श्री राम की कृपा से, सब काम हो रहा है...
मेरिटधारी छात्रों के मेरिटधारी शिक्षक। बेशर्मी का आलम यह है कि GC के नाम पर नाचने वाले सवर्ण हिंदू इस न्यूज पेपर में "जय श्री राम" को "जय भीम" एडिट करके वायरल कर रहे हैं ताकि दलितों के खिलाफ हेट एवं हिंसा फैलाई जा सके।
@SurajKrBauddh हमें शुरू से लग रहा था यह बंदा काफी चालाक है और अंबेडकरवाद के आड़ में सिर्फ अपनी जातिगत हित को साधता है और सिर्फ यही नहीं बहुत से लोग हैं जो जय भीम का नाम लेकर पॉपुलर होते हैं फिर अपनी जातिगत भावना को एकाएक जाहिर कर देते हैं!
@amitkilhor अंबेडकर ने पूना पैक्ट को क्यों माना?
👉 उनके सामने बड़ी स्थिति थी:
गांधी जी का अनशन (देशभर में दबाव) और हिंसा होने लगा दलितों के घरों को जलाए जाने लगा
👉 इसलिए उन्होंने समझौता किया
👉 लेकिन उन्होंने बाद में कहा था कि
यह फैसला उन्होंने दबाव में लिया
@sachingupta बहस से डर लगता है तो हमला कर दो —
यही नई “दलील” है क्या?
जो विचारों से नहीं जीत पाते,
वे हिंसा का सहारा लेते हैं।
लोकतंत्र में चाकू नहीं, तर्क चलते हैं।
शायद इसीलिए एक भी मुस्लिम राष्ट्र लोकतांत्रिक नहीं है! और यहां हिंदू रोज ईश्वर की निंदा को सुनते हैं तर्क करते हैं।