एक समस्या समझने में ही 15 साल लग गए अब काम की तैयारी की गई है मगर योजना कागजों की बनावट में अटकी है डीपीआर बनेगी उसके बाद परीक्षण तब निर्माण धरती को छुएगा अभी तो उत्तरी रामपुरी के लोग इंतजार कीजिए
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने नियम तो बना दिया लेकिन इसका पालन कितना हो सकेगा या कराया जाएगा ये महत्वपूर्ण है नियम फाइलों और कागजों तक ही सीमित नहीं रह जाए.
योजना कागजी ना बनें.. बजट का गंभीरता से शहर की जरूरत और आबोहवा को सुधारने में काम किया जाए। विडंबना ये है कि काम की बात कागजों तक सिमटती है और धरातल समस्याओं से पोशीदा रहता है
ज्यों ज्यों दवा की मर्ज बढ़ता गया... कसूर दवा को दें या रोग को...इस खबर को पढ़कर को रोंगटे खड़े हो गए... धन दौलत के भूखे भेड़िए आपकी, हमारी सेहत का सौदा कर पूंजीपति बन रहे हैं...अब प्रतीक्षा कार्रवाई की है