देहरादून के प्रेमनगर स्थित एक कॉलेज के छात्र की मृत्यु के मामले में पश्चिम बंगाल में छिपे मुख्य आरोपियों को दून पुलिस गिरफ्तार कर लाई है और आज इन आरोपियों की सड़कों पर परेड कराई गई।
जनपद देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में जोहड़ी गांव मे सघन चेकिंग के दौरान ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या मे शामिल संदिग्ध बदमाशों की जानकारी मिलने पर,बदमाशों का पीछा करने पर, गुनियाल गांव की जंगल पर,एक बदमाश को धर दबोचा !!
दूसरे बदमाश का पीछा करने पर बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग किया गया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा मे जवाबी फायरिंग की गई,
मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में किए गए फायर में बदमाश के पैर में गोली लगी,जिससे बदमाश घायल हो गया !!
घंटाघर के पास एक मारुति जिमनी वाहन नजर आया, जिसकी छत पर VIP लाइट लगी हुई थी। जब नजर नंबर प्लेट पर गई तो वह GB सीरीज की थी, यानी सरकारी वाहन। और ध्यान से देखने पर पता चला कि उसमें जिलाधिकारी देहरादून अपने अंगरक्षकों के साथ सवार थे।
बात समझ से परे थी कि जिलाधिकारी देहरादून बिना लावशकर के जिमनी जैसे वाहन में सवार हैं, खोजबीन करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त वाहन जिलाधिकारी देहरादून ने आपदा के मद से रेस्क्यू वाहन के रूप में क्रय किया है।
जिलाधिकारी महोदय को नवीन सरकारी वाहन की हार्दिक शुभकामनाएं, आशा है कि उक्त वाहन जल्द ही आपदा के समय काम आएगा, क्योंकि 3 माह से तो साहब के सरकारी आवास में ही उक्त वाहन खड़ा है जोकि आपदा से इतर कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
देहरादून में मॉर्निंग वॉक पर गए रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने की हत्या प्रकरण में CCTV आयी सामने, दो गाड़ियों के बीच चल रही ओवर��ेक की लड़ाई में खुलेआम फायरिंग होती रही, यह भी देखा जा सकता है कि किस तरह से बेलगाम होकर गाड़ियां सड़क को रौंद रही थी और खुलेआम फायरिंग कर रहे थे।
आज कैबिनेट ने आबकारी विभाग से ���ंबंधित बड़ा निर्णय लिया है, जिससे शराब व बियर के शुल्कों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है साथ ही साथ राजस्व के शुल्कों में भी फर्क दिखेगा।
बता दें कि किसी कारण वश इस बार की आबकारी पॉलिसी में एक्साइज ड्यूटी पर VAT नहीं लगवाया गया था, सुधार करते हुए राज्य सरकार ने कुछ माह पूर्व, #एक्साइज_ड्यूटी पर VAT लगाकर संशोधित रेट लिस्ट जारी कर दी थी, जिसके पश्चात कुछ लोगों ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिस क्रम में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को उक्त संशोधन कैबिनेट के माध्यम से करवाने के निर्देश देते हुए 3 माह पूर्व संशोधित रेट लिस्ट पर रोक लगा दी थी।
आज उक्त संशोधित रेट लिस्ट पर कैबिनेट की मुहर लग गयी, यहां तक की आज के प्रस्ताव के अनुसार मदिरा के वैट के दर को 12 प्रतिशत से #घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है लेकिन VAT का दायरा बढ़ाते हुए अब #एक्साइज_ड्यूटी पर भी व साथ ही साथ #होलोग्राम शुल्क, विभिन्न #सेस (महिला शक्तिकरण सेस, खेल कूद को बढ़ावा सेस, गौ संरक्षण सेस) पर भी VAT लगाने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही आबकारी विभाग कैबिनेट के निर्णय के अनुसार नवीन संशोधित आदेश जारी कर देगा।
रेट लिस्ट व MRP लिस्ट ��ारी होने उपरांत ही यह गणना हो पाएगी कि राजस्व प्राप्ति में कितना फर्क देखने को मिला एवं शराब व बियर की बाजारी मूल्य (MRP) में कितना बदलाव आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।
कल यानी 20 मार्च को सुबह 10 बजे है धामी सरकार का शपथग्रहण समारोह, लोकभवन (राजभवन) के प्रांगण में होगा शपथ ग्रहण, 4 से 5 मंत्री बन सकते हैं। मेरे #आंकलन के अनुसार 2 कैबिनेट स्तर के तो 3 राज्य स्तर के मंत्री बन सकते हैं।
बात करें मंत्रिमंडल के नए चेहरों की तो
कैबिनेट स्तर में - खजान दास, सरिता आर्य, दीवान सिंह बिष्ट व देहरादून या उधमसिंहनगर से ही एक अन्य विधायक पर लग सकती है मुहर !!
रा���्य स्तर में - विनोद कंडारी, प्रदीप बत्रा, सुरेश गड़िया, दुर्गेश्वर लाल जैसे नामों पर मुहर लग सकती है !!
खैर आकलन कितना सटीक रहता है यह तो आने वाला कल बताएगा।
हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बड़े खुलासे हुए हैं, जिसके अनुसार अन्य प्रदेशों के साथ साथ उत्तराखंड की 12 निम्न नदियों को प्रदूषित घोषित किया गया है व #देहरादून की #��ुसवा नदी को सबसे ज्यादा प्रदूषित माना गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद CPCB ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उक्त प्रकरण में एक्शन रिपोर्ट बनाने के साथ साथ धरातल पर युद्ध स्तर पर कार्य करने के लिए पत्र लिखा है।
क्या कोई उच्च अधिकारी देहरादून में बैठकर आवासीय आयुक्त कार्यलय दिल्ली में विशेष अधिकारी के तौर पर कार्य कर सकता है ? या अभी तक उन्होंने दिल्ली में कितना काम काज किया ? या फिर दिल्ली में तैनाती लेने का कोई और मकसद या लाभ है या फिर भविष्य के लिए अभी से कोई प्लानिंग ?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एवं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में #उत्तराखंड की पारंपरिक पाक विरासत को विशेष स्थान दिया गया।
मेन्यू में जखिया आलू व ग्रीन टमाटर चटनी, मुन��्यारी की सुंदरकला थिचोनी, भांग मठरी, बिच्छू बूटी पत्ता और निंबू सान जैसे व्यंजनों के जरिए देवभूमि के स्थानीय स्वाद और हिमालयी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में 7 वर्ष बेहतरीन कार्य करने पर उत्तराखंड कैडर के IPS अधिकारी IG सदानंद दाते को भी इस बार राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। बता दें कि उनका नाम CBI कोटे से भेजा गया था।
देहरादून को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिए अब आढ़त बाजार के साथ साथ निरंजनपुर सब्जी मंडी को भी शिफ्ट करने का निर्णय राज्य सर��ार ने लिया है। जिसके लिए MDDA को सब्जी मंडी के लिए शहर से दूर नई भूमि तलाशने के निर्देश मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने दिए हैं।
जब पत्रकारिता में आपको कोई तार्किक खबर न मिले न दिखे और आपका टारगेट सिर्फ मुख्यमंत्री ही हो तो फिर मुख्यमंत्री फ्लीट की खराब गाड़ी भ��� ट्वीटर पर ब्रेकिंग न्यूज़ व चर्चा का विषय बन जाती है व बनवा द�� जाती है।
#हाल_ऐ_उत्तराखंड
पति-खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) तो पत्नी- पुलिस उपाधीक्षक (CO), फिर भी पति ने अपने पत्नी के विभाग को भी नहीं छोड़ा, मांगी पुलिस मॉडर्न स्कूल के नवीनीकरण के लिए 20 हज़ार की रिश्वत, शिकायत पर विजिलेंस ने किया रंगे हाथ ट्रैप,
उफ्फ....
Update - उत्तराखंड में दो अधिकारियों ने दी जोइनिंग, एक IAS तो एक नागरिक उद्य्यन मंत्रालय का अधिकारी-
पहले बात करें IAS अधिकारी की तो 2021 बैच के प्रवीण कुमार ने दाम्पत्य नीति के तहत अपना कैडर बदलवाकर उत्तराखंड का���्मिक विभाग में अपनी जोइनिंग दे दी है। जल्द ही उन्हें CDO स्तर की तैनाती दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति पर आए DGCA के अधिकारी सत्येंद्र वर्मा ने भी उत्तराखंड में जोइनिंग दे दी है, उन्हें भी जल्द UCADA में ही ACEO या फिर अन्य अहम जिम्मेदारी दी जानी है। दोनो अधिकारियों की तैनाती पत्रावली इन दिनों शासन स्तर पर गतिमान है।
Update - उत्तराखंड कैडर के 2007 बैच के IPS अधिकारी सदानंद दाते अभी फिलहाल उत्तराखंड वापस आने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं, 7 साल की CBI में प्रतिनियुक्ति अवधि के बाद अब उनका सेलेक्शन एक्सिक्यूटिव डायरेक्टर SEBI के पद पर हुआ है, आगामी कुछ वर्ष वह अब SEBI में ही तैनात रहेंगे, राज्य सरकार ने उन्हें NOC तो दे दी है, लेकिन अभी भी उनकी तैनाती में एक पेंच फंसा हुआ है, जिसका निस्तारण MHA स्तर से होना है। बता दें कि एक IPS अपने मूल कैडर से दूर प्रतिनियुक्ति पर अधिकतम 7 साल के लिए ही बाहर रह सकता है, उसके उपरांत उसे कूलिंग पीरियड के लिए मूल कैडर में वापस आना पड़ता है। सदानंद दाते के मामले में अभी अंतिम निर्णय MHA को लेना है। सूत्र यह भी बताते हैं कि दाते को MHA ने इस प्रकरण में शिथलीकरण देने जा रही है, लेकिन फिलहाल अभी तक राज्य सरकार के पास उक्त के संब���ध में कोई लिखित पत्र नहीं पंहुचा है, हो सकता है कि आने वाले दिनों में उक्त डाक उत्तराखंड शासन पंहुच जाए।