@ashokgehlot51 राजस्थान में बढ़ती हुई MBBS डाक्टर्स की #बेरोजगारी ओर स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए ।
राजस्थान #मेडिकल#ऑफिसर के पदों की संख्या 600 से बढ़ा कर 2000 करनी चाहिए।
प्रदेश के युवा चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल ने दो समस्याओं को लेकर आवास पर मुलाकात की और अपनी पीड़ा से अवगत कराया।
पहला मुद्दा विदेश से मेडिकल डिग्री (MBBS) हासिल करने वाले FMG इंटर्न्स का है। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे ये युवा चिकित्सक बाकी इंटर्न्स की तरह मरीजों की सेवा कर रहे हैं, फिर भी इन्हें स्टाइपेंड से वंचित रखा गया है, जबकि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देश भी मौजूद हैं। राज्य सरकार को इस मांग को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नियमानुसार स्टाइपेंड सुनिश्चित करना चाहिए।
दूसरा मुद्दा चिकित्सा अधिकारी भर्ती-2026 में पदों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा है। युवा चिकित्सक इन पदों की संख्या 600 से बढ़ाकर 2,000 करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में चिकित्सकों की भारी कमी लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में सीमित पदों पर भर्ती न सिर्फ योग्य युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। यदि सरकार पदों की संख्या बढ़ाती है, तो इससे एक साथ दोनों उद्देश्य पूरे होंगे।
राज्य सरकार इन दोनों मांगों पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करे और युवा चिकित्सकों के साथ न्याय सुनिश्चित करे। @RajCMO