बचपन में हमने भी इसमें बने परांठे खाने हैं। देशी घी के बाद यही सबकी पसंद थी। इस ब्रांड की धूम ऐसी थी कि इसके बाद आने वाले वनस्पति घी को भी डालडा कहा जाता था। Thanks @IndiaHistorypic याद दिलाने के लिए। https://t.co/vxnFEEvCXE
लम्बे काल तक भारतीय रेल व देश के विकास में अपना योगदान देने के बाद आज सेवानिवृत्त हो रहे रेल परिवार के 21 सदस्यों को सम्मानित कर शुभकामनाएँ दिया और उनका आने वाला समय सुखद एवं समृद्ध हो, इसके लिए ईश्वर से कामना भी किया ।
सत्संग तो वह है जो आप सत्पुरुषों की वाणी से सुनते हैं; किन्तु यथार्थ सत्संग आन्तरिक है। श्रीकृष्ण के अनुसार आत्मा ही सत्य है, सनातन है। चित्त सब ओर से सिमटकर आत्मा की संगत करने लगे, यही वास्तविक सत्संग है। यह सत्संग चिन्तन, ध्यान और समाधि के अभ्यास से सम्पन्न होता है... #Krishna