गांधी तो बनिया समाज का सरनेम है!
तो फिर ये पप्पू जनेऊधारी ब्राह्मण कैसे हुआ?
अगर बनिया है तो ब्राह्मण कैसे?
आगर ब्राह्मण है तो बनिया कैसे?
इस बहरूपिए की असली जाति गोत्र क्या है?
@grok जी आप ही बताओ मेरा तो सिर ही चकराने लगा...!
रोंगटे खड़े करने वाला संवाद है— सुनिएगा ज़रूर
कलियुग के शतरंज मै राम नियम है, तो कृष्ण चाल है
मर्यादा मै रहना है तो श्री राम से सीखो
और मर्यादा मै रखना है तो श्री कृष्ण से सीखो
हरे कृष्ण - हरे राम !!
कितनी गज़ब की बात है कि नरेंद्र मोदी को कुर्सी से हटाने की बात कभी देश की विपक्षी पार्टियों के साथ एक खास मजहब और कुछ खास जातियों के लोग करते थे।
लेकिन अब देश का हिंदू, सवर्ण भी मोदी को हटाने की बात कर रहा है। किसी को देश से मतलब नहीं, किसी को धर्म से मतलब नहीं। सभी को अपना-अपना हित दिखाई दे रहा है और वही बात सुहाती है।
🔥 मोदी ने देश को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी ने 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनवाया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी सरकार ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान देश को संभाला, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी ने पाकिस्तान के सामने भारत की ताकत का एहसास कराया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर बढ़ने के अवसर दिए, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 गरीबों को पक्के मकान दिए, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 देश के हर वर्ग को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का काम किया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 आतंकवादी घटनाओं पर लगाम लगी, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 देश तोड़ने की बातें करने वालों पर कार्रवाई हुई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 हमारे सैनिकों की सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता मजबूत हुई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 सीमाओं की सुरक्षा मजबूत हुई और घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई हुई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 पड़ोसी देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से जुड़े नागरिकता संबंधी मुद्दों पर भी सरकार ने नीतिगत कदम उठाए, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 पिछले वर्षों में शिक्षा, परिवहन, रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार हुआ, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 सेना को ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से स्वदेशी रक्षा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में काम हुआ, फिर भी किसी को कोई मतलब नहीं।
कुछ समय पहले जंतर-मंतर पर मोदी-विरोधी लोग मोदी को सत्ता से हटाने की बात कर रहे थे। आज उसी जंतर-मंतर पर हिंदू, ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया भी मोदी को हटाने की बात कर रहे हैं।
आज ये लोग आरक्षण के खिलाफ हैं और साथ ही मोदी के खिलाफ भी हो गए हैं, जैसे आरक्षण मोदी ने ही लागू किया हो।
आज भी हिंदू और सवर्ण उस कांग्रेस को वोट देते हैं, जिसकी राजनीति में आरक्षण व्यवस्था का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख रहा है।
आज जब नरेंद्र मोदी को हिंदू समाज के समर्थन की आवश्यकता है, तो कई लोग केवल इस उम्मीद में उनका साथ छोड़ रहे हैं कि मोदी आरक्षण हटा दें।
चलो मान लेते हैं कि मोदी आरक्षण हटा भी दें, लेकिन क्या इसकी कोई गारंटी है कि उसके बाद दलित और आदिवासी वर्ग का बड़ा हिस्सा मोदी के खिलाफ नहीं जाएगा? और तब क्या यही सवर्ण समाज पूरी मजबूती से मोदी के साथ खड़ा रहेगा?
2024 के चुनाव में भाजपा की सीटें 303 से घटकर 240 हुईं। अयोध्या में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। एक संत और लोकप्रिय नेता योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र में भी भाजपा को झटका लगा। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि आगे भी क्या हिंदू समाज एकजुट होकर मोदी का साथ देगा?
आज हर व्यक्ति अपनी जाति, अपने समाज और अपने अधिकारों की चिंता कर रहा है। लेकिन उस 76 वर्ष की उम्र में देश के लिए लगातार काम कर रहे नरेंद्र मोदी की चिंता कितने लोग कर रहे हैं?
आज नरेंद्र मोदी को बच्चा-बच्चा गालियाँ देता है, यहाँ तक कि उनकी माँ को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक बातें कही जाती हैं। फिर भी वे बहुत कुछ सुनकर चुप रहते हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि हिंदू समाज उनके साथ खड़ा है।
लेकिन मोदी जी को शायद यह भ्रम दूर कर लेना चाहिए कि पूरा हिंदू समाज हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। आज राजनीति में हर वर्ग अपने हित को प्राथमिकता दे रहा है।
एक बात याद रखिए, जिस दिन मोदी सत्ता से हटेंगे, उस दिन आपकी जाति, आपका समाज और आपका हिंदू होना अपने आप आपकी राजनीतिक सुरक्षा की गारंटी नहीं होगा।
क्योंकि मोदी के बाद सत्ता जिनके हाथों में जाएगी, उनके बारे में उनके आलोचक अक्सर आरोप लगाते हैं कि वे हिंदू हितों के प्रति उदासीन और मजहबी राजनीति के प्रति अधिक झुके हुए हैं।
इसलिए फैसला केवल अपने तात्कालिक हित को देखकर नहीं, बल्कि देश, समाज और भविष्य को ध्यान में रखकर करना होगा।
*यह वीडियो यदि (80से85 करोड़) भारतीय जनता के मोबाइल पहुंच जाये, तो 2029 मे 500 सीट तो छोटी बात हैं, कांग्रेस मुक्त भारत भी हो सकता हैं। अगर भारतमाता के बेटे या बेटी हो, तो पूरी शक्ति से फैलाओ इस वीडियो को। जय हिंद।*👌
Abhijeet Dipke will never attend interview with her 🚨
Reporter: Abhijeet sir, you keep saying India needs a young PM and that Narendra Modi is not fit. On what basis are you saying this?
Abhijeet Dipke: See, India is a young country. Average age is 28-29. Modi is 75. How can old leaders understand youth problems? We need young energy.
Reporter: Okay. Then tell me one thing — who elected him? The same young voters you talk about. In 2014, 2019 and 2024, people of India gave him clear majority.
Abhijeet Dipke: I am not talking about election. I am talking about fitness. He is making reels, acting like influencer…
Reporter: So according to you, if a leader connects with youth through social media, he becomes unfit? Then every young leader who uses Instagram should also leave politics? And you yourself became famous only because of social media. Is that also wrong?
Abhijeet Dipke: No, no… I mean he should leave the chair and become full-time influencer.
Reporter: Interesting. You worked with AAP for years. Did you ever say the same thing about Arvind Kejriwal when he was getting older? Or only when the leader is from BJP? Why this selective talk?
Abhijeet Dipke: I am talking about system. Paper leaks happened, unemployment is there…
Reporter: Paper leak is a serious issue, no doubt. But after protests, the Education Minister resigned. That is accountability. Now tell me — in the last 10 years, how many free houses, toilets, gas connections, bank accounts and vaccination drives happened under this government? Can you deny these numbers, or will you only talk about problems and ignore all work?
Abhijeet Dipke: Work is there but youth is frustrated…
Reporter: Frustration is real but frustration alone does not make someone the next PM. You are asking for young leadership. Fine. Then name three young leaders from your side who have run a state, managed a budget of lakhs of crores handled national security or won people’s trust in multiple elections. Can you name even one?
Abhijeet Dipke: We need to create that space…
Reporter: Exactly,First create that space through hard work and elections. Don’t just sit on social media and declare that the elected PM is not fit. Democracy is not decided by who speaks louder. It is decided by who people vote for. Right now people have already given their answer three times. Your opinion is fine but it is still just an opinion.
Abhijeet Dipke: Goes Completely silent 😶.