उ प्र गन्ना किसान संघ सम्बद्ध उ प्र किसान सभा AIKS का प्रतिनिधि मण्डल गन्ना आयुक्त उ प्र से मिला ज्ञापन दिया. प्रतिनिधि मण्डल में उ प्र किसान सभा के क्रमशः मुकुट सिंह महामंत्री बाबूराम अध्यक्ष दिगम्बर सिंह कोषाध्यक्ष, साधुशरण संयो उ प्र गन्ना किसान संघ ऋषिपाल व मांगेराम बिजनौर थे
धान उत्पादक किसानों का राज्य स्तरीय सम्मेलन नगला वरी जिला इटावा उ प्र में शुरू हुआ. कामरेड पी कृष्णा प्रसाद ने सम्मेलन का उदघाटन किया. धान का न्यूनतम मूल्य बासमती का 5000₹ औऱ सामान्य धान का एमएसपी 3150₹ प्रति कुंतल घोषित होनी चाहिए औऱ एमएसपी पर खरीद की गारंटी का क़ानून बनाओ
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हमारे देश के लोग हमारी तरफ इस उम्मीद से देख रहे हैं कि हम सब जनतंत्र, सेक्युलरिज़्म और वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए खड़े होंगे।
एक आसान तारीख और जगह तय की जा सकती है जहाँ हम मिल सकें और इस बात पर चर्चा कर सकें कि हम इस बहुत बड़ी स्थिति का जवाब कैसे देंगे।"
13 करोड़ से ज़्यादा वोटर्स को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
इस पृष्ठभूमि में, हमारे संवैधानिक मूल्यों और नागरिकों के वोट देने के अधिकार की रक्षा करने वाली पार्टियों के तौर पर, यह हमारी समझदारी होगी कि हम स्थिति की ज़रूरत के हिसाब से जल्दी मिलें और बातचीत करें
इससे पता चलता है कि ECI किस तरह से तानाशाही तरीके से काम कर रहा है। यह सच में एक बहुत बड़ी स्थिति है जिसमें ECI और हमारी डेमोक्रेसी की विश्वसनीयता दांव पर लगी है।
ECI अपने काम करने के तरीके को लेकर हमारी सभी आपत्तियों को नज़रअंदाज़ कर रहा है और SIR प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी Cpim के महासचिव कॉमरेड एम ए बेबी ने विपक्ष के राजनीतिक दलों को पत्र लिखा --
"जैसा कि आप जानते हैं, 23 सितंबर 2026 को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) का खुलासा बहुत बड़ा है।
उ प्र गन्ना किसान संघ (सम्बद्ध उ प्र किसान सभा AIKS) की मांग है- ब्याज सहित गन्ने के बकाये का भुगतान करें. गन्ने का रेट 650₹ प्रति कुंतल घोषित किया जाए. चीनी का कंट्रोल 42₹ प्रति किलो करो, चीनी मिल मालिकों की मनमानी पर रोक लगे. बन्द चीनी मिलो को चालू करो. एथनोल पॉलिसी वापस लो.
400₹ प्रति कुंतल गन्ना खरीदा मिलो ने जिसके हिसाब से बाजार में चीनी के खुदरा रेट 36₹ प्रति किलो से अधिक नहीं होने चाहिए थे. फिर चीनी मिल मालिकों को चीनी के मनमाने दाम 70₹ प्रति किलो तक बढ़ाने की छूट क्यों दी जा रही है?
सरकार ने दावा किया है कि 24-25 वर्ष के मुकाबले 25-26 में ज्यादा गन्ने की पिराई की है. ज्यादा चीनी बनी. एक तरफ ज्यादा चीनी का उत्पादन दूसरी तरफ चीनी की कमी का प्रचार ये खेल क्या है?
प्रदेश में 122 चीनी मिलें गन्ना पिराई कर चीनी बना रही हैं. सरकार का दावा है कि 102 चीनी मिलो ने शत प्रतिशत गन्ना का भुगतान कर दिया. यानी 22 चीनी मिलो पर अभी भी किसानों के गन्ने का पेमेंट बाकी है.
उ प्र की योगी सरकार ने गन्ना किसानों के पेमेंट के आंकड़े तो दिए लेकिन गन्ने के बकाये के आंकड़े छुपा लिए
सरकार के आंकड़ों के अनुसार 94.86% 3 लाख 25 हज़ार करोड़ रूपये गन्ने का भुगतान करने का दावा किया है. यानी 5.14% 17000 करोड़ रूपये गन्ने का पेमेंट बाकी है.