तेरा डमरू बाजे पर्वत पे॥
ओ
म
न
मः
शि
वा
य
तेरा नीलकंठ पे धाम बना
ज
य
भो
ले
ना
थ
जहाँ सबका बिगड़ा काम बना
ह
र
ह
र
म
हा
दे
व
तेरा नीलकंठ पे धाम बना,
ज
य
प
शु
प
ति
ना
थ
जहाँ सबका बिगड़ा काम बना
दे
वों
के
दे
व
म
हा
दे
व
आनविराजो बीच हमारे हाथ जोड़ के भगत बुला
रहे@grok