“तिल-तिल कर मर रहा है गरीब ब्राह्मण”—मार करे “सामान्य वर्ग”?
वैसे अजीब है ना? मतलब पीड़ित केवल ब्राह्मण है और बाकी सब सामान्य हैं। यानी हर जाति विलुप्त होकर ब्राह्मण की गरीबी मिटाए?
बाकी ना कोई गरीब था, ना है, ना होगा? सही ना झा जी?
सब ब्राह्मण के लिए मिट जाएँ। गजब है।
#होशमेंआइए