@rajput_of_india जब किसी समाज या जाति का पतन होना शुरू होता है इसी प्रकार की मनोदशा होती है और वो इसी प्रकार से अपनों को छोड़ दूसरों से निकटता बढ़ाते हैं इन कुछ तथाकथित राजदूतों के साथ भी यही हो रहा है कृपया सँभल के रहें
@rajput_of_india@digvijaya_28 Tu bhi swami Prasad Maurya se kam nahi…abhi thakurrr itne bhi bewkhuffff nahi hue jo tere Jaise abdullaaaa pe bharosaaa karengeee
@rajput_of_india चुने कहाँ से राजपूतों का ठेका ले लिया हम पढ़ी लिखी जाति है तेरे जैसे तथाकथित ग़द्दारों के बहकावे में नहीं आनेवाले.. तुम्हारे जैसे जयचनद हर क़ौम में है,,