RSS के आदेश पर राजस्थान में भाजपा सरकार द्वारा साज़िशन OBC समाज के संवैधानिक अधिकारों पर कैंची चलाई जा रही है।
OBC आयोग की मनमानी सर्वे रिपोर्ट की आड़ में भाजपा सरकार द्वारा 21% OBC आरक्षण की व्यवस्था को कम करना और कई क्षेत्रों में इसे सिर्फ 5% तक सीमित करना सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ ओबीसी समाज के अधिकारों पर सीधा हमला है।
ये निर्णय प्रदेश की 50% से ज्यादा OBC समाज की आबादी के युवाओं और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ सीधा अन्याय है। सामाजिक न्याय का अर्थ किसी एक वर्ग का हक़ छीनकर दूसरे को देना नहीं है। उत्तराखंड हो या महाराष्ट्र, OBC आयोग ने जिन राज्यों से ये फॉर्मूला लिया है वहां OBC के लिए आरक्षण बढ़ाकर 27% की सिफारिश की गई। फिर राजस्थान में हक क्यों छीना जा रहा है?
आज राजस्थान में अनुसूचित जाति (SC) की आबादी करीब 19% और अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी करीब 17% है। लेकिन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर उन्हें जो आरक्षण मिल रहा है, वो आज की आबादी के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। संवैधानिक अधिकारों के तहत उनका हक भी पूरी तरह सुरक्षित रहना चाहिए। लेकिन सवाल ये है कि आखिर OBC समाज का हक़ क्यों छीना जा रहा है? जब OBC की जनसंख्या 50% से ज्यादा है तो फिर आरक्षण कम क्यों किया जा रहा है?
अगर सरकार सामाजिक न्याय की बात करती है, तो सभी वर्गों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए, किसी भी वर्ग के आरक्षण में कटौती नहीं होनी चाहिए। OBC के आरक्षण से छेड़छाड़ अस्वीकार्य है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश का युवा सड़क से सदन तक इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेंगे और ईंट से ईंट बजा देंगे।
सरकार को चाहिए कि वो आरक्षण व्यवस्था में लगी कैप को हटाएं और आबादी के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित करें।
@RPSC1 डिप्टी जेलर की भर्ती को पंचवर्षीय योजना बनाने का प्लान है क्या आपका महोदय
अभी तक फिजिकल होने के बाद रिजल्ट भी जारी नहीं हुआ,कहां गई वह 15 दिन की योजना
राजस्थान में रोस्टर प्रणाली के नाम पर OBC एवं आरक्षित वर्गों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं।
पहले LDC भर्ती में 21% की जगह 14% और आज विद्युत विभाग की LDC भर्ती में फिर से ओबीसी को 1% से भी कम मात्र .25% आरक्षण दिया गया हैं।
OBC वालों तुम सोते रहेंगे तो यदि होगा।
प्रदेश की सरकार को तानाशाही छोड़कर युवा हित में निर्णय लेना चाहिए और प्रक्रियाधीन भर्तियों से ही 1 साल वेटिंग नियम को लागू करना चाहिए ।।
सरकार की मंशा हो तो कुछ भी असंभव नहीं
#ज़ायज_माँग
📌 राजस्थान शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शोषण! 🧵 (1/4)
🛑 परीक्षा पास कर नौकरी, और काम सिर्फ सफाई?
युवा मेहनत करके एग्जाम पास करते हैं, लेकिन स्कूलों में उन्हें चतुर्थ श्रेणी पद की आड़ में सिर्फ सफाई कर्मी बनाकर रख दिया गया है। क्या युवाओं का कीमती समय बर्बाद करने के लिए परीक्षाएं ली जाती हैं? (2/4)
❓ फेयर जॉब चार्ट क्यों नहीं?
जब बाकी सभी सरकारी विभागों में सफाई के लिए अलग से सफाई कर्मियों के पद होते हैं, तो क्या सिर्फ स्कूलों में ही ऐसा कोई नियम लागू नहीं है? स्पष्ट और पारदर्शी जॉब चार्ट का अभाव क्यों है? (3/4)
⚖️ भर्ती के वक्त क्यों छिपाई जाती है सच्चाई?
फॉर्म भरते या सिलेक्शन के समय यह स्पष्ट क्यों नहीं किया जाता कि युवाओं से क्या काम कराया जाएगा? यह सीधे तौर पर शिक्षित युवाओं के सम्मान और अधिकारों का हनन है। (4/4)
@BhajanlalBjp सरकार से पुरजोर मांग है कि इस अन्याय को रोका जाए और शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए तुरंत निष्पक्ष नीति बनाई जाए! 👇@madandilawar@rajeduofficial
#शिक्षा_विभाग_कार्य_विभाजन_चतुर्थ_श्रेणी
#शिक्षा_विभाग_चतुर्थ_श्रेणी_कर्मचारी
#Fair_Work_Distribution_Fourth_Grade
#Education_Department_Fourth_Grade
#चतुर्थ_श्रेणी_जॉब_चार्ट_जारी_करो
जहां हृदय में सच्चाई होती है, वहां चरित्र में सुंदरता होती है। चरित्र में सुंदरता होने पर घर में सामंजस्य होता है। घर में सामंजस्य होने पर राष्ट्र में व्यवस्था होती है। राष्ट्र में व्यवस्था होने पर विश्व में शांति होती है।”
– एपीजे अब्दुल कलाम 🌸