ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
◆ SIR प्रक्रिया को लेकर लगे आरोप
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ज्ञानेश कुमार को कवर फायर देने के लिए दर्जनों पत्रकार एक्टिव हो गए हैं . सूत्रों के कंधे पर बंदूक़ रखकर चलाने में जुटे हैं . इन्हें ड्यूटी दी गई कि है कि इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे को झूठा साबित करें . ज्ञानेश कुमार की मनमानी पर आपत्ति जताने वाले दोनों चुनाव आयुक्तों को झूठा साबित करें . चुनाव आयोग से इन्हें गुप्त मैसेज आ रहे हैं . ये सब आँख मूंदकर पूरे भक्ति भाव से ज्ञानेश ही सत्य है . बाकी सब मिथ्या है , ये नैरेटिव बनाने में लग गए हैं . चुनाव आयोग को अपनी बपौती समझकर चला रहे ज्ञानेश कुमार की पोल इस बार उनके ही सहयोगी चुनाव आयुक्तों ने खोली है . सूत्रों की दाल नहीं गलने वाली है .
भयावह। जागो जनता जागो। लुट गया लोकतंत्र का कारवां । मत करो ऐसा। मत होने दो ऐसा। इस देश को आज़ादी लाखों के संघर्ष और त्याग से मिली है। इसलिए नहीं कि वोट का अधिकार उनसे बीच राह में छीन लिया जाएगा। वोट का अधिकार आज़ादी का अधिकार है।
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर इस देश में वोटों की चोरी की है और चुनाव जीता है और इस प्रक्रिया में इनके सरगना हैं CEC ज्ञानेश कुमार।
हमारी मांग है कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाए।
-@ArvindKejriwal, राष्ट्रीय संयोजक AAP
The Election Commission of India is under fire like never before.
The SIR has struck 13 crore names off draft rolls, putting the EC at the centre of intense public debate over its role in deciding who gets to vote — and who doesn’t.
HOWEVER, what nobody knew: through that same period, some of the sharpest questions were being asked from inside.
Out today, after months of work. Our #ExpressInvestigation 🧵
(1/10)
1995 में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि चुनाव आयोग एक बहुमत की संस्था है।
⦿ बहुत समय पहले एक कानूनी प्रश्न उठा था कि क्या चुनाव आयोग में CEC सर्वोपरि हैं और EC बराबर का हक नहीं रखते?
इसका स्पष्ट उत्तर ये दिया गया था-
⦿ सभी EC बराबर हैं। चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC), EC के ऊपर नहीं हैं। वो First among equals हैं।
ऐसे में आज के खुलासे से साफ होता है कि CEC ने सिर्फ देश के संवैधानिक मूल्यों पर हमला नहीं किया, उन्होंने चुनाव आयोग को हाईजैक कर अपने Colleagues को भी भ्रमित किया है।
: @DrAMSinghvi जी, चेयरमैन (AICC Law, RTI & HR Dept.)
📍 दिल्ली
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
“उस मासूम की क्या गलती थी?”
सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज, को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है।
अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं - एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
सिस्टम से मेरा सीधा सवाल है: नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।
दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।
अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं।
दरिंदों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी कार्रवाई और सज़ा मिले, और इस आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही तय हो।
महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है।
BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है।
वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं।
कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी।
हम लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी।
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।
अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।
US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।
राहुल गांधी जी के उपर एक और जबरदस्त धमाकेदार तहलका मचाने वाला गाना आ गया है दोस्तों।
राहुल गांधी अब सिर्फ़ एक नाम नहीं, देश का सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका है।
ये तूफ़ान नहीं है…
ये वो आंधी है, जो सत्ता के सबसे मजबूत किले की बुनियाद तक हिला रही है।
जिसे रोकने के लिए कभी मज़ाक बनाया गया, आज उसी राहुल गांधी की आवाज़ को दबाने की कोशिशें हो रही हैं।
समय बदल रहा है… कहानी बदल रही है… और राहुल गांधी का कद बढ़ रहा है।
मेरे कांग्रेस के तमाम बब्बर शेरों से निवेदन है कि इस गाने को रिपोस्ट कर के जन जन तक पहुंचाए।
मेरे कांग्रेसी दोस्तों रिपोस्ट रुकनी नहीं चाहिए।
India's education system is failing the very generation it was meant to lift.
Paper leaks. Crushing fees. Decaying infrastructure. Millions of young Indians work honestly, and the system still lets them down.
Fixing it begins with listening to those who experience its failures every day.
Students, parents, teachers, tell me: why have you lost hope in the education system?
Share your experiences, evidence and ideas at the link. Together, we will bring hope back.
https://t.co/LJKkkNMrGM
#ChhatronKiGoonj
मोदी: “मेरे कार्यक्रम के लिए टिकट बुक कर लो भीड़ बुला लो ।” 😂
राहुल गांधी: “मैं रायबरेली में हूँ।”
रायबरेली: पूरा शहर उमड़ पड़ा। 🔥
ऐसा जनसंपर्क कोई PR मशीनरी नहीं बना सकती। 🗿
मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।
मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।
नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।
आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।
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#ChhatronKiGoonj