साधना में तरह-2 के अनुभव होते हैं। साधक उनके मोह में फंस जाते हैं। और वे जब दुबारा नही होते तो दुखी होते हैं!
समस्त अनुभवो को अहोभाव व्यक्त कर गुजर जाना है।
साधक का लक्ष्य सुमिरन सिद्धि होना चाहिए।
जहां वह कह सके -‘भलो भयो हरि बिसरयो, मेरे सर से टली बलाय।’
#जय_समर्थगुरु
साक्षी का अर्थ है निराकार के तल पर,आत्मा के तल पर जीना-सब्जेक्टिव लिविंग। संसार हो या परमात्मा,दोनों के प्रति जागरण निराकार के तल पर ही संभव है। देह,मन,हृदय के तल पर जीना बेहोशी है। निराकार के तल पर,आत्मा के तल पर, सब्जेक्टिविटी के तल पर जीना जागरण है, साक्षी है।
~समर्थगुरू
जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय भाजपा नेता कुलदीप राज गुप्ता जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने अपना जीवन जन कल्याण के साथ-साथ समाज के सशक्तिकरण के लिए समर्पित कर दिया। ईश्वर शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों को संबल प्रदान करे। ओम शांति!
People of jammu should learn from prof Bhim singh . He is getting is treatment from Superspeciality hospital jammu . He can afford any private hospital in India but he has faith in jammu doctors . Hats off sir Get well soon . @HealthMedicalE1@diprjk@manojsinha_@DrJitendraSingh