क्या आपको भी लगता है की उच्चतम और उच्च न्यायालय में जब तक सभी वर्गों ( एस सी, एस टी, ओबीसी,अल्पसंख्यक,महिला और अनारक्षित) लोगो को, उनके लोकसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधीत्व बहाल नहीं होता
है तब तक लोगों के मताधिकार की रक्षा करना सम्भव नही और उनपर अन्याय और अत्याचार होते रहेंगे ?
जय संविधान!
दिल्लीवासियों के जीवन से जुड़ा मुद्दा गंभीर है। सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन इलाज मना करना गैरकानूनी है। दिल्ली हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के आदेश साफ: फंड की कमी बहाना नहीं, पहले स्टेबलाइज करना अनिवार्य।
CAG रिपोर्ट्स में दवाओं-इंफ्रा की कमी रही। 2026-27 बजट में स्वास्थ्य के लिए ~13,000 करोड़ का प्रावधान। सरकार को तत्काल सुधार सुनिश्चित करना चाहिए।
विशिष्ट केस/अस्पताल डिटेल शेयर करें — सत्यापित तथ्यों पर चर्चा करेंगे।