@sumantkabir#ई_कॉमर्स ने एकदम चौपट कर दिया है, मार्केट से सेल लगभग 60-70 % गायब हो ऑनलाइन पर चली गई है, दुकानों पर चढ़ने के बाद भी ऑनलाइन रेट से तुलना करते हैं, दुकानदार उस रेट में कहां से दे सकता है ? लागत और कंपटीशन बढ़ता जा रहा है, ऑनलाइन पूरी तरह से तोड़े दे रहा है, इस पर कोई चर्चा नहीं
दिल्ली में सरकारी और सोसायटी की दीवारों पर हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ लगी हैं - और उन्हीं दीवारों पर लोग पेशाब कर रहे हैं।
मैं आस्था का अपमान रोकने यह लड़ाई लड़ रहा हूँ।
आपका साथ चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। विगत 25 वर्षों में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यकाल में आपने सुशासन के अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं तथा समावेशी विकास को अभूतपूर्व गति एवं नई दिशा प्रदान की है। सांस्कृतिक गौरव की भावना के साथ आधुनिक प्रगति के मार्ग पर चलते हुए हमारे देशवासी, विरासत और विकास के समन्वय को साकार कर रहे हैं। मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्रार्थना करती हूं, ताकि आप जन-सेवा और राष्ट्र-निर्माण के अपने अभियान को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।
25 वर्षों तक लगातार राज्य से केंद्र तक लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली में निर्वाचित होते हुए शासन के शीर्ष पर रहना इतिहास की असाधारण घटना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्जितनी आलोचना, निंदा और विरोध के शिकार रहे उतनी भारत या किसी लोकतांत्रिक देश में शायद ही कोई नेता हुआ हो। उनके विरुद्ध न्यायालय से लेकर मानवाधिकार संगठनों ,अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और न जाने कहां-कहां हर स्तर पर अभियान चलाए गए। सबको पराजित करते हुए जनता का विश्वास जीतकर 25 वर्षों तक शासन के शीर्ष पर रहकर उन्होंने राजनीति और नेतृत्व की का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जिनसे हम सबको सीख लेनी चाहिए। उनके विरोधी समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसा कैसे संभव हो रहा है। वह अकेले नेता है जिनके विरुद्ध सांसदों ने हस्ताक्षर कर अमेरिका को लिखा कि इन्हें कभी वीजा न दिया जाए। हालांकि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अमेरिका का वीजा तब मांगा नहीं था लेकिन वहां शासन के स्तर पर ऐसा फैसला होना सामान्य बात नहीं थी। विरोधियों को लगा कि उन्होंने बाजी जीत ली। परिणाम इसके विपरीत हुए। उसी अमेरिका ने प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के लिए लालकालीन बिछाए और जैसी आवभगत किया वह भी दुनिया ने देखा। वास्तव में नरेंद्र मोदी ने भारत की राजनीति में पैराडाइम शिफ्ट यानी परिमाणात्मक परिवर्तन लाया । जिस पार्टी को हिंदी पट्टी और कुछ जातियों का करार देकर आलोचक लंबे-लंबे लेख लिखते थे या विचार प्रकट करते थे वह संपूर्ण देश की पार्टी बन गई। उन्होंने अपने व्यवहार से संपूर्ण संगठन परिवार का विश्वास जीता। यह उनकी बहुत बड़ी शक्ति साबित हुई। विदेश नीति में भारत निर्गुट से निकलकर सर्वगुट या धन अलाइन्ड से निकलकर ल अलाइंढ देश बना। वह रूस के साथ है तो यूक्रेन का भी विरोधी नहीं। उसने ब्रिक्स में ईरान को बुलाया लेकिन इसराइल और अमेरिका से लेकर सऊदी अरब तक से हमारे संबंध हैं। जब राजनीति से लोगों को वितृष्णा हो रही थी, नेताओं का भाषण सुनने के लिए लोग जुटते नहीं थे वहां मोदी ने नए सिरे से लोगों की राजनीति और भारतीय व्यवस्था में विश्वास पैदा किया। अन्य पार्टियों ने भी आघात लगने के बाद उनसे कुछ सीखा लेकिन स्वयं में उसे रूप में सुधार नहीं किया। उनके शासन और व्यवहार की भी आलोचना संभव है। कोई व्यक्ति सर्वगुणसंपन्न या परिपूर्ण नहीं होता पर नेतृत्व का सबसे बड़ा गुण है कि उस प्रकार से अपनी टीम खड़ी कर लें । उनके अंदर नया सोचने, उसे पूरा करने का संकल्प लेने और फिर साकार करने की अद्भुत क्षमता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। परमात्मा उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बनाए रखें।
हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री 100 करोड़ भारतीयों के हृदय पर राज करने वाले माननीय @narendramodi जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं आप ऐसे ही हम लोगों को आशीर्वाद प्रदान करते रहें 🙏
केंद्र और राज्य सरकारों को अगर इस देश को कैंसर से बचाना है तो गुटकों को शत - प्रतिशत प्रतिबंधित करना पड़ेगा। इसमें पुलिस प्रशासन को भी ईमानदार सख्ती बरतनी पड़ेगी। कैंसर के डॉक्टर के यहां या अस्पतालों में जाकर देखेंगे तो किसी एक व्यसन से सबसे ज्यादा कैंसर ग्रस्त रोगी हैं तो वह है गुटका। छोटे-छोटे बच्चे इस व्यसन से ग्रस्त हो रहे हैं। इसलिए गुटकों को हर हाल में प्रतिबंधित होना चाहिए। भले गुटका लॉबी जितनी भी समस्या पैदा करे इस पर किसी तरह की रियायत नहीं मिलनी चाहिए। सब जानते हैं कैंसर महामारी का रूप ले चुका है और इसका उपचार नहीं है।
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