हर कोई खान की नज़र में गलत है, जिसने भी उसका काला चिट्ठा उजागर किया है।
📍खान की नजर में उसके गांव का चाचा हरामी है।
📍Math Masti के विपिन सर कुत्ता हैं।
📍जो भी यूट्यूबर और देश के टीचर खान का विरोध किया है वो सब दो@गला है।
📍और जो इसका ओरिजिनल नाम "फैजल खान" बोला है, वह उसका साला है।
बता दूं कि पहली बार बिहार के राज्यपाल महोदय भी उन्हें इसी नाम से सम्मानित किया था।
झां@ट सर से बस एक सवाल है, क्या आप अपने मां-बाबूजी के भी जीजा हैं.?
इसका 80 प्रतिशत मुद्दा राजद से कॉपी किया हुआ है और ये ऐसे दिखता की जैसे सबसे पहले उनको इसी ने उठाया है। बेरोजगारी, पलायन, अच्छी शिक्षा जैसे बहुत मुद्दे ऐसे है जिसपर राजद 2020 के मजबूती से चुनाव लड़ी थी। 2025 में भी राजद उन मुद्दों पर लड़ी लेकिन उतना हाईलाइट नहीं किया जितना 20 में किया था।
"Expose Prashant Kishore-3"
प्रशांत किशोर के बारे में बोला जाता है कि उनकी चुनावी भविष्यवाणी बहुत सटीक होती है और कभी ग़लत नहीं होती है। आज हम आपको बताएँगे दस ऐसे मौक़े जब प्रशांत किशोर की चुनावी भविष्यवाणी ग़लत साबित हो चुकी है और उसमें भी गौर करने वाली बात है कि जब जब इनकी भविष्यवाणी ग़लत साबित हुई है तब तब ये कांग्रेस या विपक्ष के बारे में ग़लत चुनावी भविष्यवाणी किए थे।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-१
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बीच चुनाव में प्रशांत किशोर ने ये भविष्यवाणी की कि BJP को तीन सौ से अधिक सीटें आएगी। जब परिणाम आया तो भाजपा को 272 सीट भी नहीं आया। इस दावे के बाद INDIA गठबंधन के नेता और समर्थक ये दावा करने लगे कि प्रशांत किशोर ऐसा भाजपा से पैसा लेकर बोल रहे हैं या प्रशांत किशोर मोदी को जिताने के लिए ऐसा बोल रहे हैं क्यूँकि चुनाव में भाजपा अपनी हार साफ साफ देख रही है और इस हार से बचने के लिए आख़िरी दाव के रूप में प्रशांत किशोर से इस तरह की झूठी भविष्यवाणी करवा रही है। इसी तरह की भविष्यवाणी ललनटॉप के सौरभ दिवेदी भी किए थे।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-२
2023 में जब कर्नाटक में में कांग्रेस की जीत हुई थी तब प्रशांत किशोर की वो भविष्यवाणी ग़लत साबित हुई थी जिसमें उन्होंने ये दावा किया था कि कर्नाटक में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। जब राहुल गांधी को मार्च 2023 में निलम्बित किया गया था संसद से और उसके बाद कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही थी तो प्रशांत किशोर ने कटाक्ष करते हुए बोला था कि मार्च करने से कोई चुनाव नहीं जिता जाता है, अभी दो महीने के बाद कर्नाटक में चुनाव है, अगर भाजपा चुनाव जीत गई तो मतलब आपका ये सब विरोध बेकार था और अगर आप जीत गए तो लोग आपके साथ आ जाएगा। लेकिन दो महीने के बाद जब कांग्रेस की कर्नाटक में जीत हुई तो प्रशांत किशोर अलग सुर बना लिए। कांग्रेस की जीत जब प्रशांत किशोर से पची नहीं तो उन्होंने कर्नाटक चुनाव के रिज़ल्ट आने के बाद यहाँ तक दावा किया कि कर्नाटक चुनाव जितने से ये नहीं माना जा सकता है कि कांग्रेस मज़बूत हुई है और 2024 में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेंगे, प्रशांत किशोर ने बताया कि कैसे 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव एकतरफ़ा जितने के सपा 2014 के लोकसभा चुनाव में मात्र पाँच सीटों पर सिमट गई थी। इसी तरह से 2013 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव जितने के बवजूद 2014 में कांग्रेस लोकसभा चुनाव बुरी तरह हार गई थी और कैसे 2018 में मध्य प्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनाव जितने के बवजूद कांग्रेस 2019 का लोकसभा चुनाव हार गई थी।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-३
पिछले साल जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के साथ साथ तेलंगाना में चुनाव हो रहा था तब प्रशांत किशोर ने भविष्यवाणी किया था कि BRS की जीत होगी लेकिन जब चुनाव परिणाम आया तो तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनी। चुनाव में 119 सीटों में से कांग्रेस को 64 सीटों पर जीत मिली।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-४
21 मई 2022 को जब हिमांचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव हो रहा था तब प्रशांत किशोर ने बोला था गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनो जगह कंग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। प्रशांत किशोर करण थापर पर इसी हिमाचल प्रदेश के भविष्यवाणी याद कराने पर भड़के थे। ये सच है कि प्रशांत किशोर ने जो हिमाचल प्रदेश के चुनाव पर भविष्यवाणी किया था उसका कोई विडीओ नहीं है पर क्या विडीओ ही ज़रूरी है। अगर प्रशांत किशोर से कोई इस बात का विडीओ माँगे कि क्या सबूत है कि अपने लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा के लिए काम किया था तो प्रशांत किशोर क्या कोई विडीओ दे पाएँगे ? और प्रशांत किशोर ने जो 17 मई को भाजपा के तीन सौ से ज़्यादा सीट आएगा इस बयान का तो विडीओ है लेकिन यही दावा प्रशांत किशोर 7 अप्रैल को भी कर चुके हैं लेकिन उसका कोई विडीओ नहीं है तो क्या 7 अप्रैल वाला प्रशांत किशोर का बयान ग़लत है? मतलब भविष्यवाणी सही साबित हो गया तो घूमघूमकर प्रचार करेंगे और ग़लत साबित हो गया तो बोलेंगे विडीओ दिखाओ।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-५
प्रशांत किशोर ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान ये भी दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनेगी मतलब सबसे ज़्यादा सीट पर चुनाव जीतेगी लेकिन परिणाम ये आया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के TMC को पश्चिम बंगाल में 42 में से 29 सीटों पर जीत मिली जबकी भाजपा को मात्र 12 और ये भी नोट कीजिएगा कि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में TMC को 22 सीट पर ही जीत ही मिला था जबकी पिछले चुनाव में भाजपा को वेस्ट बंगाल में 18 सीटों पर जीत मिला था। मतबल कि 2024 के चुनाव में TMC का सात सीट बढ़ा है और भाजपा का छह सीट कम हुआ है।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-६
लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशांत ने ये भी दावा किया था कि उत्तर भारत और पश्चिम भारत दोनो जगह भाजपा को बहुत ज़्यादा सीटों का नुक़सान नहीं होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश में भाजपा को 22 सीटों का नुक़सान हुआ। महाराष्ट्र में भाजपा का सीट 23 से घटकर सीधे 9 रह गया और NDA का कुल सीट 40 से घटकर सीधे 17 पर आ गया। मतलब सिर्फ़ महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा को 36 सीटों का नुक़सान हुआ। इसमें राजस्थान का जो भाजपा को 11 सीट का नक़्शा हुआ वो भी जोड़ दीजिएगा तो कुल नुक़सान हो गया 47. हरियाणा में भाजपा को 2019 में दस में दस सीट पर जीत मिली थी लेकिन इस बार पाँच सीटों का नुक़सान हुआ। इस तरह से कुल नुक़सान हो गया 52 सीटों का। पाँच सीट का नुक़सान बिहार में भी हुआ मतलब टोटल हुआ 57 सीट का नुक़सान। और इसमें भाजपा को जो WB में छ सीट का नुक़सान हुआ वो भी जोड़ दीजिएगा तो हो गया 63।लेकिन प्रशांत जी के हिसाब से तो भाजपा को उत्तर भारत में कोई नुक़सान होना ही नहीं था।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-७
प्रशांत किशोर ने एक और दावा किया था कि कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव में तीन डिजिट मतलब 100 सीट भी नहीं जीत पाएगी। कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीती है और नैतिक रूप से प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी यहाँ भी ग़लत साबित हुई है।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-८
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को कोई नुक़सान नहीं होगा। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में भाजपा को 22 सीटों का नुक़सान हुआ। जिस भाजपा को उत्तर प्रदेश में 2014 में 71, 2019 में 62 सीट आया था उसी भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में मात्र 36 सीट आया।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-९
इसी तरह प्रशांत किशोर ने बंगाल के बारे में भी दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में भाजपा बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी और भाजपा को बहुत फ़ायदा होगा। लेकिन जब परिणाम आया तो उल्टा हो गया। जिस भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीट आया था उसी भाजपा को 2024 में मात्र 12 सीट आया। सीट बढ़ने के बजाय काम हो गया फिर भी प्रशांत किशोर भविष्यवाणी किए जा रहे हैं।
झूठी भविष्यवाणी संख्या-१०
प्रशांत किशोर की झूठी चुनावी भविष्यवाणी के तार अमरीका से जुड़ा हुआ है? 17 मई 2024 का प्रशांत किशोर का वो इंटर्व्यू जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भाजपा को लोकसभा चुनाव 2024 में 303 सीट से ज़्यादा आएगा वो खूब वायरल हुआ था और उसकी खूब आलोचना हुई थी लेकिन ठीक पाँच दिन के बाद NDA TV पर एक और इंटर्व्यू हुआ था और उस इंटर्व्यू में अमरीका के एक चुनावी रणनीतिकार ने भी यही दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को 305 सीटों पर जीत मिलेगी। प्रशांत किशोर का इंटर्व्यू तो खूब वायरल हुआ था लेकिन इस दूसरे अमरीकी चुनावी रणनीतिकार के इंटर्व्यू को किसी ने नोटिस नहीं लिया। अगले खंड में प्रशांत किशोर का अमरीका कनेक्शन के बारे में बताएँगे आपको।
नोट: अभी तक सभी पार्टियों के नेताओं के ख़िलाफ़ पोस्ट कर चुके हैं लेकिन जितनी गाली प्रशांत किशोर के समर्थक दे रहे हैं उतना किसी ने नहीं दिया था। बाक़ी आप समझदार हैं।
एक आदमी तब समझदार हो जाता है जब वह लोगों को यह बताना बंद कर देता है कि वह किस दौर से गुज़र रहा है। चाहे कितना भी स्ट्रेस हो। वह किसी से हमदर्दी मांगे बिना अकेले ही अपनी प्रॉब्लम सॉल्व कर लेता है।
कुछ चुतीये कहा करते थे कि "अगर बिहार का विकास चाहिए तो बिहार में BJP का CM बनाओ"।
15 अप्रैल को बिहार में BJP का CM बना।
अभी तक बिहार को PM Mitra Park, Defense Corridor, Chemical Park, Rare Earth Park, Semiconductor Plant, कृषि सखी योजना या NSC seed processing & packaging plants जैसा कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट नहीं मिला।
हाँ, बिजली व्यवस्था जरूर चौपट कर दी गई है।
बिहार की राजनीति अब दो ध्रुवों की ओर धकेली जा रही है—एक ध्रुव यादव, दूसरा सवर्ण।
नीतीश युग की राजनीति का बड़ा आधार यही रहा। Nitish Kumar ने यादव विरोध की राजनीति के सहारे सवर्ण ध्रुव के साथ अपना समीकरण बनाया।
Samrat Choudhary इस ध्रुवीकरण को तोड़ना चाहते थे, लेकिन फिलहाल यह संभव नहीं दिख रहा। Bharatiya Janata Party ने भी प्रयोग किया, पर वह सफल नहीं हुआ।
हम जैसे समाजवादी किसी भी विशेष जातीय गुट की राजनीति के पक्ष में नहीं हैं। समाजवादी धारा किसी एक जाति की नहीं, बल्कि पूरे जमात को साथ लेकर चलने की राजनीति करती है।
आशा है कि बिहार की राजनीति का अगला रास्ता भी यहीं से निकलेगा साझी भागीदारी के रास्ते से।
भारत के सभी लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा, नहीं तो बर्बाद हो जाएंगे।
भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला अभी चल रहा है, लाखों-करोड़ों का, जिसके लिए कोई आवाज़ नहीं उठा रहा है। सड़कों पर आना पड़ेगा।
गन्ने का जूस जो आपको बेचा जा रहा है।
इस घोटाले में सरकार, विपक्ष, बिजनेसमैन, जूस बनाने वाले, जूस बेचने वाले, और जूस में पानी मिलाकर बेचने वाले-सब शामिल हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं बोल रहा।
मोबाइल पर वीडियो बनाने से कुछ नहीं होने वाला है। क्या असर हो रहा है?
महीने में 5 लाख करोड़ से ऊपर का धंधा चल रहा है।
आम आदमी गन्ने का जूस पीने में व्यस्त है। सबको आगे आना पड़ेगा !
बीना आंदोलन के सड़क पर उतरे हुए कोई सुनवाई नहीं होगी
फैजल खान के झूठे FIR और राजनीतिक वर्चस्व के कारण रौशन आनंद सर को जेल हो गया।
इसी बीच छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत के बाद रौशन आनंद सर पूरी तरह टूट चुके हैं।
फैजल खान के एक झूठ ने पूरे परिवार को तहस नहस कर दिया।
अब खबर आ रही है कि रौशन आनंद सर खुद अस्पताल में हैं और वेंटिलेटर पर हैं।
भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना है कि रौशन सर जल्द स्वस्थ होकर हम सबके बीच वापस आएं।
ख़ान सर और रौशन सर के मामले के बाद देश के बड़ा बिज़नेस मोटिवेटर यूट्यूबर विवेक बिंद्रा ने सभी टीचर्स और यूरुबर्स का एक मीटिंग बुलाया और ख़ान सर के पक्ष में वीडियो बनाने के लिए बोला जिससे ख़ान सर का इमेज फिर से सुधारा जा सके।
इसका जिक्र राकेश यादव सर, अभिनय शर्मा सर और अंकित अवस्थी सर ने किया है। अभिनय शर्मा सर तो उस मीटिंग में भी गए थे और कैमरा ऑन भी था लेकिन अभिनय शर्मा ने वीडियो बनाने से माना कर दिया और बोले की किसी के pR के लिए हमलोग क्यों वीडियो बना रहे? बनाना है तो Neet पेपर पर बनाय, छात्रो के हित में बनाए प्रोस्नल PR करने के किए बैठे है क्या??
जैसा ख़ान सर झूठा वैसा ही विवेक बिंद्रा भी झूठा इंशान है 6 महीना पहले संदीप माहेश्वरी ने इसका काला चिठा खोल दिया था !
जब रौशन आनंद सर और खान सर के बीच गोलीबारी की घटना हुई थी, तब वीणा मानवी ने रौशन सर को 'छिछोरा' कहा था।
और अब उनके भाई के लिए निकाले गए कैंडल मार्च में पहुंचीं तो छात्रों का गुस्सा होना तो लाज़मी है... मौके पर मौजूद छात्रों ने "Go Back Veena Manvi" के नारे लगाए।
खबर है कि पटना के कारगिल चौक के पास आज वीणा मानवी की बहुत बेइज्जती हुई।
आज बीपीएससी का फाइनल रिजल्ट घोषित हुआ है जिसमें खान सर के चैनल पर ek पोस्ट किया जाता है कि
70वि बीपीएससी में सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई।
मगर अब खान सर के फर्जीवाड़े का इतना पोल खुल चुका है कि हर जगह लोग मजा ही ले रहे हैं अब इसी पोस्ट में देखिए एक
लड़का लिखता है कि सर मेरा लिस्ट में नाम नहीं है अधिकारी बना दीजिए इसी बहाने शादी विवाह भी हो जाएगा😂😂।
तो कोई लिख रहा है कि मैं चीनी चुरा नहीं खाके गया थे इसीलिए नहीं हुआ।
आज बिहार BPSC का रिजल्ट आया है लेकिन खान सर ने अभी तक एक भी चयनित अभ्यर्थी का दावा नहीं किया है
ऊपर से सोशल मीडिया पर युवा खान सर के मजे ले रहे हैं
एक युवक ने लिखा - 499 वाला कोर्स चाहिए जिसमें जिसमें चीनी बुरा खा कर एग्जाम में बैठना पड़ता है 😂
दूसरे ने लिखा - मैं बूरा चीनी खा कर नहीं गया था, सॉरी सर
फर्जी अधिकारी बनाने वाले फैजल खान की पोल खुल रही है अब युवा इसके झांसे.... Open Story
पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा
- मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी
जब कोई ठोस काम नहीं हो पाता तो यही टाइम पास करिये। जैसे पटना किसी मुगल के नामपर पर पड़ा है। अरे महाराज , पटनदेवी के नाम पर पटना है। देवी मां का अपमान मत करिये।
उप-मुख्यमंत्री विजय चौधरी जी ने अपने परिवार का फ़ायदा फहुँचाने के लिए पटना पूर्णिया ग्रींफ़ील्ड इक्स्प्रेसवे का रास्ता ही बदल दिया।
एक पत्र है 26 मार्च 2025 का जिसमें सड़क न तो विजय चौधरी जी के सरायरंजन से होकर गुजर रही है। @IndianExpress ने इसके ऊपर खबर की है। असल में भारत सरकार ने अपने नोटिफ़िकेशन में जिस गाँव का नाम लिखा है सड़क उसी गाँव से जा रही है लेकिन बस रास्ता बदल दिया गया है। मतलब पहले रास्ता गाँव के दक्षिण छोर से जा रही थी और अब उत्तरी छोर से जा रही है और इतना में ही खेला किया गया है। मतलब सारा दोष ग्राउंड पर सड़क की नपाई करने वाले व्यक्ति की है।
पुराने सड़क और नए सड़क के बीच मुश्किल से दो किमी का अंतर है। पुराना वाला दो किमी दक्षिण था और नया वाला दो किमी उत्तर हो गया है, मतलब सरायरंजन क़स्बा के और अधिक पास से गुजर रही है सड़क। बहुत सारे सवाल है जिसे उठाना चाहिए।
जैसे आगे आने वाले समय में जब सरायरंजन क़स्बा का विस्तार होगा तो अभी शहर के दूर से गुजर रहा ये इक्स्प्रेसवे विस्तारित होते शहर के बीचोंबीच हो जाएगा जो आगे आने वाले समय में समस्या पैदा करेगा।
दो किमी उत्तर क्यूँ किया गया सड़क को जब दो किमी दक्षिण से सड़क गुजरती तो कम से कम घरों और जानमाल की हानी होती। और किसी भी इक्स्प्रेस्वे का रूट तय करते समय सबसे अधिक प्राथमिकता यही दी जाती है कि सड़क कम से कम रिहायशी क्षेत्र से गुजरे लेकिन यहाँ पर उल्टा किया गया है।
रौशन आनंद जी के भाई प्रिंस यादव जी की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। अपने भाई को खोने के बाद रौशन आनंद जी जिस पीड़ा और न्याय की लड़ाई से गुजर रहे हैं, वह हर संवेदनशील इंसान को बेचैन कर देने वाली है। भाई की मौत का दर्द क्या होता है,यह मै अच्छी तरह समझ सकता हूँ क्योंकि मैने भी अपना भाई खोया है।
नेता प्रतिपक्ष आदरणीय तेजस्वी यादव जी द्वारा कोचिंग संस्थानों के अपसी विवाद की की सीबीआई जांच की मांग पूरी तरह जायज़ है। साथ ही प्रिंस यादव हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए बिहार सरकार केंद्र सरकार के माध्यम से अविलंब नेपाल सरकार से संपर्क कर दोषियों को ऐसी कड़ी सजा दिलाए कि भविष्य में किसी भी परिवार को प्रिंस यादव जी जैसी दर्दनाक त्रासदी न झेलनी पड़े। रौशन आनंद जी की न्याय की लड़ाई केवल एक भाई की लड़ाई नहीं, बल्कि सच और इंसाफ की लड़ाई है।
प्रिंस यादव जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।
@yadavtejashwi@laluprasadrjd@samrat4bjp
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अगर आप यादव है और बिहार से हैं तो जानिए आपके साथ क्या-क्या कर सकती है यह भाजपा की सरकार मुख्यमंत्री सम्राट कुशवाहा।
यादव पत्रकार है तो आपको झूठे केस में जेल भेज दिया जाएगा सरकार के खिलाफ बोलेंगे तो
यादव नेता है तो आपको जमीन माफिया बालू माफिया घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।
यादव छात्र है तो आपका सरनेम देखकर आपको फेल कर दिया जाएगा नौकरी से बेदखल कर दिया जाएगा।
अगर आप बिहार में यादव अधिकारी है तो आपको सस्पेंड कर दिया जाएगा लाइन हाजिर कर दिया जाएगा झूठ इरिगेशन लगाकर।
अगर आप मुखिया है यादव है आपको लापरवाही के आरोप में 6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
अगर आप यादव शिक्षक हैं तो रोशन आनंद यादव सर के परिवार को देख लीजिए और आंखें बंद कर लीजिए दिल पर हाथ रख कर सो जाइए।💔🙏
रौशन आनंद सर से फैसल खान क्यों चिढ़ता है इसको लेकर SK झा सर ने खुलासा किया है।
SK झा सर कह रहे है कि जिस जगह पर रौशन और फैसल खान रहते थे वहां लगभग 25 शिक्षक और रहते थे। फैसल खान ने सभी को भगा दिया लेकिन रौशन आनंद को नहीं भगा पाया इसी को लेकर फैसल खान जलता रहता है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अपने रिश्तेदार की 10.5 बीघा ज़मीन बचाने के लिए एक्सप्रेसवे का रूट बदला, नए रूट में अब 6,000 स्टूडेंट्स वाला कॉलेज, 150 घर और कई दुकानें आएंगी जिन्हें विजय चौधरी के भ्रष्टाचार की बलि चढ़ाकर ध्वस्त किया जाएगा? आज की ये खबर!