संघर्ष जिनकी बुनियाद है...! शैक्षिक, सामाजिक, राजनीतिक पहरुआ।
President-All India Ph.D Holders Association(INDIA),
Ex.Student Leader University of Allahabad.
मोदी सरकार ने अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाई।
सस्ती और अच्छी सरकारी शिक्षा उपलब्ध कराने के बदले, एक पूरी पीढ़ी के भविष्य को निजीकरण से नीलाम कर दिया।
आज, देश के करोड़ों परिवार इसकी कीमत चुका रहे हैं - हमें मिल कर यही व्यवस्था बदलनी है।
आज राहुल गांधी ने एक ऑडियो शेयर किया था जो इंडिया गठबंधन की मीटिंग में उनकी स्पीच का था। वो अंग्रेजी में था लेकिन मुझे जिज्ञासा थी ये जानने की कि उन्होंने मीटिंग में क्या कहा होगा...तो इसे अपने लिए हिंदी में ट्रांसलेट किया...पढ़ते हुए लगा कि ये बहुत जरूरी है तो आप भी पढ़ सकते हैं...
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मैं आज यहां आए सभी लोगों का स्वागत करता हूं। आने के लिए धन्यवाद। कई साल पहले मेरी एक बहुत अच्छे दोस्त से बहस हुई थी। मैंने उससे कहा, "जो तुम कर रहे हो वो बिल्कुल अनफेयर है।" उसका जवाब था — "दुनिया अनफेयर है। अब इसकी आदत डाल लो।"
आज यहां कांग्रेस पार्टी के बारे में जो कुछ भी कहा गया, उसका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम शिव परंपरा को अपनाना है — सब कुछ निगल जाना। नीले कंठ वाले शिव की तरह, जो सारा जहर पी जाते हैं।
आप चाहे जितना कहें, मुझ पर या कांग्रेस पर जितनी भी आलोचना करनी हो, हम उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे। हम आपको खुश करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका आपकी भूमिका से बुनियादी तौर पर अलग है। और यह मैं अहंकार से नहीं कह रहा हूं। मेरी भूमिका आप सबको प्यार और स्नेह से जोड़ने की है।
मैं 2004 से कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं, जब मैंने अपना पहली चुनाव लड़ा था। हमारी पार्टी भारत की दूसरी सभी पार्टियों से बुनियादी तौर पर अलग तरीके से संगठित है। और मैं यह विनम्रता से कह रहा हूं। क्यों?
क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत अस्तित्व में भी नहीं था। अन्य सभी पार्टियों के विपरीत, इसे भारतीय राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर खड़ा नहीं किया गया था। कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है, जो इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय बराबर हैं।
हम RSS की सोच के बिल्कुल खिलाफ हैं। हम मर जाएंगे, कांग्रेस पार्टी में मर जाएंगे, लेकिन BJP या RSS के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। इसके लिए हमें हमारे सिर काटने पड़ेंगे। मुझे पता है कि इस देश में लाखों-लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जो कहेंगे — "हमारे सिर काट दो, हम RSS के सामने झुकेंगे नहीं।"
मुझे अफसोस है कि इस समूह में कुछ भ्रम है। भ्रम यह है कि आप — SP, TMC, RJD — यह मानते हैं कि अब तक जो राजनीतिक औजार आप इस्तेमाल करते आए हैं, वे आगे भी काम करेंगे।
दरअसल वे तभी काम करते थे जब देश का सिस्टम उन्हें निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराता था। वो मैदान अब नहीं बचा है। BJP देश के संस्थानों पर कब्जा कर चुकी है। BJP कानूनी व्यवस्था को कंट्रोल करती है। BJP नौकरशाही को कंट्रोल करती है। खुफिया एजेंसियों को कंट्रोल करती है। BJP चुनाव आयोग को भी कंट्रोल करती है।
मेरे TMC में कई दोस्त हैं। वे मानते थे कि बंगाल में वे चुनाव जीत रहे हैं। मैं उन्हें बार-बार कहता रहा — तुम सपनों की दुनिया में हो। मैंने गुजरात में देखा है, मध्य प्रदेश में देखा है, छत्तीसगढ़ में देखा है, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। फिर भी आपमें से कई अभी भी आश्वस्त नहीं हैं।
कांग्रेस पार्टी प्रतिरोध की पार्टी है। इसे भारतीय राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है। बल्कि, जितना ज्यादा भारतीय राज्य के संस्थान दबाए जाएंगे, कब्जाए जाएंगे, कांग्रेस पार्टी उतनी ही आक्रामकता से भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी। हम सभी कांग्रेस पार्टी के आदर्शों को साझा करते हैं। वे आदर्श क्या हैं? सत्य, अहिंसा और करुणा।
मुख्य मुद्दा क्या है? मुझे आपसे लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे पागल होना पड़ेगा कि अचानक उठकर कहूं — "मैं तुमसे लड़ूंगा क्योंकि तुम हमारे सहयोगी हो, हमारे दोस्त हो, हम जिनसे प्यार करते हैं।
"कृपया समझिए, हमने 2024 का चुनाव जीता था। हमने हारा नहीं था। आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गए? वह मेरी वजह से नहीं, कांग्रेस की वजह से नहीं गए। और मैं आपको बताता हूं कि निकट भविष्य में वे कुछ औजार भी काम करना बंद कर देंगे, क्योंकि BJP और RSS भारतीय राज्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने 100 साल से ज्यादा पहले यही फैसला लिया था। 1927 से पहले हम एक राजनीतिक संगठन थे। गांधी जी ने जब स्वराज की मांग की, हम प्रतिरोध आंदोलन बन गए। अगर राजनीतिक पार्टियां काम नहीं कर सकतीं, तो क्या काम कर सकता है? प्रतिरोध काम करता है। Resistance works।
जहां हम प्रतिरोध करते हैं, वहां काम करता है। मैंने अपनी आंखों से देखा है। मैंने इस देश में 4000 किलोमीटर पैदल चला है। Resistance works।आपको राजनीतिक आर्किटेक्चर की जरूरत नहीं। नौकरशाही की जरूरत नहीं। खुफिया एजेंसियों की जरूरत नहीं। आपको सिर्फ प्रतिरोध का कार्य चाहिए। मतलब — मैं प्रतिरोध करूंगा। मैं अन्याय नहीं होने दूंगा। बस। खत्म। यह एक भावना है, संगठन नहीं। यह सोचने का तरीका है। और चाहे हम पसंद करें या नहीं, हमें वहीं जाना होगा। माइंडसेट बदलना होगा। माइंडसेट अब यह होना चाहिए कि हम एक-दूसरे से नहीं लड़ेंगे। हम प्रेस को हम पर हमला करने का मौका नहीं देंगे। हम प्रतिरोध करेंगे।
आप सोच रहे हैं कि चुनौती अगला चुनाव जीतने की है। अगला चुनाव तो पहले ही जीत लिया गया है। कृपया समझिए, भारत की जनता में इतना गुस्सा है कि अगला चुनाव पहले ही खत्म हो चुका है। समस्या RSS द्वारा भारतीय राज्य के औजारों पर कब्जा है। समस्या यह है कि आपको जीतने के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं मिलेगा। इसलिए हमें प्रतिरोध मोड में जाना होगा। Resistance works। Resistance CBSE है। Resi
stance NEET है। Resistance पदयात्रा है। सुबह उठकर पूछो — मैं आज प्रतिरोध कैसे करूं? और प्रतिरोध करो। मैं आपको गारंटी देता हूं, यह काम करेगा।
मेरी नजर में, किसी भी तरफ से कोई भी आलोचना मैं खुशी से झेलने को तैयार हूं, क्योंकि मेरे लिए यह धार्मिक कर्तव्य है, आध्यात्मिक कर्तव्य है। यह अब राजनीति नहीं रही। इसलिए मैं आपको वादा करता हूं कि इस समूह को जोड़ने और सफल बनाने के लिए जितना भी अपमान सहने पड़ेंगे, मैं सहूंगा। आगे कैसे बढ़ें, यह बहुत सरल है। हमें एक खास विचार से दूर होना होगा। ममता दी 100% तो नहीं, लेकिन 90% यकीन से कहती हैं कि उनका चुनाव चुराया गया। उद्धव जी 40% यकीन रखते हैं। मेरे भाई तेजस्वी 40%... सुनिए, 100% यकीन रखिए — चुनाव चुराए जा रहे हैं। अपने मन से सारे संदेह हटा दीजिए। समझिए कि सोशल मीडिया पर उपस्थिति बनाने में सालों लगते हैं। यह एक हफ्ते में ऑर्गेनिक नहीं होता। मेरे 1 करोड़ YouTube फॉलोअर्स हैं, लेकिन मेरा अकाउंट पूरी तरह दबाया गया है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि सोशल मीडिया निष्पक्ष है और विपक्ष को सपोर्ट मिल रहा है, तो आप दूसरी दुनिया में जी रहे हैं। पूरा आर्किटेक्चर — मीडिया, सोशल मीडिया, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां — सब इस सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए संरेखित हैं। लेकिन यह सरकार टिक नहीं पाएगी। यह टिक नहीं पाएगी क्योंकि इसने हमारे लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। इसने भारतीय लोगों के भविष्य को नष्ट कर दिया है।
अब जो आने वाला है (ईरान के बाद), वह अनियंत्रित है। और यह हमें जनता को संगठित करने का अवसर देगा। यह भी समझ लीजिए कि हम समन्वयित नहीं हैं, साथ नहीं काम करते — ये सब BJP और उनके मीडिया दोस्त फैला रहे हैं। यह सच नहीं है।
मैं DMK की गारंटी ले सकता हूं कि भारत के विचार की रक्षा में हर कोई इस कमरे में खड़ा होगा। हमारे बीच झगड़े हैं, लेकिन अगर आप मुझसे कहें कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाऊं, तो मैं नहीं कर सकता और नहीं करूंगा, क्योंकि मेरी उनसे राजनीतिक लड़ाई चल रही है।
हमें लचीले होना होगा और समझना होगा कि हम पर पूरा हमला है — यह साबित करने के लिए कि विपक्ष कमजोर है, disorganized है।अंत में, मुझे लगता है कि हमारी चर्चाओं में अक्सर उदासी छाई रहती है। लोग सोचते हैं — "ओह भगवान, हम BJP को कभी हरा पाएंगे?" मैं आपको बताता हूं, अगर हम साथ खड़े होकर प्रतिरोध करें तो उन्हें हराना आसान है। पिछले चुनाव में इस कमरे में मेरे अलावा किसी को यकीन नहीं था कि हम BJP को हरा सकते हैं। अब इस कमरे में हर कोई यह विश्वास करना शुरू करे कि हम उन्हें हरा देंगे।इस विश्वास से शुरू कीजिए, और मैं गारंटी देता हूं — राज्य दर राज्य, चुनाव दर चुनाव, चाहे वे धांधली करें या न करें, वे गिरेंगे।
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुनने वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी कहाँ से आएगी?
Read this story. Carefully.
CBSE called for OSM tenders thrice. Zero bids the first time. No qualified bidder the second time. And finally, the technical bar was lowered until COEMPT could clear it.
Scanning resolution cut. Robotic scanner requirement dropped. CMMI certification lowered from Level 5 to Level 3. Penalties for errors in answer sheets removed.
TCS, India’s biggest IT services company, qualified in the third round too. TCS lost. COEMPT - a company with a spectacular track record of failure - won.
And what are CBSE students complaining about today? Badly scanned answer sheets. Missing pages. A broken evaluation portal.
Teachers had warned CBSE that the OSM system needed at least a year or two for further preparation before nationwide implementation, yet it was rushed through.
So I ask again - who wanted COEMPT to win? Who lowered the bar, step by step, until this company could clear it?
Pradhan ji and CBSE say “due process was followed.” That is not an answer, that is not accountability. The question is whether the contract was honestly awarded to the best company which could do the job correctly.
The futures of 18.5 lakh children were handed to a company that could only qualify after the rules were bent for it.
To the BJP Ministers attacking me for asking questions - I have, from day one, demanded an independent judicial probe. Expand it from CBSE to every contract awarded to COEMPT. Our youth deserve the truth.
And Modi ji, your silence on the CBSE debacle and inaction against the Education Minister tells the country what you actually care about - not the futures of lakhs of students, only the survival of your own government.
Shri @siddaramaiah has earned widespread respect as an OBC and #AHINDA leader for ensuring a smooth and graceful transition of power.
He carried out politics with maturity and dignity, and is now bringing a significant political chapter to a close with the same grace.
Shri @siddaramaiah has earned widespread respect as an OBC and #AHINDA leader for ensuring a smooth and graceful transition of power.
He carried out politics with maturity and dignity, and is now bringing a significant political chapter to a close with the same grace. His approach offers an important lesson in leadership, humility, and democratic values for others to reflect upon.
रामभद्राचार्य जी गौ-भक्त हैं, राम भक्त हैं तो वे ये बताएं कि मोदी जी ने तो गौ-मांस भक्षक किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में रखा है. क्या रामभद्राचार्य जी इसे उचित मानते हैं ?
मैं रामभद्राचार्य जी से विनम्र निवेदन करता हूं कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी को निर्देशित कर के पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं.
और रामभद्राचार्य जी बड़े ज्ञानी और गुणी हैं, मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि ये मोदी जी ट्रंप के सामने इतना झुक क्यों जाते हैं, आप अपनी दिव्यदृष्टि से देख कर बताएं.
जिस तरह से देश में लाखों लोगों का वोट देने का अधिकार खत्म कर दिया गया, आप विशिष्ट जाति और धर्म के लोगों को वोट नहीं करने देते, जो इस देश के आधिकारिक नागरिक हैं, यह भी देशद्रोह है
- संजय राऊत
CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आधुनिक भारत की मज़बूत नींव रखते हुए उन्होंने एक समावेशी, सौहार्दपूर्ण और प्रगतिशील भारत निर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित उनका दूरदर्शी नेतृत्व सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।
बीजेपी को अब खुली छूट मिल गई है कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके अपने पसंद की मतदाता सूची बनवाना जारी रखे !
फिर सुप्रीम कोर्ट ने देश को निराश किया है
: मुकेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार
भाजपा नेताओं के बच्चें अंग्रेजी स्कूलों में या फिर विदेश में पढ़ रहे...यूपी के मंत्री महोदया की बात भाजपा नेता,मंत्री,सांसद,विधायक ही नहीं मान रहे।
ये सलाह किसके लिए है? #भाजपा#कांग्रेस
भाजपा नेताओं के बच्चें अंग्रेजी स्कूलों में या फिर विदेश में पढ़ रहे...यूपी के मंत्री महोदया की बात भाजपा नेता,मंत्री,सांसद,विधायक ही नहीं मान रहे।
ये सलाह किसके लिए है? #भाजपा#कांग्रेस