लगातार आप सब के विचारों के सुनने के उपरांत, हमने एक सरलीकृत माँग पत्र बनाया है। एक बार आम सहमति बन जाए, फिर डिजिटल से धरातल की योजना बनाई जाएगी। तब तक, नीति निर्धारकों के लिए यह पत्र हम सार्वजनिक कर रहे हैं ताकि उन्हें AI से हिन्दी लिखवा कर, उसमें प्राइवेट में आरक्षण जैसी बकलोली न करनी पड़े।
@JPNadda जी, कॉपी ही करना है, तो ठीक से करो। वैसे, आपको दोबारा झुका देख कर दुख हुआ।
Public is expected to do a lot of things...
No overseas travel, no purchase of Gold, no weddings abroad, pay multiple taxation....
Babus and mylords and politicians ke liye bhi some restrictions be there... Work at least few hours, try to be honest and do something good for the nation!..
वाह रे @BJP4India! उमा भारती को प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण चाहिए। भाजपा ने आज तक हर आरक्षण का समर्थन किया है। इसलिए ये जो भी नाटक कर रहे हैं कि राहुल और अखिलेश तो प्राइवेट में भी ले आएँगे, सत्य
यह है कि भाजपा यह कार्य उनसे पहले करेगी।
RHA की अब तक की सबसे बड़ी जीत:
१. आरक्षण पर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा
२. आरक्षण पर ‘दलित नेता’ की जगह अमुक जाति बनाम अमुक जाति का वाक्युद्ध
३. आरक्षण पर लोगों के पास आँकड़े, तथ्य और तर्क
४. सरकार द्वारा एकता तोड़ने के प्रयास, जो लोगों को दिख रही है
५. आरक्षण पर उपेक्षित जातियों के कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा खुल कर अपनी बात रखने का आरंभ
आने वाले दिनों में यह और वृहद् और व्यापक होने वाला है। नवंबर की प्रतीक्षा कीजिए।
श्री चिराग पासवान जी, आपने कहा आरक्षण पर समीक्षा तो छोड़िए, चर्चा भी नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ को इतने लोग सड़कों पर आ जाएँगे कि सँभालना कठिन हो जाएगा।
मुझे नहीं लगता कि आपको ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का अर्थ भी पता है। नौ बार के सांसद और विधायक पिता के पुत्र, आज भी आरक्षित सीट से राजनीति कर रहे हैं। और दुर्भाग्य कि आज भी अपने समर्थकों को आप आगजनी-दंगा करने वाले गुंडों की तरह ही देखते हैं कि इन्हें सँभालना मुश्किल हो जाएगा।
आप ऑप्रेस्ड हैं, दलित हैं, पीड़ित हैं और आप सड़कों पर आने की धमकी भी दे देते हैं, ये विरोधाभास कैसे बाँच लेते हैं आप?
और हाँ, आपके चाहने, न चाहने से कुछ नहीं होता। घर में टीवी है तो एकाध बार डिबेट देखिए कि ‘चर्चा’ किस विषय पर हो रही है। और @JPNadda जी आरक्षण पर सोच रहे हैं या नहीं, यह भी आपको पता चल जाएगा।
वैसे यह भी ठीक है कि जब आपको ही ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का नहीं पता, तो जिन्हें आप सड़कों पर लाना चाह रहे हैं, वो कितना ही समझ पाएँगे। आपकी जाति SC का सबसे बड़ा हिस्सा ले जाती है। पासवान, चमार, धोबी और पासी 95% आरक्षण ले रहे हैं।
तो देखिए, युवा बिहारी @iChiragPaswan जी, चर्चा तो आरंभ हो चुकी है और @BJP4India ने एक कदम आधिकारिक रूप में बढ़ाया है, एक कदम अनाधिकारिक रूप से अन्य लोगों से रीच आउट कर के।
आप ‘बिहारी फर्स्ट’ की बात करते थे, ये अचानक से माफिया की भाषा क्यों बोल रहे हैं। आप तो मोदी जी के हनुमान हैं, मोदी जी पर विश्वास रखिए। वो चर्चा करवा रहे हैं, वरना आपको लगता है कि अनिल बेलूनी जी की कृपादृष्टि के बिना कोई भी टॉपिक चर्चा में आ सकता है?
गेम समझिए। परिस्थिति बदल रही है। महबूबा ने भी धमकी दी थी। वीपी सिंह को भी लगा था कि वो अनंत काल पीएम रहेगा। जनता से उसी पार्टी को चुना जिसके नेता ने संसद में खड़े हो कर ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था।
नेहरू ने OBC को 1955 में ही कोटा देने का विरोध किया था। 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। पर वो लगातार चुनाव जीतते रहे। तो ऐसा तो है नहीं कि यदि @narendramodi आज इस पर समीक्षा करें, और वह चुनाव हार जाएँगे!
संभव है कि सवर्ण और अनरिप्रेजेंटेड ओबीसी, एससी एकमुश्त वोट दे दे! इसीलिए, चर्चा और समीक्षा दोनों हो रही है, और हम रिफॉर्म भी करवा लेंगे।
बीजेपी ने हमारे साथ वादा खिलाफी की है और इसके बदले में हम स्वर्ण समाज की और से राजस्थान नगर निकाय चुनाव व पंचायतीराज चुनावो में BJP का बहिष्कार किया व हराने का प्रण लिया
- महिपाल सिंह मकराना
#UGC_काला_कानून_वापस_लो#UGCRollBack#ugc_rollback
स्वर्ण समाज तो एक हो रहा है मोदी की अकड़ तोङ़ने के लिए, ✊
क्या सम्पूर्ण सवर्ण समाज गुलामी से बाहर निकलकर एक हो पाएंगा, अपना भविष्य बचाने के लिए इन काले कानूनो के खिलाफ....
स्वर्णो का शंखनाद.... 🔥
#ugc#ugcrollback#reservation L
No. He must go.
He is backstabber.
Nobody asked him to increase Reservation. Nobody asked him to bring Atrocity Act. Nobody asked him to bring UGC. Nobody asked him to bring Caste Census.
Modi is bad faith actor. He worked for those who never vote him.
Member of Parliament from Lucknow.
Take note of every politician who speaks against this movement.
They must pay the electoral cost, regardless of the party.
They molested Ruchi Tiwari in public.
Tore her clothes.
Threatened to parade her naked.
Because she was Brahmin.
System response: Absolute silence.
Ajeet Bharti hits back when the same crowd comes for his sister.
System response: SC/ST Act in record time.
This isn’t law.
This is selective enforcement dressed up as justice.
Don't ignore a single such video.
Record everything to show to your parents and fellow GCs, exactly how GCs were treated when they protested against a law which can destroy their lives on the whims of some people and perpetual quotas.
सामान्य वर्ग से महिपाल सिंह मकराना का आह्वान
करणी सेना प्रमुख महिपाल सिंह मकराना जी ने चंडीगढ़-पंचकूला पहुंचकर सामान्य वर्ग से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आपके पुरखों की शौर्यगाथाओं से इतिहास भरा पड़ा है। हरियाणा का जाट समाज भी सवर्ण वर्ग में आता है। समर्थन देना है तो दीजिए, नहीं देना है तो मत दीजिए, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य की चिंता जरूर कीजिए।”
मकराना जी ने कहा कि क्षत्रिय समाज पहले भी मजबूत था, आज भी मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को “आर-पार की लड़ाई” बताते हुए सामान्य वर्ग से साथ आने की अपील की।
I have a question.
Why are there no SC/ST and OBC reservations in Aligarh Muslim University?
AMU is a public, centrally funded university. It is funded by taxes paid by public.
So why are Dalit leaders like Ramdas Athawale, Mayawati, Chandrashekhar Azad and Chirag Paswan silent on this?
Why are their lips sealed when it comes to AMU?
I sincerely invite you to join this movement. If you are in Delhi, I would also request you to join us at the press conference tomorrow. This cause needs your support now more than ever.
Ajeet Bharti’s words may seem very harsh, but the rule of thumb is simple: if someone abuses your family, you’re justified in using the harshest words possible against them. That’s fair.