@KVS_HQ CBSE द्वारा जारी प्रावधानों के अनुसार सत्र 2026-27 में कक्षा 6 में त्रिभाषा सूत्र लागू होगा। NEP के अनुसार त्रिभाषा सूत्र की तीनों भाषाओं को समान महत्व एवं समान कालांश दिया जाना है। अतः अब कक्षा 6 में संस्कृत भाषा (R 3) को अन्य भाषाओं के समान ही कालांश दिए जाने चाहिए।
मोदीजी के शासन की नीतियों से एक अद्भुत क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है।
दीर्घकाल से जो एक आह्वान या नारा दोनों चल रहा था हिंदू एकता का, वह अब व्यर्थ हो गया है।
अब तो अनारक्षित हिंदुओं की एकता युग धर्म है ।
यही सर्वोपरि आह्वान है।
यही समय की मांग है ।
पुरानी बातें पुरानी हो गईं।
शासन के कारण समय इस प्रकार बदला करता है।
मैं 50 वर्षों से कह रहा हूं कि" राजा कालस्य कारण", यह सनातन सत्य है।
मोदी जी को साधुवाद कि उन्होंने इस शास्त्र वचन को संपूर्ण समाज के सामने सत्य कर दिखाया।।
समस्त अनारक्षित जन जान गए हैं कि यह जो हिंदू एकता के आह्वान की जगह " अनारक्षित हिंदू एकता के आह्वान "की स्थिति पैदा हुई है, वह शासकीय नीतियों के कारण ही हुई है।
जय हो।
राजा कालस्य कारण।
हैलो @ugc_india अगर आप कहेंगे तो आज पूरी रात ये ट्रेंड टॉप -3 पर रहेगा। 👇🏻👇🏻
#UGC_RollBack
भगवान के लिए मान जाइए। ये अत्याचारी नोटिफिकेशन वापिस ले लीजिए। गरीब छात्रों को भी पढ़ने दीजिए। उन्हें पहले से ही आरोपी मानने का पाप मत करिए।
#UGC_RollBack
UGC इक्विटी रेगुलेशन्स कांग्रेस के सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का BJP संस्करण ही तो है। वे मुस्लिम तुष्टीकरण करते थे और आप दलित तुष्टीकरण। दोनों ही तुष्टीकरण की नीति पर हैं तो फिर अंतर ही क्या रहा माननीय @narendramodi@AmitShah@PMOIndia@HMOIndia
UGC इक्विटी रेगुलेशन्स कांग्रेस के सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का BJP संस्करण ही तो है। वे मुस्लिम तुष्टीकरण करते थे और आप दलित तुष्टीकरण। दोनों ही तुष्टीकरण की नीति पर हैं तो फिर अंतर ही क्या रहा माननीय @narendramodi@AmitShah@PMOIndia@HMOIndia
यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि हमारी संस्कृति और सोशल मीडिया की दुनिया से आज संस्कृत को एक नई प्राणवायु मिल रही है। इस दिशा में हमारे कई युवा साथी जिस तरह के रोचक प्रयास कर रहे हैं, वो बेहद प्रेरणादायी हैं।
#MannKiBaat
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@EduMinOfIndia हिन्दी दिवस पर इस वर्ष क्या यह परिवर्तन हो सकता है कि गाड़ी पर हिंदी में नम्बर लिखने से चालान न हो, हिंदी के लिए दो न दबाना पड़े एवं न्यायालय में न्याय के लिए बहस हिंदी में की जा सके।