@yadavakhilesh 44 वर्षों से अतीक अहमद और उसका पूरा परिवार जब प्रयागराज पर कहर बरपा रहा था, तब तुम कहाँ थे टोंटी चोर?
जब अतीक अहमद के भय से 11 जजों ने उसका मामला तक सुनने से इनकार कर दिया, तब तुम कहाँ थे टीपू?
उमेश पाल की हत्या के बाद तुमने इतना सुनाया कि योगी जी ने ईगो पर ले लिया। अब भुगतो।
उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।