गणेश जी को बुद्धि व विवेक का स्वामी कहा जाता है। 'ॐ गं गणपतेय नमः' मंत्र जपते हुए ललाट पर तिलक करने से आज्ञा चक्र विकसित होता है एवं नित्य इस मंत्र के जप से बालक अद्भुद बुद्धि, विवेक व प्रज्ञा का धनी बनता है।
#DivyaShishuSanskar
https://t.co/t5xIvWt1Mn
शिशु में सुसंस्कारों की पहल बचपन से ही होनी चाहिए। किसी का मजाक न उड़ना, बड़ों का सम्मान करना ऐसे सद्गुण अपने शिशु को सिखाएं ताकि वह सुसंस्कारवान, चरित्रवान एवं सबका हितैषी बन सके। यही संस्कार आगे चलकर शिशु का भविष्य निर्माण करते हैं ।
#दिव्य_शिशु_संस्कार
Sant Shri Asharamji Bapu द्वारा प्रेरित महिला उत्थान मंडल वड़ोदरा द्वारा Urban Primary Health Centre मे #दिव्य_शिशु_गर्भसंस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गर्भवती बहनों को सामान्य प्रसूति के लाभ, गर्भ संस्कार का महत्व व सामान्य प्रसूति हेतु उपाय बताए गए।
https://t.co/taOKKf4GdV
5 वर्ष की आयु तक बच्चे का दिमाग 90% डेवलप हो जाता है। इस फेज में जो पेरेंट्स बच्चों को समय नही देते उसका सीधा असर बच्चे की न्यूरल वायरिंग पर पड़ता है। बच्चे का ब्रेन डेवलपमेन्ट, स्ट्रेस सिस्टम, अटैचमेंट, इमोशनस, भाषा और सामाजिक स्किल्स प्रभावित होते है।
#मेरी_सन्तान_बने_महान
संन्यासी की हत्या करनेवाला तथा गर्भ की हत्या करनेवाला भारत में महापापी कहलाता है। वह मनुष्य कुम्भीपाक नरक में चौदह इन्द्रों के भोगकाल तक यातनाएँ भोगता है फिर हजार जन्म गीध, सौ जन्म सुअर, सात जन्म कौआ और सात जन्म सर्प होता है। (देवी भागवत)
#गर्भपात_महापाप
हर गर्भवती महिला को जानना चाहिए सिजेरियन डिलीवरी के भयंकर नुकसान। Dr. Tushar Valand सभी गर्भवती महिलाओं के लिए बता रहे हैं कि C - section कब जरूरी होता है।
#DivyaShishuGarbhSanskar#Avoid_C_Section
https://t.co/4TWfoAdm5Q
संकट नाशक गणेश स्तोत्र के पाठ से गर्भस्थ शिशु की नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है, सर्व विघ्नों का नाश होता है, बुद्धि व विवेक में वृद्धि होती है एवं हर कार्य में सफलता और समृद्धि मिलती है।
#DivyaShishuGarbhSanskar
https://t.co/drDUdy1F2u
#GaneshChaturthi के दिन गुड़ मिश्रित जल से गणेश जी को स्नान करवाने, ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का शांत मन से जप करने एवं दूर्वा व सिंदूर की आहुति देने से सभी विघ्नों का नाश होता है तथा मेधा शक्ति बढ़ती है। गणेश चतुर्थी पर Ganesh Upasana करें लेकिन चंद्रदर्शन निषिद्ध है का ध्यान रखें।
ज्योतिष और परंपरा के अनुसार गर्भधारण का समय सिर्फ शरीर का ही नही बल्कि मन और संस्कारों का भी आधार बनता है। उत्तम ग्रह-नक्षत्र का चुनाव इसलिए किया जाता है ताकि आने वाली संतान का स्वभाव, स्वास्थ्य और जीवन-पथ माता-पिता व समाज के अनुकूल बनें।
#उत्तम_संतान_प्राप्ति_योग
क्या आपको यह जानकर आश्चर्य नहीं होता कि पहले भारत में 99% डिलीवरी नॉर्मल होती थी, लेकिन अब 80% डिलीवरी सिजेरियन हो रही है। आखिर #बिना_ऑपरेशन_डिलीवरी क्यों नहीं हो रही❓ अश्विनी उपाध्याय जी के इस विषय पर विचार..👇🏻
https://t.co/WyydhoBa49
श्रेष्ठ पुरूषों ने ब्रह्महत्या आदि पापों का प्रायश्चित बताया है, पाखण्डी और परनिन्दक का भी उद्धार होता है, किंतु जो गर्भस्थ शिशु की हत्या करता है, उसके उद्धार का कोई उपाय नही। एक नन्ही जान को दुनिया देखने से पहले ही रोक देना, ये प्रकृति व धर्म दोनों का उल्लंघन है
#गर्भपात_महापाप
शिशु को स्नान करते समय 'ॐ ह्रीं गंगाये ॐ ह्रीं स्वाहा' मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। #नवजात_शिशु के स्नान के लिए मृदुल उबटन आश्रम के आयुर्वेदिक उपचार केंद्र मे उपलब्ध है। शिशु की नाज़ुक त्वचा को यह आयुर्वेदिक उबटन रैश, फंगल इंफेक्शन से बचाकर त्वचा को मुलायम व चमकदार बनाता है।
कहा जाता है कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं क्योंकि बच्चे के अंदर ईश्वरीय अनुभव व प्रेम जागृत अवस्था में होता है। बच्चे की हर क्रिया- प्रतिक्रिया निश्छल व सहज होती है इसलिए हर व्यक्ति बच्चे को गोद में लेकर उसे गले लगा कर सुख की अनुभूति करता है।
#दिव्य_शिशु_संस्कार
💁🏻♀️ #Beware_of_Cesarean_Delivery 🤰🏻
●अगले प्रसव में प्लेसेंटा प्रीविया या प्लेसेंटा एक्रीटा का रिस्क बढ़ता है।
●गर्भाशय फटने का खतरा, खासकर VBAC (वेजाइनल बर्थ आफ्टर सिजेरियन) में।
●बार-बार सिजेरियन से एडहेशन बन सकते हैं, जिससे दूसरी सर्जरी जटिल हो जाती है।
परात्पर निराकार ब्रह्म नन्हा-मुन्ना होकर मानवीय लीला करते हुए मानवीय आनंद, माधुर्य, चेतना को ब्रह्मरस से सम्पन्न करने के लिए अवतरित हुआ जिस दिन, वह है #Janmashtami का दिन। भगवान श्री कृष्ण की मनमोहक बाल माखन लीला...🌺
#DivyaShishuGarbhSanskar
https://t.co/ELUtMTR7Sw
‘भविष्य पुराण’ में लिखा है कि ‘जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता । बच्चा ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय पर बालक का जन्म होता है ।’ अतः सभी 4 सितम्बर को व्रत का लाभ लें।
#जन्माष्टमी_व्रत_महिमा
नवजात शिशु के लिए माँ का दूध अमृततुल्य है। प्रथम 24 घंटे में माँ को दूध न आये तो बाहर का दूध पिलाने की गलती कदापि न करें। उससे बच्चे की पाचन क्रिया बिगड़ जाती है। उस दौरान उबला पानी, शहद, ग्लूकोज अथवा आश्रमनिर्मित सुवर्णप्राश शहद के साथ दें।
#दिव्य_शिशु_गर्भसंस्कार
मातृत्व को बनाएं और भी सुंदर एवं संतुलित!
#DivyaShishuGarbhSanskar के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के लिए 3 दिवसीय निःशुल्क योग कक्षाएँ। आधुनिक विज्ञान एवं वैदिक आध्यात्मिकता के समन्वय से गर्भावस्था में योग - माँ और शिशु दोनों के लिए सकारात्मक शुरुआत है।
📅 3–5 सितम्बर ⏰ शाम 4–5 बजे
नवजात शिशु को शांत, स्वच्छ, पवित्र कमरे में रखना चाहिए । गूगल, अगरू, वचा, पीली सरसों, घी तथा नीम के पत्तों को मिलाकर धूप करना चाहिए । इससे वातावरण शुद्ध होता है, शक्तिशाली प्राणवायु पैदा होती है और शिशु की संक्रामक रोगों से रक्षा होती है।
#Divya_Shishu_Swasthya_Suraksha
CDC के अनुसार भ्रूण के कान लगभग 20वें सप्ताह तक विकसित हो जाते हैं और बहुत तेज शोर गर्भस्थ शिशु की विकसित हो रही सुनने की क्षमता के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। फिल्म के डरावने दृश्य से अचानक डरने पर माँ के stress-related hormones में बदलाव हो सकता है।
#Garbh_Shishu_Sanskar