निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथ
सपरिवार सादर आमंत्रित!
संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 629वां कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस 27, 28 व 29 जून 2026 को नेपाल सहित भारत के 14 सतलोक आश्रमों में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। इस महासमागम में सपरिवार
परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
झोपड़ी में आग लगाकर जलाने का प्रयास
विरोधियों ने रात के समय कबीर साहेब की झोपड़ी (कुटिया) को चारों तरफ से बंद करके उसमें आग लगा दी ताकि वे जलकर भस्म हो जाएं, लेकिन आग बुझने के बाद वे सुरक्षित बैठे मिले!
6Days Left Kabir Prakat Diwas
परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
तोप से गोले दागना
शेखतकी ने कबीर साहेब पर लगातार 12 घंटे (4 पहर) तक तोप से गोले चलवाए। लेकिन एक भी गोला उनके पास तक नहीं पहुंचा। अंत में कबीर साहेब वहां से अंतर्ध्यान होकर संत रविदास जी की कुटिया में प्रकट हो गए।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 कहता है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा के पालन पोषण की लीला कुंवारी गाय के दूध से होती है और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 साफ करता है कि कबीर जी का पालन पोषण कुंवारी गाय के दूध से हुआ था।
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज
का जन्म वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717, विक्रमी संवत् 1774 में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था।
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज
का जन्म वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717, विक्रमी संवत् 1774 में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था।
17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया।
15, 16, 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में उनके सभी आश्रमों में विशाल
नास्त्रेदमस ने भविष्यवाणी की है कि ठहरो स्वर्ण युग आ रहा है। एक महापुरुष आध्यात्मिक ज्ञान से पूरे विश्व मे शांति लायेगा। जिसके नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनेगा। वह महापुरुष संत रामपाल जी महाराज जी हैं जिनके बोध दिवस के उपलक्ष्य में 17 फरवरी को सभी सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय
विश्व_शुभचिंतक_संतरामपालजी
जल ही जीवन है!
जहाँ पानी के लिए संघर्ष था, वहाँ संत रामपाल जी महाराज ने बनवाई पानी की विशाल टंकियां। पूरे गाँव की प्यास बुझाकर दिया स्वस्थ और सुखी जीवन का उपहार।
7Days Left For Bodh Diwas