आज नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित ‘दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक’ को संबोधित किया।
इस दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री श्री चरणजीत सिंह चन्नी जी एवं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा जी से देश में दलितों एवं आदिवासियों के सम्मान, अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी के कार्यक्रम के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ की घटना ने एक बार फिर समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दलितों और आदिवासियों का सम्मान कोई कृपा नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है।
सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना की रक्षा और दलित–आदिवासी स्वाभिमान एवं अधिकारों के लिए हमारी आवाज संसद से सड़क तक मजबूती से उठती रहेगी।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@CHARANJITCHANNI@LambaAlka@incrajasthan
@8PMnoCM राजस्थान कांग्रेस से तो नहीं लगा लेकिन सिंगो भाई ने
ये जवाब अच्छा दिया है ट्विटर पर ओरिजिनल विपक्ष
@8PMnoCM ही है कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम
तो पार्टी वादी नहीं, केवल व्यक्तिवादी बनकर रह गई !
भाजपा में अनुशासन का आलम यह है की वसुंधरा राजे मंदिर दर्शन भी चली जाए तो गुटबाजी-गुटबाजी से खबरों का बाज़ार लाल हो जाता है यहाँ बाक़ायदा भाजपा के मंत्री पुत्र आपस में क्रिकेट-कुश्ती कर रहे है तो भी फ्रेंडली मैच… ग़ज़ब दोगलापन है
@AvPakad@DrKirodilalBJP बाबा की बराबरी कोई क्या करेगा?
बिल्कुल किसी नेता या पार्टी के इशारे पर चलने से बेहतर है अकेला खुद की दम पर स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े...