे ऐतिहासिक निर्णयों द्वारा हिंदुस्तान की राजनीति में एक नज़ीर पेश की है जिसे हमेशा याद किया जाएगा ।
मैं दसवीं की छात्रा थी 1998 में जब वह पहली बार कांग्रेस अध्यक्षा बनकर राजनीति में आई थी। उस दिन से लेकर आज तक मैंने उनके राजनीतिक सफ़र को बहुत करीब से देखा है। जिस समर्पण, गंभीरता और सादगी के साथ वे काम करती हैं, वह मुझे हमेशा प्रेरित करता है।
उनका नेतृत्व वास्तव में “Par Excellence” है।
#SoniaGandhi #IndiaNewsManch2025
दिव्या जी ने साबित किया कि राजनीति सिर्फ़ शक्ति या पद नहीं, जज़्बा और जवाबदेही है। किसान, मज़दूर और ग़रीब की आवाज़ बनकर वे जनता के लिए उम्मीद और सत्ता के लिए चुनौती बन गई हैं।
@DivyaMaderna
"दिसंबर की ठंडी रात, खाली सड़कें और दिव्या मदेरणा की आवाज़।"
प्रिय दिव्या मदेरणा, @DivyaMaderna
रात के ठीक बारह बज रहे हैं। मैंने आपका कहीं कोई भाषण नहीं ,बस एक छोटा-सा वीडियो देखा, और फिर देर तक आपके बारे में सोचता रहा।
आपसे कभी मिला नहीं, ना आपको निजी तौर पर जानता हूँ।फिर भी आपकी आवाज़ सुनकर ऐसा लगा जैसे ईश्वर ने गले में जो स्वर दिया है, वह यूँ ही नहीं दिया गया, वह किसी वक्ता को ही दिया जा सकता था। ऐसी आवाज़ जो बोलने के साथ ठहर भी जाती है।
बाहर रात खामोश है। सड़कों पर दिसंबर बिताने वालों के लिए यह महीना पूरे एक साल जितना लंबा होता है। ठंडी ज़मीन, खुले आसमान के नीचे सिमटी ज़िंदगियाँ,और एक देश जो रात में और ज़्यादा नंगा दिखाई देता है। शायद इसी सन्नाटे में आपकी आवाज़ और साफ़ सुनाई देती है।
2018 में जब आप ओसियां से पहली बार विधायक बनीं, तो लगा कि राजनीति के राजस्थान में कुछ नया हो रहा, क्योंकि उस इलाके की आवाज़ जो अब तक काग़ज़ों में ज़्यादा और ज़मीन पर कम मौजूद था। उसे आपने अपने विधानसभा ओसियां में पीड़ा की तरह रखा।
आप उन नेताओं में नहीं रहीं जो फाइल देखकर विकास तय करते हैं। आप अधिकारियों से भिड़ीं, क्योंकि कई बार विकास के लिए नरमी से ज़्यादा, ईमानदार टकराव चाहिए होता है।और उसी टकराव से सैटेलाइट अस्पताल खड़े हुए ,खेल मैदान बने, पानी की टंकियाँ आईं, जो उस समय की ज़रूरतें थीं।
राजनीति में समुदाय अक्सर गिनती बन जाते हैं। लेकिन आपने जाट समाज के साथ गिनती नहीं, संवाद बनाया।कांग्रेस और जाट समाज के बीच जो दूरी थी, उसे आपने धीरे-धीरे भरोसे में बदला। वो भरोसा, जो नियत से बनता है।
आपका काम सिर्फ़ ओसियां ने नहीं देखा। पुणे में भारतीय छात्र संसद ने आपको आदर्श युवा विधायक कहा, यह उस पीढ़ी की तरफ़ से एक स्वीकारोक्ति थी जो राजनीति में शोर से थक चुकी है।
2019 में फोकस इंडिया का महिला राजनीतिक नेतृत्व पुरस्कार और हाल ही में हेसेन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की मानद डॉक्टरेट, ये सम्मान आपकी निरंतरता के गवाह हैं।
भारत जोड़ो यात्रा में आपको देखकर यह कभी नहीं लगा कि आप किसी औपचारिक कतार में चल रही हैं। आप वहाँ थीं, जहाँ राजनीति फिर से पैदल हो गई थी। जहाँ नेता, इंसान बनकर चल रहे थे। आप युवाओं और महिलाओं के बीच संभावना की तरह मौजूद थीं।
आपको सुनते हुए कभी यह महसूस नहीं होता कि आप किसी को डराकर जीतना चाहती हैं। आप सवाल करती हैं,लेकिन अपमान नहीं करतीं। आप असहमति रखती हैं,लेकिन संवेदना नहीं छोड़तीं। आज की राजनीति में यह एक दुर्लभ गुण है।
मुझे नहीं पता आपका राजनीतिक भविष्य किस पद तक जाएगा। लेकिन इतना ज़रूर जानता हूँ कि अगर इस देश में और ज़्यादा नेता आपकी तरह बोलने लगें, तो शायद राजनीति थोड़ी कम क्रूर हो जाए।
यह ख़त किसी समर्थक का नहीं है। यह उस आदमी का ख़त है, जो आधी रात एक अनजान नेता की आवाज़ सुनकर यह सोचने लगा कि अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है।
आप यूँ ही बोलती रहें, धीरे,साफ़,और इंसान की तरह। क्योंकि कभी-कभी एक सही आवाज़ पूरी रात को थोड़ा कम ठंडा बना देती है।
ख़त लिखने वाला लड़का।
चाय इश्क़ और राजनीति।
अंता विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद भाया जी को शानदार विजय की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।
यह जीत जनता के विश्वास, आपके वर्षों के जनसंपर्क, संघर्ष और निरंतर सेवा का परिणाम है। उम्मीद है कि आप इसी जनसमर्पित भावना के साथ क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
जनता ने परिवर्तन, प्रतिबद्धता और ईमानदार नेतृत्व को चुना है और यह जीत उसी जनमत का सम्मान है।
@PramodBhayaINC जी को एक बार पुनः हार्दिक बधाई।
कल देश की राजधानी के केंद्र में हुआ धमाका हमारे सुरक्षा तंत्र और नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल है।
लोग दहशत में हैं और देश के प्रधानमंत्री जी विदेश रवाना हो जाते है। यह संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है?
लाल किला आज सिर्फ ईमारत नहीं, बल्कि प्रतीक बन गया है, उस सवाल का जो हर नागरिक के दिल में है कि क्या अब इस देश में जवाबदेही के मायने ही ख़त्म हो गए है?
#lalqila #delhi #redfort
आपको देखने की ज़रूरत है कि कौन सी पार्टी आपको सच्चा सम्मान दे रही है।
ज़रा सोचिए, सम्मान का मतलब चुनाव से पहले कुछ रुपये दे देना नहीं होता। वह तो सिर्फ़ खरीदने की कोशिश है।
मेरे हिसाब से महिला का असली सम्मान तभी होगा जब:
• आपको हर महीने सही मानदेय समय पर मिलेगा।
• सरकार आपकी आर्थिक और व्यावसायिक मदद करेगी ताकि आप अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
• आपकी बेटियाँ पढ़ें, काम करें और खुद को सुरक्षित महसूस करें।
BJP और नीतिश सरकार यह सम्मान आपको कभी नहीं देंगी। यहाँ जब महिलाएँ अपने हक के लिए आवाज़ उठाती हैं तो उन्हें दबाया, पीटा और जेल तक भेजा जाता है।
: कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi जी
📍 बिहार
सुबह 4 बजे उठो,
36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ,
फिर सो जाओ - ऐसे भी हुई वोट चोरी!
चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा, चोरों को बचाता रहा।
#VoteChoriFactory